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बुखार से दो सगी बहनों की मौत
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औरंगाबाद में बुखार से दोनों बहनों की हुई मौत।
- फोटो : BULANDSHAHR
बुखार से दो सगी बहनों की मौत
बुलंदशहर/औरंगाबाद। जिले में बुखार से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को औरंगाबाद नगर क्षेत्र निवासी दो सगी बहनों की बुखार के चलते मौत हो गई। गमगीन माहौल में परिजनों ने दोनो के शवों को दफना दिया है। वहीं, सीएचसी प्रभारी और स्वास्थ्य अफसरों ने मामले की जानकारी होने से इंकार किया है।
जनपद में कोरोना संक्रमण के साथ-साथ बुखार का असर बढ़ रहा है। जिले में अब तक एक दर्जन से अधिक मौतें हो चुकी हैं। वहीं, हजारों लोग अभी भी बुखार से पीड़ित है। रविवार को औरंगाबाद नगर के मोहल्ला मालियान अव्वल निवासी अख्तर अंसारी की दो पुत्रियों साहिबा छह वर्ष और लाईबा तीन वर्ष की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों के अनुसार दोनों बहनों को गत चार-पांच दिन पूर्व बुखार आने पर मोहल्ले में ही एक अपंजीकृत चिकित्सक से उपचार कराया गया था। हालत गंभीर होने पर दोनों को जिला अस्पताल ले आए। जहां से उपचार के दौरान स्वास्थ्य में सुधार न होने पर चिकित्सकों द्वारा मेरठ मेडिकल रेफर कर दिया गया। शनिवार रात करीब 12 बजे हालत गंभीर होने पर चिकित्सको ने दिल्ली ले जाने की सलाह दी। लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने पर परिजन दोनों को घर ले आए। घर आते समय साहिबा ने रास्ते में दम तोड़ दिया। जबकि कुछ घंटे बाद ही दूसरी बेटी की भी मौत हो गई।
सीएचसी पर नहीं मिलते चिकित्सक
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पर्याप्त संसाधन होने के बावजूद लोगों को समय पर सुविधाएं नहीं मिल पाती है। आठ बजे से दो बजे के बीच चिकित्सक अक्सर गायब रहते है। वहीं, इमरजेंसी के दौरान मरीजों को चिकित्सकों के आने का इंतजार करना पड़ता है। वहीं, स्वास्थ्य अफसरों की सांठगांठ के चलते क्षेत्र में काफी अपंजीकृत अस्पताल चल रहे हैं। सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी ने बताया कि दो बहनों की बुखार से मौत की जानकारी नही है। सोमवार को टीम को घर भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी।
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बुखार से मौत पर अफसर नहीं सतर्क, हो रही खानापूर्ति
कोरोना के साथ-साथ जनपद के सभी क्षेत्रों में वायरल बुखार ने गत माह से कहर बरपा रखा है। अब तक जिले में एक दर्जन से अधिक लोगों की वायरल बुखार से मौत हो चुकी है। जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। वहीं, दूसरी और बुखार से मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग गांव में स्वास्थ्य कैंप लगाने के नाम पर महज खानापूर्ति करने में जुट गया है। लोगों के खून की जांच करने की जगह महज शिविर लगाकर पैरासिटामोल गोली देकर लोगों का बुखार कम करने में जुटा हुआ है। सूत्रों की माने तो अफसर अभी तक हुई मौतों में से किसी की भी मौत बुखार से होने की पुष्टि नहीं कर रहे है।
जहां-जहां बुखार से मौत की जानकारी मिल रही है। वहां पर टीम को भेजकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच करवाई जा रही है। साथ ही सभी प्रभारियों से प्रतिदिन बुखार से मरीजों की रिपोर्ट तलब की जा रही है। कोरोना लक्षण मिलने पर संबंधित की कोरोना जांच भी कराई जा रही है। अपंजीकृत अस्पतालों पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जाएगा। - डॉ. भवतोष शंखधर, सीएमओ
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बुलंदशहर/औरंगाबाद। जिले में बुखार से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को औरंगाबाद नगर क्षेत्र निवासी दो सगी बहनों की बुखार के चलते मौत हो गई। गमगीन माहौल में परिजनों ने दोनो के शवों को दफना दिया है। वहीं, सीएचसी प्रभारी और स्वास्थ्य अफसरों ने मामले की जानकारी होने से इंकार किया है।
जनपद में कोरोना संक्रमण के साथ-साथ बुखार का असर बढ़ रहा है। जिले में अब तक एक दर्जन से अधिक मौतें हो चुकी हैं। वहीं, हजारों लोग अभी भी बुखार से पीड़ित है। रविवार को औरंगाबाद नगर के मोहल्ला मालियान अव्वल निवासी अख्तर अंसारी की दो पुत्रियों साहिबा छह वर्ष और लाईबा तीन वर्ष की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों के अनुसार दोनों बहनों को गत चार-पांच दिन पूर्व बुखार आने पर मोहल्ले में ही एक अपंजीकृत चिकित्सक से उपचार कराया गया था। हालत गंभीर होने पर दोनों को जिला अस्पताल ले आए। जहां से उपचार के दौरान स्वास्थ्य में सुधार न होने पर चिकित्सकों द्वारा मेरठ मेडिकल रेफर कर दिया गया। शनिवार रात करीब 12 बजे हालत गंभीर होने पर चिकित्सको ने दिल्ली ले जाने की सलाह दी। लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने पर परिजन दोनों को घर ले आए। घर आते समय साहिबा ने रास्ते में दम तोड़ दिया। जबकि कुछ घंटे बाद ही दूसरी बेटी की भी मौत हो गई।
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सीएचसी पर नहीं मिलते चिकित्सक
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पर्याप्त संसाधन होने के बावजूद लोगों को समय पर सुविधाएं नहीं मिल पाती है। आठ बजे से दो बजे के बीच चिकित्सक अक्सर गायब रहते है। वहीं, इमरजेंसी के दौरान मरीजों को चिकित्सकों के आने का इंतजार करना पड़ता है। वहीं, स्वास्थ्य अफसरों की सांठगांठ के चलते क्षेत्र में काफी अपंजीकृत अस्पताल चल रहे हैं। सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी ने बताया कि दो बहनों की बुखार से मौत की जानकारी नही है। सोमवार को टीम को घर भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी।
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बुखार से मौत पर अफसर नहीं सतर्क, हो रही खानापूर्ति
कोरोना के साथ-साथ जनपद के सभी क्षेत्रों में वायरल बुखार ने गत माह से कहर बरपा रखा है। अब तक जिले में एक दर्जन से अधिक लोगों की वायरल बुखार से मौत हो चुकी है। जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। वहीं, दूसरी और बुखार से मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग गांव में स्वास्थ्य कैंप लगाने के नाम पर महज खानापूर्ति करने में जुट गया है। लोगों के खून की जांच करने की जगह महज शिविर लगाकर पैरासिटामोल गोली देकर लोगों का बुखार कम करने में जुटा हुआ है। सूत्रों की माने तो अफसर अभी तक हुई मौतों में से किसी की भी मौत बुखार से होने की पुष्टि नहीं कर रहे है।
जहां-जहां बुखार से मौत की जानकारी मिल रही है। वहां पर टीम को भेजकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच करवाई जा रही है। साथ ही सभी प्रभारियों से प्रतिदिन बुखार से मरीजों की रिपोर्ट तलब की जा रही है। कोरोना लक्षण मिलने पर संबंधित की कोरोना जांच भी कराई जा रही है। अपंजीकृत अस्पतालों पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जाएगा। - डॉ. भवतोष शंखधर, सीएमओ