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कोरोना वायरस: सस्पेक्टेड मिले एक ही परिवार के चार लोग
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कोरोना वायरस के चार संदिग्ध मिले, अस्पताल में कराया भर्ती
बुलंदशहर। कोरोना वायरस से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। मंगलवार को जिला अस्पताल में एक ही परिवार के चार संदिग्ध लोगों को भर्ती किया गया है। सिकंदराबाद निवासी परिवार का ब्लड सैंपल स्वास्थ्य अफसरों ने जांच के लिए केजीएमसी भेजा है। हालांकि, अफसर परिवार को एहतियात तौर पर भर्ती करने का दावा कह रहे है।
जिले के कई लोगों की चीन से आवाजाही रहती है। इसे देखते हुए एहतियात के तौर पर अफसरों को पूर्व में ही शासन द्वारा अलर्ट जारी कर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे। वहीं, अब सिकंदराबाद निवासी एक युवक का कोरोना वायरस से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने के चलते उसके चार परिजनों को संदिग्ध की श्रेणी में रखा गया है। स्वास्थ्य अफसरों के मुताबिक सिकंदराबाद क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक दिल्ली की एक कंपनी में नौकरी करता है। उसकी कंपनी का मालिक गत सप्ताह पूर्व यूरोप से लौटा है। दिल्ली में जांच के दौरान उसमें कोरोना की पुष्टि हुई, जिसे दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां से सैंपल लेकर जांच को भेज दिया गया। इस दौरान एहतियातन युवक के परिवार के चार सदस्यों को भी मंगलवार को जिला अस्पताल के कोरोना वार्ड में भर्ती कराया गया। कोरोना वार्ड में भर्ती चारों सदस्यों में दो बच्चे और उनके माता-पिता शामिल हैं। स्वास्थ्य अफसरों ने चारों का सैंपल लेकर जांच के लिए केजीएमसी लखनऊ भेज दिया है। वहीं, जांच रिपोर्ट आने तक परिवार स्वास्थ्य अफसरों की निगरानी में रहेगा। हालांकि, अधिकारी अभी परिवार के सदस्यों में कोरोना होने से इंकार कर रहे हैं।
23 में से नौ लोग हैं निगरानी में
गत माह चीन सहित अन्य देशों से जिले में 23 लोगों का आगमन हुआ था। जिसकी रिपोर्ट मिलने पर स्वास्थ्य अफसरों ने अपनी निगरानी में रखा। जिसमें से चार लोग जिले से बाहर और 14 लोगों की निगरानी अवधि पूर्ण हो गई है। वहीं, शेष पांच लोगों पर स्वास्थ्य अफसर अभी भी नजर रखे हुए हैं। इसके साथ ही एक ही परिवार के चार सदस्य और शामिल होने पर अब निगरानी में नौ लोग हो गए हैं।
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इमरजेंसी के अंदर ही बना दिया कोरोना वार्ड
जिला अस्पताल के जिस वार्ड को कोरोना वार्ड बनाया गया है वो इमरजेंसी वार्ड के अंदर है। आने-जाने का एक ही द्वार होने के कारण वार्ड में काफी भीड़ एकत्र रहती है। अगर भर्ती किए गए परिवार के सदस्यों में कोरोना की पुष्टि होती है तो कोरोना वायरस को अस्पताल परिसर में फैलने में देर नहीं लगेगी। जानकारों का कहना है कि स्वास्थ्य अफसरों को एहतियात के तौर पर कोरोना वार्ड का एकांत स्थान पर बनाना चाहिए था। जिससे संबंधित मरीज के आसपास अन्य मरीजों और लोगों की पहुंच दूर रह सके। वहीं, अस्पताल के कर्मचारी से लेकर चिकित्सक भी संबंधित परिवार के पास जाने से कतरा रहे हैं।
चीन के अलावा कोरोना प्रभावित देशों से आने वाले लोगों पर रहेगी नजर
