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इंस्पेक्टर की लापता पिस्टल, एसआईटी के लिए बनी चुनौती

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 28 Jun 2019 12:17 AM IST
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इंस्पेक्टर की लापता पिस्टल, एसआईटी के लिए बनी चुनौती
आखिर कहां है इंस्पेक्टर सुबोध की पिस्टल
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बुलंदशहर। स्याना बवाल में अब तक 44 आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं, बावजूद इसके अब तक मृत तत्कालीन स्याना कोतवाल की लापता पिस्टल बरामद नहीं हो सकी है। मामले को छह माह 25 दिन का समय बीत चुका है, लेकिन खाकी का पिस्टल को ढूंढने का हर दांव फेल साबित हो रहा है।

गत तीन दिसंबर 2018 को स्याना की चिंगरावठी चौकी पर बवाल के दौरान तत्कालीन इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और एक युवक सुमित की गोली लगने से मौत हो गई थी। वारदात के दौरान इंस्पेक्टर सुबोध की लाइसेंसी पिस्टल भी लापता हो गई थी। जिसे ढूंढने के लिए एसआईटी और पुलिस ने पूरा जोर लगा दिया था, लेकिन पुलिस उसे बरामद नहीं कर सकी है। वारदात को छह माह 25 दिन से अधिक का समय बीत चुका है। मामले में कुल 44 आरोपी भी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं, लेकिन पिस्टल बरामद न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस मृतक इंस्पेक्टर का फोन बरामद कर चुकी है। हत्यारोपियों और बलवाइयों के खिलाफ चार्जशीट भी कोर्ट में बीते दिनों पेश कर चुकी है। अब एसआईटी को शासन से आरोपियों पर राजद्रोह लगाने की संस्तुति भी मिल गई है। सवाल है कि आखिर इंस्पेक्टर की लाइसेंसी पिस्टल को खाकी अब तक बरामद क्यों नहीं कर सकी है।
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