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तहसीलदार ने बालू से लदे पांच ट्रैक्टर पकड़कर छोड़े
अमर उजाला ब्यूरो /बुलंदशहर
Updated Sat, 27 Aug 2016 11:01 PM IST
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जब्त की गईं ट्रैक्टर ट्रालियां
- फोटो : amarujala
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तहसीलदार सदर ने शनिवार को नगर क्षेत्र से बालू से लदे पांच ट्रैक्टर ट्रालियों को पकड़कर बिना कार्रवाई किए छोड़ दिया। तहसीलदार की दरियादिली शक के घेरे में है। इस संबंध में एडीएम वित्त ने तहसीलदार से स्पष्टीकरण मांगा है।तहसीलदार सदर रतन वर्मा ने टीम के साथ सुबह करीब सात बजे अवैध बालू से लदे पांच ट्रैक्टर ट्रालियों को पकड़ लिया।
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बाद में तहसीलदार ट्रैक्टर ट्रालियों को तहसील ले आए। चार ट्रैक्टर ट्रालियों को आधा घंटा बाद छोड़ा गया, लेकिन एक ट्रैक्टर ट्राली सत्ताधारी दल के नेताओं की सिफारिश पर दोपहर करीब एक बजे छोड़ दिया गया। इस संबंध में तहसीलदार ने डीएम, एडीएम वित्त और एसडीएम सदर को भी बताना मुनासिब नहीं समझा। तहसीलदार ने अवैध खनन की रिपोर्ट भी नहीं बनाई और बिना कार्रवाई किए ही छोड़ दिया।
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बिना कार्रवाई इतनी दरियादिली क्यों दिखाई गईश् इसका जवाब तहसीलदार के पास नहीं है। वहीं, मामला मीडिया में आने के बाद तहसीलदार ने उन नेताओं को फोन भी किया, जिनकी सिफारिश पर ट्रैक्टर ट्राली को छोड़ा गया था।
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खनन में इंट्री का खेल
अवैध खनन में इंट्री का खेल होता है। पुलिस और तहसील के अधिकारी इंट्री के रूप में वसूली की राशि हर ट्रैक्टर ट्राली के मालिक से तय कर देते हैं। यह राशि हर माह अफसरों को देनी होती है। जो इंट्री नहीं देते उनकी धरपकड़ की जाती है। इस मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ है। तहसीलदार का यूं सात बजे धरपकड़ करना और छोड़ देना भी सवालों में है।
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मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो तहसीलदार सदर ने स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। सरकारी खजाने को यूं चोट पहुंचाना बर्दाश्त नहीं होगा। - बृजेश कुमार, एडीएम वित्त
...फोटो है सबूत
जिस समय तहसीलदार वाहन लेकर तहसील पहुंचे उस समय तहसीलदार के आवास के सामने खड़े वाहनों को फोटो कर लिया गया था। फोटो में वाहन और तहसीलदार के घर पर लगी नेम प्लेट साफ दिख रही है।
वाहनों को पकड़कर नहीं छोड़ा है। यह आरोप सरासर गलत है। - रतन वर्मा, तहसीलदार सदर