बुलंदशहर। कोरोना वायरस का कहर फैलने के बाद जिले में चीन और कोरोना प्रभावित देशों से आने वाले लोगों की संख्या बढ़ने लगी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम इन पर निगरानी रख रही है। अभी तक स्वास्थ्य अफसर कोरोना से प्रभावित देशों से आने वालों की जांच-पड़ताल कर रहे थे, लेकिन अब केंद्र सरकार ने 10 देशों से आने वाले यात्रियों पर निगरानी के निर्देश दिए हैं। निर्देश मिलने पर स्वास्थ्य अफसर यात्रियों की मॉनिटरिंग करने में जुट गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि अब चीन, जापान, साउथ कोरिया, सिंगापुर, हांगकांग, थाईलैंड के साथ इंडोनेशिया, वियतनाम, ईरान और इटली से आने वाले यात्रियों को निगरानी में रखा जाएगा। इस संबंध में केंद्र सरकार के निर्देश मिल चुके हैं।
सिंगापुर, हांगकांग और थाईलैंड जाते रहते हैं नगरवासी
जिले के अधिकांश व्यापारी वर्ग के लोग कारोबार के सिलसिले में या टूर पैकेज में सिंगापुर, हांगकांग और थाईलैंड आते-जाते रहते हैं। गत माह पूर्व भी संबंधित देशों से जिले के आठ से अधिक लोग लौटे थे, लेकिन उस समय कोरोना वायरस का कहर शुरू ही हुआ था।
सांस लेने में होती है परेशानी
चिकित्सकों के अनुसार जानलेवा वायरस कोरोना के लक्षण भी स्वाइन फ्लू जैसे ही हैं, लेकिन ये स्वाइन फ्लू से अधिक खतरनाक है। कोरोना वायरस में भी जुकाम, खांसी के साथ बुखार भी आता है और मरीज निमोनिया से पीड़ित हो जाता है। साथ ही सांस लेने में भी परेशानी होती है। ऐसे में मरीज को तत्काल आक्सीजन देने की जरूरत पड़ती है।
कोट
एक परिवार के सदस्य कोरोना मरीज के संपर्क में आने पर एहतियात के तौर पर भर्ती किए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने तक परिवार कोरोना वार्ड में ही रहेगा। रिपोर्ट निगेटिव आने पर घर भेज दिया जाएगा और यदि रिपोर्ट पाजीटिव आती है तो इलाज शुरू कर दिया जाएगा। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ
परिवार को एहतियात के तौर पर भर्ती कराया गया है। समय-समय पर स्वास्थ्य अफसरों से रिपोर्ट मांगी जा रही है। उपचार में लापरवाही बरतने पर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। - रविंद्र कुमार, जिलाधिकारी
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बुलंदशहर। कोरोना वायरस से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। मंगलवार को जिला अस्पताल में एक ही परिवार के चार संदिग्ध लोगों को भर्ती किया गया है। सिकंदराबाद निवासी परिवार का ब्लड सैंपल स्वास्थ्य अफसरों ने जांच के लिए केजीएमसी भेजा है। हालांकि, अफसर परिवार को एहतियात तौर पर भर्ती करने का दावा कह रहे है।
जिले के कई लोगों की चीन से आवाजाही रहती है। इसे देखते हुए एहतियात के तौर पर अफसरों को पूर्व में ही शासन द्वारा अलर्ट जारी कर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे। वहीं, अब सिकंदराबाद निवासी एक युवक का कोरोना वायरस से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने के चलते उसके चार परिजनों को संदिग्ध की श्रेणी में रखा गया है। स्वास्थ्य अफसरों के मुताबिक सिकंदराबाद क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक दिल्ली की एक कंपनी में नौकरी करता है। उसकी कंपनी का मालिक गत सप्ताह पूर्व यूरोप से लौटा है। दिल्ली में जांच के दौरान उसमें कोरोना की पुष्टि हुई, जिसे दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां से सैंपल लेकर जांच को भेज दिया गया। इस दौरान एहतियातन युवक के परिवार के चार सदस्यों को भी मंगलवार को जिला अस्पताल के कोरोना वार्ड में भर्ती कराया गया। कोरोना वार्ड में भर्ती चारों सदस्यों में दो बच्चे और उनके माता-पिता शामिल हैं। स्वास्थ्य अफसरों ने चारों का सैंपल लेकर जांच के लिए केजीएमसी लखनऊ भेज दिया है। वहीं, जांच रिपोर्ट आने तक परिवार स्वास्थ्य अफसरों की निगरानी में रहेगा। हालांकि, अधिकारी अभी परिवार के सदस्यों में कोरोना होने से इंकार कर रहे हैं।
