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पावर कारपोरेशन में 84 लाख का घपला
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sun, 16 Oct 2016 10:01 PM IST
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पावर कारपोरेशन में एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। डिबाई नगर के कैश काउंटर से करीब 84 लाख रुपये लेकर कैशियर गायब हो गया है। अफसर पहले तो मामला दबाते रहे, लेकिन उच्चाधिकारियों के संज्ञान में पहुंचते ही हड़कंप मच गया। आनन-फानन में कैशियर को निलंबित कर जांच के आदेश दिए गए हैं।
एसडीओ पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है। मामले में अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। डिबाई खंड के टाउन कैश काउंटर पर तैनात कैशियर विजय प्रताप सिंह ने जमा हुए बिलों का करीब 30 लाख रुपये जमा नहंीं किया। इसके बाद करीब 54 लाख रुपये की हेराफेरी और की गई।
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कैशियर ने करीब 84 लाख रुपये विभाग में जमा ही नहीं कराए गए हैं। कैशियर विभाग का पैसा लेकर गायब है। एसडीओ से लेकर एक्सईएन तक पहले तो कैशियर की करतूत को दबाते रहे, लेकिन मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आते ही कार्रवाई कर दी गई। अभी तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है।
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मामला संज्ञान में आते ही अधीक्षण अभियंता ने तत्काल कैशियर को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले भी इस प्रकार के मामले सामने आते रहे हैं। बुलंदशहर में भी एक कैशियर करीब 20 लाख रुपये लेकर गायब हो गया था। बाद में उसे निलंबित कर एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
अब करीब 84 लाख रुपये लेकर कैशियर के गायब होने ेक मामले में एसडीओ की मॉनीटरिंग पर सबसे अधिक सवाल उठ रहे हैं। जानकार इसमें विभागीय मिलीभगत की आशंका भी जता रहे हैं। अधीक्षण अभियंता ने कैशियर को निलंबित करते हुए पूरे मामले में जांच बैठा दी है। चीफ और एमडी को रिपोर्ट भेज दी गई है। माना जा रहा है कि पूरे मामले में लापरवाही पर एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
जांच शुरू
मामला संज्ञान में आते ही तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शुरूआती जांच में 84 लाख रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आया है। जांच की जा रही है। जो दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एके सिंह, एसई