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कुपोषण के शिकार बच्चों पर बीमारियो की मार
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
Updated Thu, 23 Jun 2016 10:56 PM IST
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अतिकुपोषित बच्चा
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में कुपोषित बच्चे विभिन्न रोगों की गिरफ्त में हैं। यही कारण है कि इन बच्चों पर पौष्टिक आहार का असर कम हो रहा है। ऐसे कई मामले सीएमओ के गोद लिए गांव खुशहालपुर में सामने आए हैं। सीएमओ की रिपोर्ट के आधार पर सीडीओ ने सभी कुपोषित बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने का आदेश दिया है।
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जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या तकरीबन 29 हजार है। इन बच्चों के खानपान पर बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग हर माह मोटी धनराशि खर्च करता है। बावजूद इसके स्थिति नहीं सुधर पा रही है। उधर, सीएमओ दीपक ओहरी के गोद लिए गांव में मात्र तीन माह के भीतर 15 बच्चे कुपोषण की गिरफ्त से बाहर आ गए हैं।
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दरअसल, इन कुपोषित बच्चों को कुपोषण के साथ ही अन्य रोगों ने जकड़ा हुआ था। बीमारियों की ओर मशीनरी का ध्यान नहीं था। बच्चोें को सिर्फ पौष्टिक आहार के आधार पर कुपोषण से छुटकारा दिलाने की कोशिश की जा रही थी।
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सीएमओ ने बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार किया और साथ में पौष्टिक डाइट दी। नतीजा महत तीन माह में 15 बच्चे सामान्य श्रेणी में आ गए। सीएमओ की रिपोर्ट के आधार पर सीडीओ जसजीत कौर ने सभी कुपोषित बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने का आदेश दिया है।
जनपद में सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर कुपोषण का खातमा होगा। सीएमओ के गोद लिए गांव में स्वास्थ्य परीक्षण के बाद कुपोषण से निपटने के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। - जसजीत कौर, सीडीओ बुलंदशहर
बच्चों को कुपोषण के साथ प्राइमरी कॉमप्लेक्स थे। विटामिन और न्यूट्रीशियन की कमी भी शरीर में थी। ट्रीटमेंट के बाद 15 बच्चे सामान्य हो गए। बाकी 11 बच्चे भी प्रगति पर है। - दीपक ओहरी, सीएमओ, बुलंदशहर