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23 में से नौ लोग हैं निगरानी में
गत माह चीन सहित अन्य देशों से जिले में 23 लोगों का आगमन हुआ था। जिसकी रिपोर्ट मिलने पर स्वास्थ्य अफसरों ने अपनी निगरानी में रखा। जिसमें से चार लोग जिले से बाहर और 14 लोगों की निगरानी अवधि पूर्ण हो गई है। वहीं, शेष पांच लोगों पर स्वास्थ्य अफसर अभी भी नजर रखे हुए हैं। इसके साथ ही एक ही परिवार के चार सदस्य और शामिल होने पर अब निगरानी में नौ लोग हो गए हैं।
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इमरजेंसी के अंदर ही बना दिया कोरोना वार्ड
जिला अस्पताल के जिस वार्ड को कोरोना वार्ड बनाया गया है वो इमरजेंसी वार्ड के अंदर है। आने-जाने का एक ही द्वार होने के कारण वार्ड में काफी भीड़ एकत्र रहती है। अगर भर्ती किए गए परिवार के सदस्यों में कोरोना की पुष्टि होती है तो कोरोना वायरस को अस्पताल परिसर में फैलने में देर नहीं लगेगी। जानकारों का कहना है कि स्वास्थ्य अफसरों को एहतियात के तौर पर कोरोना वार्ड का एकांत स्थान पर बनाना चाहिए था। जिससे संबंधित मरीज के आसपास अन्य मरीजों और लोगों की पहुंच दूर रह सके। वहीं, अस्पताल के कर्मचारी से लेकर चिकित्सक भी संबंधित परिवार के पास जाने से कतरा रहे हैं।
चीन के अलावा कोरोना प्रभावित देशों से आने वाले लोगों पर रहेगी नजर
बुलंदशहर। कोरोना वायरस का कहर फैलने के बाद जिले में चीन और कोरोना प्रभावित देशों से आने वाले लोगों की संख्या बढ़ने लगी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम इन पर निगरानी रख रही है। अभी तक स्वास्थ्य अफसर कोरोना से प्रभावित देशों से आने वालों की जांच-पड़ताल कर रहे थे, लेकिन अब केंद्र सरकार ने 10 देशों से आने वाले यात्रियों पर निगरानी के निर्देश दिए हैं। निर्देश मिलने पर स्वास्थ्य अफसर यात्रियों की मॉनिटरिंग करने में जुट गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि अब चीन, जापान, साउथ कोरिया, सिंगापुर, हांगकांग, थाईलैंड के साथ इंडोनेशिया, वियतनाम, ईरान और इटली से आने वाले यात्रियों को निगरानी में रखा जाएगा। इस संबंध में केंद्र सरकार के निर्देश मिल चुके हैं।
सिंगापुर, हांगकांग और थाईलैंड जाते रहते हैं नगरवासी
जिले के अधिकांश व्यापारी वर्ग के लोग कारोबार के सिलसिले में या टूर पैकेज में सिंगापुर, हांगकांग और थाईलैंड आते-जाते रहते हैं। गत माह पूर्व भी संबंधित देशों से जिले के आठ से अधिक लोग लौटे थे, लेकिन उस समय कोरोना वायरस का कहर शुरू ही हुआ था।
सांस लेने में होती है परेशानी
चिकित्सकों के अनुसार जानलेवा वायरस कोरोना के लक्षण भी स्वाइन फ्लू जैसे ही हैं, लेकिन ये स्वाइन फ्लू से अधिक खतरनाक है। कोरोना वायरस में भी जुकाम, खांसी के साथ बुखार भी आता है और मरीज निमोनिया से पीड़ित हो जाता है। साथ ही सांस लेने में भी परेशानी होती है। ऐसे में मरीज को तत्काल आक्सीजन देने की जरूरत पड़ती है।
कोट
एक परिवार के सदस्य कोरोना मरीज के संपर्क में आने पर एहतियात के तौर पर भर्ती किए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने तक परिवार कोरोना वार्ड में ही रहेगा। रिपोर्ट निगेटिव आने पर घर भेज दिया जाएगा और यदि रिपोर्ट पाजीटिव आती है तो इलाज शुरू कर दिया जाएगा। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ
परिवार को एहतियात के तौर पर भर्ती कराया गया है। समय-समय पर स्वास्थ्य अफसरों से रिपोर्ट मांगी जा रही है। उपचार में लापरवाही बरतने पर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। - रविंद्र कुमार, जिलाधिकारी