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Bulandshahar News: फैक्टरी में दूध में मिलावट कर पनीर बनाने का भंडाफोड़
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पनीर की फैक्टरी में कार्रवाई करती खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम।
- फोटो : संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
जहांगीरपुर/सिकंदराबाद/अनूपशहर। खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुक्रवार को फैक्टरी में दूध में सोया दूध और केमिकल मिलाकर पनीर बनाने का भंडाफोड़ किया है। यहां से मिलावटी पनीर और दूध की आपूर्ति दिल्ली, गाजियाबाद और एनसीआर में की जा रही थी। टीम ने मौके पर मिले 40 क्विंटल दूध, साढ़े सात क्विंटल पनीर और 12.5 क्विंटल सोया बड़ी को नष्ट करा दिया। चार नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त आयुक्त विनीत कुमार ने बताया कि जहांगीरपुर के भुन्ना जाटान में संचालित पनीर फैक्टरी की जांच के लिए टीम पहुंची थी। इस दौरान पाया गया कि आसपास के गांवों से दूध की खरीद की जाती है। इसके बाद दूध को फैक्टरी में लाकर इसमें सोया दूध मिलाया जाता है। सफेद रंग लाने के लिए डेयरी व्हाइटनर, फैट बढ़ाने के लिए रिफाइंड ऑयल, मिठास बढ़ाने के लिए सैकरीन का प्रयोग किया जाता है।
फैक्टरी में औसतन पांच हजार लीटर मिलावटी दूध तैयार कर दिल्ली, गाजियाबाद व एनसीआर के अन्य क्षेत्र में आपूर्ति की जा रही थी। टीम ने मौके से केमिकल के रैपर, डिब्बे और टीन भी बरामद किए हैं। पूछताछ में पनीर फैक्टरी संचालक विशाल निवासी भुन्ना जाटान ने बताया कि वह दूध में इन केमिकल को मिलाकर पनीर तैयार कर रहा था।
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मौके से दूध, पनीर और सोया दूध के चार सैंपल लिए गए है। करीब दो लाख रुपये कीमत का 4000 लीटर दूध, डेढ़ लाख रुपये कीमत की 750 किलोग्राम पनीर, 25 हजार रुपये कीमत की 1250 किलोग्राम सोया बड़ी को मौके पर नष्ट कराया गया। फैक्टरी के पंजीकरण को निलंबित कर दिया गया है। पांच हजार लीटर प्रतिदिन से अधिक दूध की सप्लाई यहां से की जा रही थी।
इसके अलावा टीम ने खुर्जा जंक्शन रोड स्थित कलंदरगढ़ी में दो रसगुल्ला निर्माण इकाइयों पर भी कार्रवाई की है। मौके से सफेद रसगुल्ला का एक नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया। दूसरी इकाई में वनस्पति मिश्रित करके सफेद रसगुल्ला का निर्माण किया जा रहा था। वहां से भी दूध, वनस्पति घी एवं सफेद रसगुल्ला के नमूने लिए। इकाई में काम करने पर भी रोक लगा दी गई है।
वनस्पति घी, चीनी खिलौना और सरसों तेल के लिए नमूने
खाद्य विभाग की टीम ने सिकंदराबाद में दनकौर तिराहा स्थित मेसर्स बालाजी ट्रेडिंग कंपनी पर कार्रवाई करते हुए मौके से स्कूटर ब्रांड वनस्पति घी, पीवी एग्रो फिट ब्रांड के सोया ऑयल के नमूने लेकर जांच के लिए भेजा गया। वहीं, अनूपशहर में कार्रवाई करते हुए अहार रोड स्थित कन्हैया लाल स्पेलर से एक सरसों तेल और नेम सिंह के प्रतिष्ठान से एक चीनी खिलौने का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया है।
जिले से 50 हजार लीटर दूध की हो रही सप्लाई
जिले में करीब 10 लाख लीटर दूध का प्रतिदिन उत्पादन हो रहा है। जबकि प्रतिदिन औसतन 50 हजार लीटर दूध की सप्लाई दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद समेत अन्य जिलों में हो रही है। बताया जा रहा है कि सप्लाई किया जा रहा लगभग 50 फीसदी दूध मिलावटी होता है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त विनीत कुमार ने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए 12 नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। भुन्ना जाटान में पनीर फैक्टरी पर असली दूध में सोया दूध मिलाने के बाद में केमिकल मिलाए जा रहे थे। मौके पर मिले दूध, पनीर और सोया बड़ी को नष्ट करा दिया गया है।
