फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   punishment

चोरी की साजिश रचने वाले को 31 साल बाद सजा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 20 Sep 2022 10:27 PM IST
सार

चोरी की साजिश रचने वाले को 31 साल बाद सजाबुलंदशहर।कोर्ट ने 31 साल बाद दोषी को सात साल की सजा सुनाई है।अब मामले में कोर्ट का फैसला आया, तो दोषी नरेंद्र जेल में 14 साल बिता चुका था, लेकिन कोर्ट ने उसे केवल सात साल की ही सजा सुनाई है।

विज्ञापन
punishment

विस्तार

चोरी की साजिश रचने वाले को 31 साल बाद सजा
विज्ञापन

बुलंदशहर। चोरी की योजना बनाते हुए पकड़े गए आरोपी को दोषी ठहराने में 31 साल का लंबा समय लग गया। कोर्ट ने 31 साल बाद दोषी को सात साल की सजा सुनाई है। दोषी एक हत्या के मामले में पिछले 14 साल से आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।
एडीजीसी फौजदारी डीके माहुर ने बताया कि एक अगस्त 1991 को जहांगीराबाद पुलिस को सूचना मिली थी कि अनूपलाल के बाग में बनी धर्मशाला में चोरों का एक गिरोह चोरी की योजना बना रहा है। पुलिस ने घेराबंदी की तो आरोपी के साथी मौके से भागने में सफल रहे, जबकि नरेंद्र निवासी गांव शेखपुर रौरा थाना जहांगीराबाद को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में वह जमानत पर बाहर आया था, लेकिन वर्ष 2008 में उसे फिर से जेल भेज दिया गया था। जिसके बाद से वह लगातार जेल में बंद है। मामले की सुनवाई को पूरा करने में अपर सत्र न्यायाधीश हेमंत कुमार की कोर्ट को 31 साल का समय लग गया। अब मामले में कोर्ट का फैसला आया, तो दोषी नरेंद्र जेल में 14 साल बिता चुका था, लेकिन कोर्ट ने उसे केवल सात साल की ही सजा सुनाई है।
विज्ञापन

गौरतलब है कि नरेंद्र कुमार को वर्ष 2005 में जहांगीराबाद थाने में दर्ज हत्या के एक मुकदमे में जिला न्यायाधीश द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा एक अन्य मुकदमे में एक वर्ष की सजा सुनाई गई थी। जिसके चलते आरोपी लगातार 14 वर्षों से जेल में बंद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed