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महिलाओं को हासिल करनी होगी आर्थिक आजादी
Sat, 02 Feb 2019 01:06 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,चंदौली
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Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 02 Feb 2019 01:06 AM IST
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महिलाओं को आगे बढ़ना है, सम्मान हासिल करना है तो उन्हें आर्थिक आजादी हासिल करनी होगी। शिक्षा और स्वरोजगार को अपनी बेहतरी के लिए हथियार बनाना होगा। आर्थिक रूप से मजबूत महिलाएं अपना और देश का भला कर सकती हैं। महिलाओं को हौसला, हुनर और मेहनत के बल पर दिखाना होगा कि वे किसी से कम नहीं हैं।
ये विचार अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत ‘महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति’ विषय पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में महिलाओं ने पीडीडीयू नगर स्थित अमर उजाला कार्यालय में व्यक्त किए। महिलाओं ने कहा कि समाज में महिलाओं के प्रति बदलाव आया है, सोच बदली है लेकिन अभी स्थिति को और बदलना होगा। इसकी शुरुआत घर से होगी।
लक्ष्मी गुप्ता ने कहा कि महिलाएं किसी मायने में किसी से कम नहीं हैं। महिलाओं की स्थिति में सुधार भी आया है लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना शेष है। शहरी इलाकों में महिलाएं आत्मनिर्भर हुई हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति बदतर है। सीमा शर्मा ने कहा कि समाज में पुरुषवादी सोच महिलाओं के पिछड़ने का बड़ा कारण है। महिलाओं को आर्थिक आजादी हासिल करनी होगी। तभी समाज में बदलाव आ सकता है।
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पा पटेल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं की स्थिति अच्छी नहीं है। शिक्षा और स्वरोजगार के सहयोग से परिवार के लिए आर्थिक स्तंभ बनना होगा, तभी महिलाओं को सम्मान मिलेगा। मानसी और मनीषा ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक स्थिति में बदलाव के लिए महिलाओं को आत्मविश्वास को बढ़ाना होगा। इस मौके पर अंजना मिश्र, निधि तिवारी, पिंकी सिंह, मीनू शर्मा, यशोदा केशरी, मनजीत कौर, रत्नदीप कौर रहीं।
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ये विचार अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत ‘महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति’ विषय पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में महिलाओं ने पीडीडीयू नगर स्थित अमर उजाला कार्यालय में व्यक्त किए। महिलाओं ने कहा कि समाज में महिलाओं के प्रति बदलाव आया है, सोच बदली है लेकिन अभी स्थिति को और बदलना होगा। इसकी शुरुआत घर से होगी।
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लक्ष्मी गुप्ता ने कहा कि महिलाएं किसी मायने में किसी से कम नहीं हैं। महिलाओं की स्थिति में सुधार भी आया है लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना शेष है। शहरी इलाकों में महिलाएं आत्मनिर्भर हुई हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति बदतर है। सीमा शर्मा ने कहा कि समाज में पुरुषवादी सोच महिलाओं के पिछड़ने का बड़ा कारण है। महिलाओं को आर्थिक आजादी हासिल करनी होगी। तभी समाज में बदलाव आ सकता है।
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पा पटेल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं की स्थिति अच्छी नहीं है। शिक्षा और स्वरोजगार के सहयोग से परिवार के लिए आर्थिक स्तंभ बनना होगा, तभी महिलाओं को सम्मान मिलेगा। मानसी और मनीषा ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक स्थिति में बदलाव के लिए महिलाओं को आत्मविश्वास को बढ़ाना होगा। इस मौके पर अंजना मिश्र, निधि तिवारी, पिंकी सिंह, मीनू शर्मा, यशोदा केशरी, मनजीत कौर, रत्नदीप कौर रहीं।