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ट्रेनों से रुक नहीं रही है तस्करी
Updated Sat, 24 Jun 2017 01:43 AM IST
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मुगलसराय। अतिव्यस्त हावड़ा दिल्ली रूट पर ट्रेनों में तस्करी रुक नहीं रही है। गुरुवार की शाम सीमा शुल्क विभाग की टीम ने डिब्रूगढ़ दिल्ली ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस ट्रेन से बड़े पैमाने पर विदेशी सिगरेट बरामद की। इससे सहज सवाल उठने लगे हैं कि तस्करी का पता जीआरपी और आरपीएफ को क्यों नहीं चला।यदि मुगलसराय को पूर्वांचल का तस्करी का हबकहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी।
नार्थ ईस्ट का प्रवेश द्वार माने जाने वाले ए प्लस श्रेणी के मुगलसराय रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन दो सौ जोड़ी ट्रेन गुजरती है। इससे प्रतिदिन दस हजार से अधिक यात्री यहां से सवार होते हैं। इसका फायदा तस्कर उठाते हैं। रेल संपत्ति की सुरक्षा के लिए आरपीएफ और कानून व्यवस्था की देखभाल के लिए जीआरपी तैनात है। बावजूद इसके आए दिन किसी न किसी रूप में तस्कर अपना काम कर जा रहे हैं। पिछले वर्ष ही ट्रेनों से बड़े पैमाने पर हेरोइन, अफीम और कछुआ आदि बरामद हो चुका है। यही नहीं बगैर टैक्स चुकाए कपड़ों का बंडल, सुपारी आदि भी बरामद हुए हैं। इसके बाद भी सुरक्षा तंत्र चौकस नहीं हो पा रहा है। शुक्रवार को भी वाराणसी से आई सीमा शुल्क विभाग की टीम ने आरपीएफ के सहयोग से 14055 डिब्रूगढ़ दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन के एसएलआर बोगी से चोरी छिपे ले जाए जा रहे दस बड़े बंडल सिगरेट बरामद हुए। अब सवाल उठता है कि यदि वाराणसी सीमा शुल्क विभाग को तस्करी की खबर हो सकती तो हर गतिविधि पर नजर रखने वाले आरपीएफ को क्यों नहीं पता चला। इस संबंध में कमांडेंट रमेश चंद्र ने बताया कि आरपीएफ सतर्क निगाह रखती है लेकिन एसएलआर के सील बंद बोगी में यदि कोई सामान जा रहा है कि उसके बारे में शक न होना लाजिमी है।
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नार्थ ईस्ट का प्रवेश द्वार माने जाने वाले ए प्लस श्रेणी के मुगलसराय रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन दो सौ जोड़ी ट्रेन गुजरती है। इससे प्रतिदिन दस हजार से अधिक यात्री यहां से सवार होते हैं। इसका फायदा तस्कर उठाते हैं। रेल संपत्ति की सुरक्षा के लिए आरपीएफ और कानून व्यवस्था की देखभाल के लिए जीआरपी तैनात है। बावजूद इसके आए दिन किसी न किसी रूप में तस्कर अपना काम कर जा रहे हैं। पिछले वर्ष ही ट्रेनों से बड़े पैमाने पर हेरोइन, अफीम और कछुआ आदि बरामद हो चुका है। यही नहीं बगैर टैक्स चुकाए कपड़ों का बंडल, सुपारी आदि भी बरामद हुए हैं। इसके बाद भी सुरक्षा तंत्र चौकस नहीं हो पा रहा है। शुक्रवार को भी वाराणसी से आई सीमा शुल्क विभाग की टीम ने आरपीएफ के सहयोग से 14055 डिब्रूगढ़ दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन के एसएलआर बोगी से चोरी छिपे ले जाए जा रहे दस बड़े बंडल सिगरेट बरामद हुए। अब सवाल उठता है कि यदि वाराणसी सीमा शुल्क विभाग को तस्करी की खबर हो सकती तो हर गतिविधि पर नजर रखने वाले आरपीएफ को क्यों नहीं पता चला। इस संबंध में कमांडेंट रमेश चंद्र ने बताया कि आरपीएफ सतर्क निगाह रखती है लेकिन एसएलआर के सील बंद बोगी में यदि कोई सामान जा रहा है कि उसके बारे में शक न होना लाजिमी है।
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