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Bulandshahar News: दो दोस्तों को मिली पांच-पांच साल की कैद
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अनूपशहर। अहार थाना क्षेत्र के औरंगाबाद ताहरपुर गांव में करीब साढ़े पांच साल पहले हुई जानलेवा हमले की वारदात में अदालत ने फैसला सुनाया है। एडीजे कोर्ट के न्यायाधीश राजेश कुमार तृतीय ने विकास और सीटू को दोषी करार देते हुए पांच-पांच साल का सश्रम कारावास और 55-55 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड न देने पर उन्हें अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
घटना चार दिसंबर 2020 की रात करीब 11:40 बजे की थी। औरंगाबाद ताहरपुर निवासी आनंद सिंह अपने घर के मुख्य द्वार के पास बने कमरे में सो रहे थे। तभी किसी ने गेट की खिड़की का कुंडा खटखटाया। आनंद सिंह ने जैसे ही दरवाजा खोला सामने खड़े दो अनजान युवकों ने पूछा संदीप कौन है? आनंद सिंह ने जवाब दिया यह संदीप का घर नहीं है। इतना सुनते ही एक बदमाश ने तमंचा निकाला और आनंद सिंह पर गोली चला दी। आंगन में सो रही आनंद सिंह की पत्नी ने जब गोली की आवाज और पति की चीख सुनी तो वह बाहर दौड़ीं।
घर के अन्य लोग भी जाग गए और बदमाशों को खेतों की तरफ खदेड़ दिया। पुलिस ने जब मौके से बरामद मोटरसाइकिल के चेसिस और इंजन नंबर की जांच की तो उसके असली मालिक का पता चला। मालिक बिजेंदर ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि घटना वाले दिन सीटू और विकास नाम के दो युवक उससे बाइक मांगकर ले गए थे। इसके बाद 9 दिसंबर 2020 को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर खानपुर अड्डे के पास घेराबंदी करके मुख्य आरोपी विकास को दबोच लिया।
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पूछताछ में विकास ने कुबूला कि उसने और सीटू ने मिलकर ही आनंद सिंह पर जानलेवा हमला किया था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। उजहां साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोनों को सजा सुनाई गई। संवाद
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घटना चार दिसंबर 2020 की रात करीब 11:40 बजे की थी। औरंगाबाद ताहरपुर निवासी आनंद सिंह अपने घर के मुख्य द्वार के पास बने कमरे में सो रहे थे। तभी किसी ने गेट की खिड़की का कुंडा खटखटाया। आनंद सिंह ने जैसे ही दरवाजा खोला सामने खड़े दो अनजान युवकों ने पूछा संदीप कौन है? आनंद सिंह ने जवाब दिया यह संदीप का घर नहीं है। इतना सुनते ही एक बदमाश ने तमंचा निकाला और आनंद सिंह पर गोली चला दी। आंगन में सो रही आनंद सिंह की पत्नी ने जब गोली की आवाज और पति की चीख सुनी तो वह बाहर दौड़ीं।
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घर के अन्य लोग भी जाग गए और बदमाशों को खेतों की तरफ खदेड़ दिया। पुलिस ने जब मौके से बरामद मोटरसाइकिल के चेसिस और इंजन नंबर की जांच की तो उसके असली मालिक का पता चला। मालिक बिजेंदर ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि घटना वाले दिन सीटू और विकास नाम के दो युवक उससे बाइक मांगकर ले गए थे। इसके बाद 9 दिसंबर 2020 को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर खानपुर अड्डे के पास घेराबंदी करके मुख्य आरोपी विकास को दबोच लिया।
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पूछताछ में विकास ने कुबूला कि उसने और सीटू ने मिलकर ही आनंद सिंह पर जानलेवा हमला किया था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। उजहां साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोनों को सजा सुनाई गई। संवाद