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Bulandshahar News: फरार अन्य आरोपी और गैंग की मदद लेने वालों की तलाश

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 09 Feb 2024 10:40 PM IST
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Search for other absconding accused and those who took help from the gang
बुलंदशहर। देहात कोतवाली पुलिस को अब सॉल्वर गैंग के फरार अन्य आरोपियों की तलाश है। अब तक पुलिस इन आरोपियों की तलाश में 20 से अधिक स्थानों पर दबिश दे चुकी है। इस दौरान और भी सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं। जबकि पकड़े गए आरोपियों के फोन से भी पुलिस को काफी अहम दस्तावेज और साक्ष्य मिले हैं। जिनके आधार पर पुलिस अब उन आरोपियों तक भी पहुंचेगी, जिन्होंने आरोपियों को पैसे देकर उनकी मदद ली थी।
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आठ फरवरी को देहात पुलिस ने यूपी पुलिस भर्ती और अन्य सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं को उत्तीर्ण कराने वाले सॉल्वर गिरोह का खुलासा करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसमें गिरोह के आठ शातिर और तीन अभ्यर्थी शामिल थे। पुलिस ने कई एडमिट कार्ड, मोहर, लैपटॉप आदि सामान भी बरामद किया। पुलिस की पूछताछ में कई अहम जानकारी मिली है। पूछताछ में पता चला है कि एक जनसेवा केंद्र पर संचालक द्वारा फर्जी एडमिट कार्ड और फर्जी आधार कार्ड तैयार किए जाते थे। आरोपी नवनीत, गजेंद्र, सर्वेश और सोनू पेपर देने वाले लड़कों और उनके परिवारीजनों से बातचीत कर रुपये तय करते थे। रुपयों की बात फाइनल होने के बाद अभ्यर्थियों के आवश्यक कागजात और एडवांस रुपये ले लिए जाते हैं। आरोपी गौरव द्वारा जिन कागजातों में फेरबदल, एडमिट कार्ड में फेरबदल, आधार कार्ड में सॉल्वर का फोटो आदि बदलना होता है, उसे आरोपी शिवा उर्फ शिवम को दे दिया जाता है। आरोपी शिवा उर्फ शिवम लैपटॉप से कागजात तैयार करता है। 28 अक्तूबर 2023 को यूपी पीईटी परीक्षा में अभ्यर्थी नितिन के स्थान पर सॉल्वर पवन को परीक्षा देते हुए पकड़ा था। उस परीक्षा का फर्जी एडमिट कार्ड एवं आधार कार्ड भी शिवा उर्फ शिवम ने तैयार किया था। पुलिस की जांच में अभी तक 14 नाम सामने आ चुके हैं। इनमें से 12 आरोपियों को पकड़कर जेल भेजा जा चुका है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। इसके साथ ही पुलिस को आरोपियों के मोबाइल में कई ऑडियो और व्हाट्सएप चैट मिली है, जिनमें पुलिस भर्ती एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को उत्तीर्ण कराने के लिए सौदेबाजी हो रही है। व्हाट्सएप पर अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड के फोटो, रुपयों के लेनदेन की वार्ता, आंसर शीट की फोटो आदि भी है। कई आरोपियों ने अपने फोन से व्हाट्सएप चैट डिलीट कर रखी थी। पुलिस की जांच में पता चला कि जिन तीन अभ्यर्थियों को पकड़ा गया है। उनके द्वारा सॉल्वर गैंग को 50-50 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे। 6 फरवरी 2024 को उनका एग्जाम करा दिया गया था। आगामी दो दिन के अंदर तीनों अभ्यर्थियों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये दिए जाने थे। रिजल्ट आने पर शेष चार-चार लाख रुपये भी दिए जाने थे। तीनों आरोपी सॉल्वर गिरोह के पास आंसर सीट की जानकारी करने आए थे, तभी पुलिस टीम ने उनको दबोच लिया था।
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अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। आरोपियों के फोन से काफी अहम सुराग मिले हैं। जल्द ही उन लोगों पर भी शिकंजा कसा जाएगा, जिन्होंने आरोपियों की मदद ली थी। - श्लोक कुमार, एसएसपी
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