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चिंगरावठी बवाल से बोर्ड परीक्षार्थियों की तैयारी प्रभावित
Updated Mon, 10 Dec 2018 12:26 AM IST
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चिंगरावठी बवाल से बोर्ड परीक्षार्थियों की तैयारी प्रभावित
बुगरासी। स्याना क्षेत्र के चिंगरावठी चौकी पर हुए बवाल का असर बच्चों की बोर्ड की परीक्षा की तैयारी पर भी पड़ रहा है। आसपास के गांवों में पुलिस की दबिश और घरों से भागे लोगों के कारण जहां परिवार के लोग दहशत में हैं वहीं बोर्ड परीक्षार्थी पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। खास कर महाब, नया बांस और चिंगरावठी गांव में बवाल का असर साफ दिख रहा है।
फरवरी माह में इंटरमीडिएट की बोर्ड की परीक्षाएं होनी हैं। परीक्षा की तैयारी के लिए दिसंबर और जनवरी माह काफी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में इस समय इन गांवों में लगातार दबिश के चलते बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। गांवों में दहशत का माहौल है। अज्ञात नामों के चलते बड़ी संख्या में ग्रामीण गांव छोड़े हुए हैं। तनाव के चलते पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ रहा है। बोर्ड की परीक्षा में बच्चों को शिक्षा के साथ घर वालों के सहयोग की बड़ी आवश्यकता होती है। जबकि परिवार अधिकांश लोग घरों छोड़कर भागे हुए हैं। घरों में बचे हुए लोग बच्चों की पढ़ाई को लेकर भगवान से सिर्फ यही प्रार्थना कर रहे हैं कि किसी तरह से मामला शांत हो जाए और सब कुछ पटरी पर आ जाए। दरअसल, ग्रामीणों के इधर-उधर होने से अधिकांश घरों में छात्रों को ही घर की सारी जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है। ऐसे में उनकी पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है।
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बुगरासी। स्याना क्षेत्र के चिंगरावठी चौकी पर हुए बवाल का असर बच्चों की बोर्ड की परीक्षा की तैयारी पर भी पड़ रहा है। आसपास के गांवों में पुलिस की दबिश और घरों से भागे लोगों के कारण जहां परिवार के लोग दहशत में हैं वहीं बोर्ड परीक्षार्थी पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। खास कर महाब, नया बांस और चिंगरावठी गांव में बवाल का असर साफ दिख रहा है।
फरवरी माह में इंटरमीडिएट की बोर्ड की परीक्षाएं होनी हैं। परीक्षा की तैयारी के लिए दिसंबर और जनवरी माह काफी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में इस समय इन गांवों में लगातार दबिश के चलते बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। गांवों में दहशत का माहौल है। अज्ञात नामों के चलते बड़ी संख्या में ग्रामीण गांव छोड़े हुए हैं। तनाव के चलते पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ रहा है। बोर्ड की परीक्षा में बच्चों को शिक्षा के साथ घर वालों के सहयोग की बड़ी आवश्यकता होती है। जबकि परिवार अधिकांश लोग घरों छोड़कर भागे हुए हैं। घरों में बचे हुए लोग बच्चों की पढ़ाई को लेकर भगवान से सिर्फ यही प्रार्थना कर रहे हैं कि किसी तरह से मामला शांत हो जाए और सब कुछ पटरी पर आ जाए। दरअसल, ग्रामीणों के इधर-उधर होने से अधिकांश घरों में छात्रों को ही घर की सारी जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है। ऐसे में उनकी पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है।
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