{"_id":"69064233adb349314a0379e8","slug":"shaligram-was-worshipped-on-devutthaan-ekadashi-auspicious-works-began-bulandshahr-news-c-133-1-bul1002-142897-2025-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: देवोत्थान एकादशी पर शालिग्राम का किया पूजन, मांगलिक कार्य हुए शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: देवोत्थान एकादशी पर शालिग्राम का किया पूजन, मांगलिक कार्य हुए शुरू
विज्ञापन
बीबीनगर में बाजार वाले बड़े शिव मंदिर में देवोत्थान एकादशी के अवसर पर भगवान शालिग्राम व माता तुल
बुलंदशहर/बीबीनगर/जहांगीराबाद। देवोत्थान एकादशी पर देव जाग गए। इसी के साथ शनिवार से मांगलिक कार्य भी शुरू हो गए। श्रीहरि (भगवान विष्णु) के जागने पर मंगल गीत गाकर स्वागत किया गया।
मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान शालिग्राम व माता तुलसी के विवाह में चाक की रस्म पूरी की। लोगों ने भगवान शालिग्राम व देवी तुलसी की पूजा की। वहीं, देव उठने पर पहले दिन जिले में करीब 300 शादियां हुईं।
पं. कैलाश शर्मा व पं. नरेंद्र शर्मा ने बताया कि कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउठनी एकादशी या देव प्रबोधिनी एकादशी के रूप में मनाया जाता है। यह दिन सृष्टि में शुभता और सकारात्मक ऊर्जा के पुनः आगमन का प्रतीक माना जाता है। बताया कि पहले दिन श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचे और भगवान शालिग्राम व माता तुलसी के विवाह में चाक की रस्म पूरी की। बीबीनगर में महिलाओं ने चाक पूजन किया। जहांगीराबाद में बिजली घर चौराहा स्थित श्री सिद्धेश्वर मंदिर में तुलसी विवाह भजन-कीर्तन के साथ किया गया। हवन पूजन में महिलाओं ने आहूतियां दीं।
विज्ञापन
पं. अनुराग आचार्य ने बताया कि हवन के बाद तुलसी माता के शालीग्राम के साथ फेरे कराए गए। इस मौके पर चेतना, शशि शर्मा, ममता, पूनम, भावना, अंजली, माधुरी, पुष्पा व विनीता अग्रवाल आदि मौजूद रहीं। रविवार को भगवान शालिग्राम व देवी तुलसी के विवाह की रस्म पूरी करने के लिए भी श्रद्धालुओं ने तैयारी कर ली है।
दूसरी ओर देव उठने पर जहां मांगलिक कार्य शुरू हो गए वहीं, जिले में नगर से लेकर देहात तक करीब 300 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। लोग डीजे, शहनाई और बैंड के साथ ढोल की थाप पर पंजाबी भंगड़ा संग शादी में जमकर थिरके।
विज्ञापन
मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान शालिग्राम व माता तुलसी के विवाह में चाक की रस्म पूरी की। लोगों ने भगवान शालिग्राम व देवी तुलसी की पूजा की। वहीं, देव उठने पर पहले दिन जिले में करीब 300 शादियां हुईं।
विज्ञापन
पं. कैलाश शर्मा व पं. नरेंद्र शर्मा ने बताया कि कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउठनी एकादशी या देव प्रबोधिनी एकादशी के रूप में मनाया जाता है। यह दिन सृष्टि में शुभता और सकारात्मक ऊर्जा के पुनः आगमन का प्रतीक माना जाता है। बताया कि पहले दिन श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचे और भगवान शालिग्राम व माता तुलसी के विवाह में चाक की रस्म पूरी की। बीबीनगर में महिलाओं ने चाक पूजन किया। जहांगीराबाद में बिजली घर चौराहा स्थित श्री सिद्धेश्वर मंदिर में तुलसी विवाह भजन-कीर्तन के साथ किया गया। हवन पूजन में महिलाओं ने आहूतियां दीं।
विज्ञापन
पं. अनुराग आचार्य ने बताया कि हवन के बाद तुलसी माता के शालीग्राम के साथ फेरे कराए गए। इस मौके पर चेतना, शशि शर्मा, ममता, पूनम, भावना, अंजली, माधुरी, पुष्पा व विनीता अग्रवाल आदि मौजूद रहीं। रविवार को भगवान शालिग्राम व देवी तुलसी के विवाह की रस्म पूरी करने के लिए भी श्रद्धालुओं ने तैयारी कर ली है।
दूसरी ओर देव उठने पर जहां मांगलिक कार्य शुरू हो गए वहीं, जिले में नगर से लेकर देहात तक करीब 300 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। लोग डीजे, शहनाई और बैंड के साथ ढोल की थाप पर पंजाबी भंगड़ा संग शादी में जमकर थिरके।