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टैंकर लूटने के लिए की थी हसरत की हत्या
अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sat, 14 Nov 2015 05:00 PM IST
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दूध से भरा टैंकर लूटने के लिए ड्राइवर हसरत की हत्या की गई थी। दूध का खरीददार न मिलने पर टैंकर को हापुड़ में रोड किनारे खड़ा कर लुटेरे भाग गए थे।
कोतवाली पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा कर दिया। इनमें तीन मजदूर भी शामिल हैं।
मालूम रहे कि 6 नवंबर को काली नदी में गुलावठी थाना क्षेत्र के गांव आशिफाबाद चंदपुरा निवासी हसरत पुत्र शरीफ का शव मिला था।
नगर कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि 4 नवंबर की शाम वह डिबाई से दूध का टैंकर लेकर गुलावठी स्थित पूर्व सांसद सुरेंद्र नागर की पारस डेयरी पर दूध डालने के लिए चला था।
हसरत ने रात में शिकारपुर-बुलंदशहर रोड स्थित एक ढाबे पर खाना खाया। वहीं आकाश पुत्र भरत सिंह, गुल मोहम्मद उर्फ खानू पुत्र कलुआ तेली और कुलवीर पुत्र मोमराज निवासी गांव दौलतगढ़ सवारी बनकर टैंकर में बैठ गए।
शिकारपुर तिराहे पर आते ही तीनों ने हसरत की गमछे से गला घोटकर हत्या कर दी। शव को काली नदी के पुल के नीचे फेंक दिया।
इसके बाद तीनों ने जितेंद्र पुत्र श्रीपाल और प्रशांत शर्मा पुत्र विनोद शर्मा निवासी गांव डूंगरा जाट थाना जहांगीराबाद को फोन कर टैंकर लूटने की सूचना दी।
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जितेंद्र और प्रशांत टैंकर में बैठकर दूध बेचने के लिए हापुड़ पहुंच गए। जहां कई डेयरियों पर दूध बेचने की कोशिश की। पारस डेयरी का दूध होने के चलते दूध नहीं बिका।
इसके बाद पांचों लोग हापुड़ में मोदीनगर रोड पर गांव बदनौली के पास सड़क किनारे टैंकर खड़ा करके फरार हो गए। हसरत के भाई की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी।
नगर कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि जितेंद्र का गांव दौलतगढ़ में मकान बन रहा है। जिस पर आकाश, गुल मोहम्मद और कुलवीर मजदूरी कर रहे थे। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से पांचों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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कोतवाली पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा कर दिया। इनमें तीन मजदूर भी शामिल हैं।
मालूम रहे कि 6 नवंबर को काली नदी में गुलावठी थाना क्षेत्र के गांव आशिफाबाद चंदपुरा निवासी हसरत पुत्र शरीफ का शव मिला था।
नगर कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि 4 नवंबर की शाम वह डिबाई से दूध का टैंकर लेकर गुलावठी स्थित पूर्व सांसद सुरेंद्र नागर की पारस डेयरी पर दूध डालने के लिए चला था।
हसरत ने रात में शिकारपुर-बुलंदशहर रोड स्थित एक ढाबे पर खाना खाया। वहीं आकाश पुत्र भरत सिंह, गुल मोहम्मद उर्फ खानू पुत्र कलुआ तेली और कुलवीर पुत्र मोमराज निवासी गांव दौलतगढ़ सवारी बनकर टैंकर में बैठ गए।
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शिकारपुर तिराहे पर आते ही तीनों ने हसरत की गमछे से गला घोटकर हत्या कर दी। शव को काली नदी के पुल के नीचे फेंक दिया।
इसके बाद तीनों ने जितेंद्र पुत्र श्रीपाल और प्रशांत शर्मा पुत्र विनोद शर्मा निवासी गांव डूंगरा जाट थाना जहांगीराबाद को फोन कर टैंकर लूटने की सूचना दी।
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जितेंद्र और प्रशांत टैंकर में बैठकर दूध बेचने के लिए हापुड़ पहुंच गए। जहां कई डेयरियों पर दूध बेचने की कोशिश की। पारस डेयरी का दूध होने के चलते दूध नहीं बिका।
इसके बाद पांचों लोग हापुड़ में मोदीनगर रोड पर गांव बदनौली के पास सड़क किनारे टैंकर खड़ा करके फरार हो गए। हसरत के भाई की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी।
नगर कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि जितेंद्र का गांव दौलतगढ़ में मकान बन रहा है। जिस पर आकाश, गुल मोहम्मद और कुलवीर मजदूरी कर रहे थे। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से पांचों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।