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अधिवक्ताओं ने की तहसीलदार को हटाने की मांग
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सकलडीहा। तहसीलदार की कार्य प्रणाली पर आरोप लगाते हुए तहसील के अधिवक्ताओं ने गुरुवार को न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए विरोध जताया। उन्होंने जिला प्रशासन से तहसीलदार को हटाने की मांग की। आरोप लगाया कि तहसीलदार के मनमाने रवैये से वादकारी व आम जनता परेशान है। जनहित की समस्याओं का निस्तारण को लेकर तहसील प्रशासन मौन है। तहसीलदार द्वारा कार्यालय से लेकर न्यायालय में समय न देने से कई मामले महीनों से लंबित है। चेताया कि शीघ्र तहसीलदार के रवैये में परिवर्तन नहीं होने पर अधिवक्ता आंदोलन करेंगे। इस मौके पर बार अध्यक्ष मनोज पांडेय, महामंत्री अखिलेश तिवारी सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे। ब्यूरो
सकलडीहा। गांवों व शहरों में घूमकर कागज और प्लास्टिक बटोराने वाले गरीब व निराश्रित बच्चों को अनिवार्य रूप से शिक्षित किया जाएगा। इसके लिये शासन की ओर से शारदा एक्ट लागू कर दिया गया है। साथ ही सभी शिक्षकों को ऐसे बच्चों को चिन्हित कर उनका पंजीयन कराने का निर्देश दिया गया है। 31 मार्च तक बच्चों को चिह्नित करने का अभियान चलाया जा रहा है।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत कागज, दफ्ती, प्लास्टिक बीनने वाले व ईट भट्टों और बनवासी बस्ती में रहने वाले बच्चों को शिक्षित करने के लिये शारदा एक्ट लागू कर दिया गया है। ऐसे बच्चों को नाम पता आदि का पहचान कर शिक्षक उनकी पंजीयन करेंगे। इसके बाद उन्हें शिक्षा के लिए स्कूलों में भेजा जाएगा। जिला समन्वयक प्रशिक्षण संतोष कुमार सिंह ने बताया कि सामाजिक जनप्रतिनिधि और संस्थाओं के माध्यम से ऐसे बच्चों को चिन्हित करने में मदद ली जाएगी। ब्यूरो
सकलडीहा। गांवों व शहरों में घूमकर कागज और प्लास्टिक बटोराने वाले गरीब व निराश्रित बच्चों को अनिवार्य रूप से शिक्षित किया जाएगा। इसके लिये शासन की ओर से शारदा एक्ट लागू कर दिया गया है। साथ ही सभी शिक्षकों को ऐसे बच्चों को चिन्हित कर उनका पंजीयन कराने का निर्देश दिया गया है। 31 मार्च तक बच्चों को चिह्नित करने का अभियान चलाया जा रहा है।
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सर्व शिक्षा अभियान के तहत कागज, दफ्ती, प्लास्टिक बीनने वाले व ईट भट्टों और बनवासी बस्ती में रहने वाले बच्चों को शिक्षित करने के लिये शारदा एक्ट लागू कर दिया गया है। ऐसे बच्चों को नाम पता आदि का पहचान कर शिक्षक उनकी पंजीयन करेंगे। इसके बाद उन्हें शिक्षा के लिए स्कूलों में भेजा जाएगा। जिला समन्वयक प्रशिक्षण संतोष कुमार सिंह ने बताया कि सामाजिक जनप्रतिनिधि और संस्थाओं के माध्यम से ऐसे बच्चों को चिन्हित करने में मदद ली जाएगी। ब्यूरो
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