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जहांगीरपुर/सिकंदराबाद/अनूपशहर। खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुक्रवार को फैक्टरी में दूध में सोया दूध और केमिकल मिलाकर पनीर बनाने का भंडाफोड़ किया है। यहां से मिलावटी पनीर और दूध की आपूर्ति दिल्ली, गाजियाबाद और एनसीआर में की जा रही थी। टीम ने मौके पर मिले 40 क्विंटल दूध, साढ़े सात क्विंटल पनीर और 12.5 क्विंटल सोया बड़ी को नष्ट करा दिया। चार नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त आयुक्त विनीत कुमार ने बताया कि जहांगीरपुर के भुन्ना जाटान में संचालित पनीर फैक्टरी की जांच के लिए टीम पहुंची थी। इस दौरान पाया गया कि आसपास के गांवों से दूध की खरीद की जाती है। इसके बाद दूध को फैक्टरी में लाकर इसमें सोया दूध मिलाया जाता है। सफेद रंग लाने के लिए डेयरी व्हाइटनर, फैट बढ़ाने के लिए रिफाइंड ऑयल, मिठास बढ़ाने के लिए सैकरीन का प्रयोग किया जाता है।
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फैक्टरी में औसतन पांच हजार लीटर मिलावटी दूध तैयार कर दिल्ली, गाजियाबाद व एनसीआर के अन्य क्षेत्र में आपूर्ति की जा रही थी। टीम ने मौके से केमिकल के रैपर, डिब्बे और टीन भी बरामद किए हैं। पूछताछ में पनीर फैक्टरी संचालक विशाल निवासी भुन्ना जाटान ने बताया कि वह दूध में इन केमिकल को मिलाकर पनीर तैयार कर रहा था।
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मौके से दूध, पनीर और सोया दूध के चार सैंपल लिए गए है। करीब दो लाख रुपये कीमत का 4000 लीटर दूध, डेढ़ लाख रुपये कीमत की 750 किलोग्राम पनीर, 25 हजार रुपये कीमत की 1250 किलोग्राम सोया बड़ी को मौके पर नष्ट कराया गया। फैक्टरी के पंजीकरण को निलंबित कर दिया गया है। पांच हजार लीटर प्रतिदिन से अधिक दूध की सप्लाई यहां से की जा रही थी।
इसके अलावा टीम ने खुर्जा जंक्शन रोड स्थित कलंदरगढ़ी में दो रसगुल्ला निर्माण इकाइयों पर भी कार्रवाई की है। मौके से सफेद रसगुल्ला का एक नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया। दूसरी इकाई में वनस्पति मिश्रित करके सफेद रसगुल्ला का निर्माण किया जा रहा था। वहां से भी दूध, वनस्पति घी एवं सफेद रसगुल्ला के नमूने लिए। इकाई में काम करने पर भी रोक लगा दी गई है।
वनस्पति घी, चीनी खिलौना और सरसों तेल के लिए नमूने
खाद्य विभाग की टीम ने सिकंदराबाद में दनकौर तिराहा स्थित मेसर्स बालाजी ट्रेडिंग कंपनी पर कार्रवाई करते हुए मौके से स्कूटर ब्रांड वनस्पति घी, पीवी एग्रो फिट ब्रांड के सोया ऑयल के नमूने लेकर जांच के लिए भेजा गया। वहीं, अनूपशहर में कार्रवाई करते हुए अहार रोड स्थित कन्हैया लाल स्पेलर से एक सरसों तेल और नेम सिंह के प्रतिष्ठान से एक चीनी खिलौने का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया है।
जिले से 50 हजार लीटर दूध की हो रही सप्लाई
जिले में करीब 10 लाख लीटर दूध का प्रतिदिन उत्पादन हो रहा है। जबकि प्रतिदिन औसतन 50 हजार लीटर दूध की सप्लाई दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद समेत अन्य जिलों में हो रही है। बताया जा रहा है कि सप्लाई किया जा रहा लगभग 50 फीसदी दूध मिलावटी होता है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त विनीत कुमार ने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए 12 नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। भुन्ना जाटान में पनीर फैक्टरी पर असली दूध में सोया दूध मिलाने के बाद में केमिकल मिलाए जा रहे थे। मौके पर मिले दूध, पनीर और सोया बड़ी को नष्ट करा दिया गया है।