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सीआरपीएफ कैंप की जमीन को लेकर होने लगी राजनित

Fri, 10 Nov 2017 01:02 AM IST
Updated Fri, 10 Nov 2017 01:02 AM IST
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सीआरपीएफ कैंप की जमीन को लेकर होने लगी राजनित

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चंदौली। देश के गृहमंत्री द्वारा पिछले दिनों चकिया के एक कार्यक्रम के दौरान यहां पर सीआरपीएफ भर्ती कैंप देने की घोषणा किए थे। अब इसके लिए जिला प्रशासन ने जमीन तलाशनी शुरू कर दी है। अभी जमीन तय नहीं हुई कि इसके पूर्व ही विरोध शुरू हो गया। गुरुवार को किसान न्याय मोर्चा के सदस्यों ने जिला प्रशासन द्वारा कैंप के लिए देखे गए गांवों का निरीक्षण किया। जिसमें इन लोगों ने प्रशासन के इस कार्य का जमकर विरोध किया।

किसान न्याय मोर्चा के सदस्यों ने गुरुवार को पचोखर व चंदाइत, शिवनाथपुर आदि गांवों का निरीक्षण किया। जिसमें इन लोगों ने किसानों से कहा कि जमीन अधिग्रहित करने के लिए कानून मना कर रही है। किसान इस कानून के साथ है। इसके बाद भी प्रदेश की सरकार किसानों को भूमिहीन करने की कोशिश कर रही है। इस दौरान जिलाध्यक्ष कृष्णकांत ने किसानों से कहा कि किसानों की एक इंच भी जमीन नहीं जाने दी जाएगी। इसके लिए धरना प्रदर्शन से लेकर हर स्तर तक विरोध किया जाएगा। इस दौरान नागेश्वर कुशवाहा, सेवालाल, निर्मला मौर्या, गुलाब, मिठाई प्रसाद आदि उपस्थित रहे। बताते चलें कि सीआरपीएफ कैंप के लिए 300 बीघा जमीन की आवश्यकता है। जिसमें अधिकारियों के आवास से लेकर प्रशिक्षण कैंप आदि शामिल है। इसके लिए जिला प्रशासन ने चार गांवों में जमीन का सर्वे कराया है। इन गांव के किसानों की सहमति के बाद सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा देकर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। अभी गांवों में सर्वे होने के दौरान ही विरोध शुरू हो गया है। पिछले दिनों समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने भी पचोखर में जाकर किसानों को भरोसा दिलाया था कि उनके जमीन को किसी भी कीमत पर नहीं जाने दिया जाएगा।
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