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तेंदूपत्ता संग्रहण अभियान में 10000 मजदूरों को मिला रोजगार

Sat, 09 May 2020 10:03 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 09 May 2020 10:03 PM IST
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10,000 workers got employment in Tendupatta collection campaign
चकिया/ शिकारगंज। लॉक डाउन में रोजगार के अभाव में बेहाल मजदूरों को पर्वतीय वन क्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रह अभियान ने राहत दी है। काशी वन्य जीव प्रभाग के वन क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश वन निगम की ओर से शुरू संग्रहण अभियान से क्षेत्र के 10 हजार के लगभग मजदूरों को अल्प अवधि का रोजगार मिला है। हालांकि संग्रहण अभियान के लिए दो वर्षों से निर्धारित मजदूरी में कोई बढ़ोत्तरी न होने से दोनों में असंतोष दिखाई दे रहा है। इसके अतिरिक्त कार्यस्थल पर मजदूरों को दी जाने वाली सुविधाएं मजदूरों को नहीं मिल रही है। काशी वन्यजीव प्रभाग के वन क्षेत्र में अच्छी बरसात होने से इस वर्ष तेंदू के पत्ते पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बीड़ी बनाने के काम आने वाले इन पत्तों की कीमत बड़े शहरों के बाजारों में लगातार बढ़ रही है। बावजूद इसके बीड़ी बनाने में उपयोग में आने वाले तेंदूपत्ता संग्रहण अभियान में कठिन परिश्रम कर तेंदूपत्ता तोड़ने पत्तों की 50 -50 गड्डी बनाने तथा उन्हे खेतों या परती जमीन में फैलाकर सुखाने का काम करने वाले मजदूरों को काफी कम मजदूरी दी जा रही है। उत्तर प्रदेश वन निगम के सूत्रों के अनुसार 50-50 की 100 गड्डियां बनाने पर मजदूरों को 50 रुपये का ही मेहताना दिया जा रहा है। जो उनकी मेहनत के अनुपात में काफी कम है। तेंदूपत्ता संग्रहण में लगे मजदूर विजयी राम, रामसुमेर, त्रिभुवन ,राम प्रसाद, अमरनाथ, दासीदेवी, शांति ने बताया कि 50-50 पत्तों की गड्डी की जगह पर फड मुंसी 75 से 80 पत्तों की गड्डी बनाने का दबाव बनाते हैं। मजदूरी 100 गड्डी पर मात्र 50 रुपये ही है। मजदूरों ने कहा कि उत्तर प्रदेश वन निगम के मानक के अनुसार कार्यस्थल पर मजदूरों को पीने का पानी गुड़ सत्तू दिए जाने का प्रावधान है लेकिन सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। मजदूर नेता अजय राय ने कहा कि एक दशक में मनरेगा मजदूरी की दर में लगातार इजाफा किया जा रहा है लेकिन तेंदूपत्ता मजदूरों की मजदूरी में बढ़ोतरी नहीं हुई है। उत्तर प्रदेश वन नैगिम के चकिया सेक्शन ऑफिसर बीके रुद्र ने कहा की मजदूरी का निर्धारण उत्तर प्रदेश वन निगम करता है । कार्यस्थल पर मजदूरों को सुविधा देने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
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