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Bulandshahar News: गंगा का तीन फीट जलस्तर घटा
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अहार में कम हुआ गंगा का जलस्तर, कटाान जारी। संवाद
नरसेना/आहार/अनूपशहर/नरौरा। गंगा के रौद्र रूप से खादर क्षेत्र के लोगों को थोड़ी राहत मिली है। पिछले कई दिनों से उफान पर चल रही गंगा का जलस्तर शनिवार को करीब तीन फीट नीचे उतर गया। अनूपशहर के घाटों से भी पानी धीरे-धीरे उतरने लगा है।
हालांकि, जलस्तर घटने के बाद भी खादर में गंगा का कटान थम नहीं रहा है। पानी का वेग अभी भी तेज है, जिससे कटान खतरनाक रूप ले चुका है। आहार क्षेत्र में वन विभाग के प्लांटेशन में सबसे ज्यादा तबाही हुई है। वन विभाग के डिप्टी रोहन चौधरी ने बताया कि तेज बहाव से सैकड़ों कीमती पेड़ गंगा में बह गए। विभाग की वर्षों की मेहनत पर पानी फिर गया है।
कटान लगातार प्लांटेशन के अंदर की ओर बढ़ रहा है। नरौरा गंगा बैराज पर पिछले 24 घंटे में गंगा नदी के जलस्तर में नौ हजार क्यूसेक की गिरावट दर्ज की गई। सिंचाई विभाग हेडवर्क्स के एसडीओ अंकित सिंह ने बताया कि शनिवार को बैराज से डाउन स्ट्रीम में 77819 क्यूसेक पानी की निकासी हुई।
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गत दिवस 86985 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही थी। बैराज से निकली एलजीसी नहर में 8,099 क्यूसेक और पीएलजीसी नहर में 4618 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। गिरावट के बाद जलस्तर ऑर्डिनरी फ्लड की श्रेणी में आ गया है।
फतेहपुर गुर्जर में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहां गंगा किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि को निगल रही है। पिछले कई दिनों में सैकड़ों बीघा जमीन कटकर नदी में समा चुकी है। किसान बलबीर और राजेंद्र के अनुसार, वे अपनी फसल और जमीन को बहता देख बेबस हैं। एई ड्रेनेज अमित किशोर ने बताया कि जलस्तर घटने से बाढ़ का खतरा टल गया है।
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हालांकि, जलस्तर घटने के बाद भी खादर में गंगा का कटान थम नहीं रहा है। पानी का वेग अभी भी तेज है, जिससे कटान खतरनाक रूप ले चुका है। आहार क्षेत्र में वन विभाग के प्लांटेशन में सबसे ज्यादा तबाही हुई है। वन विभाग के डिप्टी रोहन चौधरी ने बताया कि तेज बहाव से सैकड़ों कीमती पेड़ गंगा में बह गए। विभाग की वर्षों की मेहनत पर पानी फिर गया है।
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कटान लगातार प्लांटेशन के अंदर की ओर बढ़ रहा है। नरौरा गंगा बैराज पर पिछले 24 घंटे में गंगा नदी के जलस्तर में नौ हजार क्यूसेक की गिरावट दर्ज की गई। सिंचाई विभाग हेडवर्क्स के एसडीओ अंकित सिंह ने बताया कि शनिवार को बैराज से डाउन स्ट्रीम में 77819 क्यूसेक पानी की निकासी हुई।
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गत दिवस 86985 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही थी। बैराज से निकली एलजीसी नहर में 8,099 क्यूसेक और पीएलजीसी नहर में 4618 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। गिरावट के बाद जलस्तर ऑर्डिनरी फ्लड की श्रेणी में आ गया है।
फतेहपुर गुर्जर में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहां गंगा किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि को निगल रही है। पिछले कई दिनों में सैकड़ों बीघा जमीन कटकर नदी में समा चुकी है। किसान बलबीर और राजेंद्र के अनुसार, वे अपनी फसल और जमीन को बहता देख बेबस हैं। एई ड्रेनेज अमित किशोर ने बताया कि जलस्तर घटने से बाढ़ का खतरा टल गया है।