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डॉ. मीता पंडित के शास्त्रीय गायन सुनकर मंत्रमुग्ध हुए श्रोता
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पीडीडीयूनगर। दुलहीपुर स्थित सनबीम स्कूल में आयोजित ’स्पिक मैके’ में ग्वालियर घराने की शास्त्रीय संगीत की गायिका डॉ. मीता पंडित के गायन को सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। इस दौरान छात्रों ने गायन के विषय में एक से बढ़कर एक प्रश्न पूछे। कार्यक्रम की शुरूआत डॉ. मीता ने दीप प्रज्ज्वलित कर और मां सरस्वती के भजन प्रस्तुत कर की।
अनेक पुरस्कारों से सम्मानित डॉ. मीता पंडित ने विविध राग-रागिनियों पर आधारित सुरों से उपस्थित श्रोताओं को किसी जादू से बांध सा दिया। वहां उपस्थित प्रत्येक जन मंत्रमुग्ध होकर उनके द्वारा प्रस्तुत गीत संगीत का आनंद उठाते रहे। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने संगीत विषयक प्रश्न पूछकर उनसे गायन व संगीत से जुड़ी बारीकियों को जाना और समझा। बच्चों के प्रश्नो का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि निरंतर अभ्यास के बिना सुरों को नहीं साधा जा सकता। नियमित रियाज से ही कला की साधना संभव है। इस अवसर पर पूर्वांचल ’स्पिक मैके’ के संयोजक एसपी सिंह ने कहा कि ईश्वर को पाने का सबसे अच्छा माध्यम संगीत ही है। भारतीय शास्त्रीय संगीत में छिपी दिव्यता ही उसका प्राणतत्व है। लोक और परलोक को बांधने की क्षमता सिर्फ संगीत में ही है। इस अवसर पर प्रधानाचार्य सीके पालित, उपप्रधानाचार्या स्मृति खन्ना, शैक्षणिक सलाहकार जेपीसी पाठक उपस्थित रहे। संचालन राशि सिंह एवं उदिता जायसवाल ने की।
अनेक पुरस्कारों से सम्मानित डॉ. मीता पंडित ने विविध राग-रागिनियों पर आधारित सुरों से उपस्थित श्रोताओं को किसी जादू से बांध सा दिया। वहां उपस्थित प्रत्येक जन मंत्रमुग्ध होकर उनके द्वारा प्रस्तुत गीत संगीत का आनंद उठाते रहे। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने संगीत विषयक प्रश्न पूछकर उनसे गायन व संगीत से जुड़ी बारीकियों को जाना और समझा। बच्चों के प्रश्नो का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि निरंतर अभ्यास के बिना सुरों को नहीं साधा जा सकता। नियमित रियाज से ही कला की साधना संभव है। इस अवसर पर पूर्वांचल ’स्पिक मैके’ के संयोजक एसपी सिंह ने कहा कि ईश्वर को पाने का सबसे अच्छा माध्यम संगीत ही है। भारतीय शास्त्रीय संगीत में छिपी दिव्यता ही उसका प्राणतत्व है। लोक और परलोक को बांधने की क्षमता सिर्फ संगीत में ही है। इस अवसर पर प्रधानाचार्य सीके पालित, उपप्रधानाचार्या स्मृति खन्ना, शैक्षणिक सलाहकार जेपीसी पाठक उपस्थित रहे। संचालन राशि सिंह एवं उदिता जायसवाल ने की।
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