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मतदान के बाद भूमिगत एजेंटों पर पुलिस कसेगी शिकंजा

Wed, 08 Feb 2017 12:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Wed, 08 Feb 2017 12:18 AM IST
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After voting on the underground agents screws police Ksegi
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मतदान के बाद सोशल साइट पर एक्टिव भूमिगत सोशल ट्रेड के एजेंटों पर पुलिस-प्रशासन शिकंजा कसेगा। ऐसे एजेंट सोशल साइट के जरिए अब भी लोगों को गुमराह करने में लगे हैं। आयकर विभाग ने भी ऐसे एजेंटों को अपने रडार पर रखा है।

सोशल ट्रेड के माध्यम से करीब सात लाख लोगों से ठगी करने वाले एजेंट अब भूमिगत होकर सोशल साइट के जरिए लोगों को गुमराह कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस-प्रशासन चुनाव बाद ऐसे एजेंटों की खबर लेगी। जिले में सोशल ट्रेड के एजेंट समेत अनुभव मित्तल के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। मतदान के बाद इन एजेंटों पर पुलिस शिकंजा कसेगी।
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फेक न्यूज बना रहे एजेंट
 लोगों को गुमराह करने के लिए एजेंट सोशल मीडिया पर फेक न्यूज का सहारा ले रहे हैं। इसलिए एसटीएफ ने अनुभव मित्तल को गिरफ्तार किया है। अनुभव मित्तल दुनिया की टॉप सोशल साइट्स कंपनियों को पछाड़ रहा था। उसका एम्पायर तेजी से फैल रहा था।
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कुछ राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा उस पर पैसे देने का दबाव बनाया जा रहा था। पैसे नहीं देने पर उसे साजिश का शिकार बनाया गया। यह फेक न्यूज इसलिए बनाई जा रही हैं, ताकि गारंटरों पर दबाव न डाला जा सके।

‘मैं भी लाइक के खेल में फंस गया, प्लीज पैसे दिला दो’
 लाइक्स के खेल में मैं भी फंस गया हूं। मैंने उधार लेकर पैसे लगाए थे। क्लिक से आने वाले पैसों से ही घर का खर्च और बच्चे की स्कूल फीस दी जा रही थी। अगर पैसे नहीं मिले तो मैं पूरी तरह से बर्बाद हो जाऊंगा। प्लीज मेरे पैसे दिला दो।

पिछले दो दिनों में पुलिस कंट्रोल रूम में 150 से ज्यादा ऐसी कॉल आ चुकी हैं, जिसमें से कई शिकायतकर्ता 3700 करोड़ के सोशल फ्राड के खेल में फंसने की कहानी बताते वक्त रो तक पड़े। ऐसे लोगों की पुलिस ने काउंसलिंग तक की है। ताकि वो ज्यादा तनाव में ना आए। बता दें कि इस लाइक्स के फ्राड में सरकारी अधिकारी से लेकर पुलिस अफसर तक फंस गए हैं।

लेकिन महकमे के डर की वजह से शिकायत नहीं कर पा रहे हैं। कई पुलिस वालों ने तो अपने पूरे परिवार तक को लाइक्स के फ्राड से जोड़ लिया था। सोशल फ्राड के बाद लोगों का सब्र टूटता जा रहा है। लोगों ने उधार लेकर लाखों रुपये लगाए हैं। एसटीएफ की तरफ से सोशल फ्राड को सामने लाने के बाद कुछ दिनों तक एक भी शिकायत नहीं आई थी। लेकिन अब जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं लोगों की बेचैनी बढ़ रही हैं। अब कंट्रोल रूम के कर्मचारी सोशल फ्राड की ही शिकायत सुन रहे हैं।

सभी शिकायतें की जा रही हैं नोट
इमरजेंसी कंट्रोल रूम में पिछले दो दिनों में सबसे ज्यादा शिकायत आई हैं। कॉल सेंटर की इंचार्ज शबाना खान ने बताया कि इस दौरान सबसे ज्यादा कॉल सोशल फ्राड वाली आ रही हैं। सभी शिकायतों को नोट किया जा रहा है और उनको रिपोर्ट फ्राडॅॅयूपीएसटीएफ डॉट कॉम पर शिकायत करने को कहा जा रहा है।


पीड़ित परेशान हैं। इसलिए हम लोगों ने उनको समझाया भी है कि वो एसटीएफ और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर भरोसा रखें। हम लोग अपने स्तर पर इनमें कुछ नहीं कर सकते हैं। संबंधित खबर पेज-11पर

 

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