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पुरानी पेंशन बहाली के लिए निकाला बाइक जुलूस 20-10-42
Updated Tue, 02 Oct 2018 01:09 AM IST
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चंदौली। शिक्षक कर्मचारी अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के सदस्यों ने सोमवार को पुरानी पेंशन की बहाली को जिला मुख्यालय बाइक जुलूस निकाला। बाइक जुलूस जिलाध्यक्ष सुनील सिंह के नेतृत्व में सदर ब्लाक से रवाना हुई, जो बीएसए कार्यालय पहुंचकर समाप्त हुई। इस दौरान लोगों ने पेंशन बहाली को लेकर सरकार से आर पार की लड़ाई लड़ने का ऐलान किया और गगनभेदी नारे लगाए।
जिलाध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि 2005 के बाद नियुक्त सरकारी सेवकों को पुरानी पेंशन का लाभ न देना अन्यायपूर्ण है। पुरानी पेंशन हम सभी का हक है और हम सभी इसे लेकर रहेंगे। कहा कि शिक्षक व राज्य कर्मचारी सेवा के दौरान 30 से 35 साल तक कठिन परिश्रम करके जब कर्मचारी सेवानिवृत्त होता है तो पेंशन ही उसका सहारा होता है। सरकार ने पेंशन व्यवस्था समाप्त कर शिक्षकों के अलावा कर्मचारियों व अधिकारी का सहारा छीनने का काम किया है। पेंशन बहाली का मुद्दा केंद्र का नहीं बल्कि राज्य सरकार के अधीन होता है। कहा कि प्रदेश के लगभग 13 लाख शिक्षक कर्मचारी व अधिकारियों में सरकार के इस फैसले से काफी निराशा व आक्रोश है, क्योंकि मामला युवाओं से जुड़ा हुआ है। कहा कि पेंशन बहाली के लिए आठ अक्टूबर को लखनऊ में प्रदेश व्यापी धरना प्रदर्शन होगा यदि इसके बाद भी सरकार हमारी मांगे नहीं मानती है तो हम 25 अक्टूबर से महा हड़ताल के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान इम्तियाज खान, रामिच्छा सिंह अंसार अहमद,संजय सिंह ,कैलाश प्रसाद, अमर बहादुर, अशोक, प्रशांत सिंह, अतुल सिंह, राम सिंह गहरवार, अशोक, फैयाज, शाहिद, अतुल, राघवेंद्र, चंद्रिका, प्रवीण मणिकांत उपस्थित रहे।
जिलाध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि 2005 के बाद नियुक्त सरकारी सेवकों को पुरानी पेंशन का लाभ न देना अन्यायपूर्ण है। पुरानी पेंशन हम सभी का हक है और हम सभी इसे लेकर रहेंगे। कहा कि शिक्षक व राज्य कर्मचारी सेवा के दौरान 30 से 35 साल तक कठिन परिश्रम करके जब कर्मचारी सेवानिवृत्त होता है तो पेंशन ही उसका सहारा होता है। सरकार ने पेंशन व्यवस्था समाप्त कर शिक्षकों के अलावा कर्मचारियों व अधिकारी का सहारा छीनने का काम किया है। पेंशन बहाली का मुद्दा केंद्र का नहीं बल्कि राज्य सरकार के अधीन होता है। कहा कि प्रदेश के लगभग 13 लाख शिक्षक कर्मचारी व अधिकारियों में सरकार के इस फैसले से काफी निराशा व आक्रोश है, क्योंकि मामला युवाओं से जुड़ा हुआ है। कहा कि पेंशन बहाली के लिए आठ अक्टूबर को लखनऊ में प्रदेश व्यापी धरना प्रदर्शन होगा यदि इसके बाद भी सरकार हमारी मांगे नहीं मानती है तो हम 25 अक्टूबर से महा हड़ताल के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान इम्तियाज खान, रामिच्छा सिंह अंसार अहमद,संजय सिंह ,कैलाश प्रसाद, अमर बहादुर, अशोक, प्रशांत सिंह, अतुल सिंह, राम सिंह गहरवार, अशोक, फैयाज, शाहिद, अतुल, राघवेंद्र, चंद्रिका, प्रवीण मणिकांत उपस्थित रहे।
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