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शहीद के परिजनों से से मिलकर प्रिंयका ने बंधाया ढांढस
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पड़ाव। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा बुधवार को पुलवामा हमले में शहीद अवधेश के गांव बहादुरपुर पहुंची। प्रियंका ने शहीद के पिता हरिकेश यादव, मां मालती देवी और पत्नी शिल्पी यादव से मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछा और ढांढस बंधाया। भरोसा दिलाया कि जब कभी कोई जरूरत पड़े, आपलोग याद करें मदद की जाएगी। उन्होंने अपना मोबाइल नंबर भी दिया।
प्रियंका गांधी का काफिला दोपहर बाद करीब 4.37 बजे पड़ाव चौराहे पर पहुंचा। वहां पहले से मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों जुटी भीड़ ने जिंदाबाद के नारे लगाए। वहां से उनका काफिला 4.50 बजे शहीद के घर पहुंचा। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वह शहीद के घर पहुंची और सबसे पहले शहीद अवधेश के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने शहीद के पिता हरिकेश यादव से बात की। हरिकेश यादव ने बताया कि उन्होंनें सांत्वाना दी और कहा कि कभी कोई दिक्कत हो मोबाइल नंबर से संपर्क कर सकते हैं। इसके बाद उनकी मां मालती देवी से मिली। कैंसर पीड़ित मालती देवी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। कहा कि आप दिल्ली इलाज कराना चाहती हैं तो वहां आएं आपका इलाज कराया जाएगा। वहीं शहीद के छोटे भाई बृजेश के नौकरी देने की बात भी परिवार वालों ने उनके सामने रखी। उन्होंने कहा कि इसमें जो संभव होगा पूरा प्रयास किया जाएगा। इसके बाद वह शहीद की पत्नी शिल्पी यादव के कमरे में गई। शिल्पी से मुलाकात की और सांत्वना दी। शिल्पी से कहा कि हमारे पापा के साथ भी ऐसा हुआ था, हम इस पीड़ा को समझ सकते हैं। उन्होंने शिल्पी से कहा कि अपने डेढ़ साल के बेटे का पूरा खयाल रखना। कभी उसे पिता की कमी महसूस मत होने देना। उसकी पढ़ाई और स्वास्थ्य पर पूरा ध्यान देने की जरूरत है। सामाजिक ताने-बाने का भी पाठ पढ़ाया। प्रियंका ने कहा कि समाज में तमाम लोग है और कई तरह की बातें करते हैं। इससे बेफिक्र होकर बच्चे और परिवार के साथ हमेशा आगे बढ़ने की कोशिश करना। अपने को अकेला कभी महसूस मत करना। उन्होंने शिल्पी को भी अपना मोबाइल नंबर दिया और कहा कि जब कभी कोई दिक्कत हो बेहिचक होकर फोन कर लेना। हमसभी आपके साथ हैं। प्रिंयका करीब 17 मिनट परिवार के साथ रहने के बाद वहां से रवाना हो गई। इस दौरान प्रियंका को देखने के लिए काफी भीड़ जुटी थी। लोग छतों और खिड़कियों से एक झलक पाने के लिए बेताब थे। इस दौरान उपस्थित लोग पूर्व सांसद राजेश मिश्रा, डॉ. राजेश चौधरी, विधायक अजय राय, विधायक ललितेश पति त्रिपाठी, मुकुट धारी पांडेय, राकेश उपाध्याय, प्रभुनाथ पांडेय, जय प्रकाश पटेल, मधु राय, जन अधिकार मंच के रविंद्र नाथ कन्हैया सिंह, दंगल यादव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह मुन्ना, योगेंद्र शर्मा, राम हर्ष मौर्य, ग्राम प्रधान श्रीवाश्रय यादव मौजूद रहे।
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-02-नीरव का देश में आना अचीवमेंट है तो भेजा किसने था
कांग्रेस और संगठन को मजबूती मिलेगी
अमर उजाला ब्यूरो
पीडीडीयू नगर। बहादुरपुर स्थित शहीद अवधेश के परिवार वालों से मिलने के बाद प्रियंका ने कहा कि पूरी आशा है कि इस दौरे से कांग्रेस और संगठन मजबूत होगा। लोगों को पता चलेगा कि हम राजनीति को मजबूत बनाना चाहते हैं और नई राजनीति की शुरूआत होगी। वह मीडिया से बात कर रही थी।
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पत्रकारों के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नीरव मोदी को देश में लाना अचीवमेंट है तो बाहर भेजा किसने था। उनसे जब यह पूछा गया कि वाराणसी मोदी का गढ़ है और चन्दौली बीजेपी के अध्यक्ष और सांसद का गढ़ है। इस पर उन्होंने कोई भी जवाब नहीं दिया। कहा यहां राजनीति करने नहीं आई हूं। देश के शहीद परिवार के दुख में शामिल होकर उनके साथ संवेदना प्रकट करने आई हूं।
प्रियंका गांधी का काफिला दोपहर बाद करीब 4.37 बजे पड़ाव चौराहे पर पहुंचा। वहां पहले से मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों जुटी भीड़ ने जिंदाबाद के नारे लगाए। वहां से उनका काफिला 4.50 बजे शहीद के घर पहुंचा। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वह शहीद के घर पहुंची और सबसे पहले शहीद अवधेश के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने शहीद के पिता हरिकेश यादव से बात की। हरिकेश यादव ने बताया कि उन्होंनें सांत्वाना दी और कहा कि कभी कोई दिक्कत हो मोबाइल नंबर से संपर्क कर सकते हैं। इसके बाद उनकी मां मालती देवी से मिली। कैंसर पीड़ित मालती देवी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। कहा कि आप दिल्ली इलाज कराना चाहती हैं तो वहां आएं आपका इलाज कराया जाएगा। वहीं शहीद के छोटे भाई बृजेश के नौकरी देने की बात भी परिवार वालों ने उनके सामने रखी। उन्होंने कहा कि इसमें जो संभव होगा पूरा प्रयास किया जाएगा। इसके बाद वह शहीद की पत्नी शिल्पी यादव के कमरे में गई। शिल्पी से मुलाकात की और सांत्वना दी। शिल्पी से कहा कि हमारे पापा के साथ भी ऐसा हुआ था, हम इस पीड़ा को समझ सकते हैं। उन्होंने शिल्पी से कहा कि अपने डेढ़ साल के बेटे का पूरा खयाल रखना। कभी उसे पिता की कमी महसूस मत होने देना। उसकी पढ़ाई और स्वास्थ्य पर पूरा ध्यान देने की जरूरत है। सामाजिक ताने-बाने का भी पाठ पढ़ाया। प्रियंका ने कहा कि समाज में तमाम लोग है और कई तरह की बातें करते हैं। इससे बेफिक्र होकर बच्चे और परिवार के साथ हमेशा आगे बढ़ने की कोशिश करना। अपने को अकेला कभी महसूस मत करना। उन्होंने शिल्पी को भी अपना मोबाइल नंबर दिया और कहा कि जब कभी कोई दिक्कत हो बेहिचक होकर फोन कर लेना। हमसभी आपके साथ हैं। प्रिंयका करीब 17 मिनट परिवार के साथ रहने के बाद वहां से रवाना हो गई। इस दौरान प्रियंका को देखने के लिए काफी भीड़ जुटी थी। लोग छतों और खिड़कियों से एक झलक पाने के लिए बेताब थे। इस दौरान उपस्थित लोग पूर्व सांसद राजेश मिश्रा, डॉ. राजेश चौधरी, विधायक अजय राय, विधायक ललितेश पति त्रिपाठी, मुकुट धारी पांडेय, राकेश उपाध्याय, प्रभुनाथ पांडेय, जय प्रकाश पटेल, मधु राय, जन अधिकार मंच के रविंद्र नाथ कन्हैया सिंह, दंगल यादव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह मुन्ना, योगेंद्र शर्मा, राम हर्ष मौर्य, ग्राम प्रधान श्रीवाश्रय यादव मौजूद रहे।
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-02-नीरव का देश में आना अचीवमेंट है तो भेजा किसने था
कांग्रेस और संगठन को मजबूती मिलेगी
अमर उजाला ब्यूरो
पीडीडीयू नगर। बहादुरपुर स्थित शहीद अवधेश के परिवार वालों से मिलने के बाद प्रियंका ने कहा कि पूरी आशा है कि इस दौरे से कांग्रेस और संगठन मजबूत होगा। लोगों को पता चलेगा कि हम राजनीति को मजबूत बनाना चाहते हैं और नई राजनीति की शुरूआत होगी। वह मीडिया से बात कर रही थी।
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पत्रकारों के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नीरव मोदी को देश में लाना अचीवमेंट है तो बाहर भेजा किसने था। उनसे जब यह पूछा गया कि वाराणसी मोदी का गढ़ है और चन्दौली बीजेपी के अध्यक्ष और सांसद का गढ़ है। इस पर उन्होंने कोई भी जवाब नहीं दिया। कहा यहां राजनीति करने नहीं आई हूं। देश के शहीद परिवार के दुख में शामिल होकर उनके साथ संवेदना प्रकट करने आई हूं।