{"_id":"5c0ab9fcbdec22419a25a478","slug":"154420688511-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्याना से की पढ़ाई, नहीं है कोई आपराधिक रिकार्ड","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
स्याना से की पढ़ाई, नहीं है कोई आपराधिक रिकार्ड
Updated Fri, 07 Dec 2018 11:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
स्याना से की पढ़ाई, नहीं है जीतू का आपराधिक रिकार्ड
गाजियाबाद। चिंगरावठी में हुए बवाल में आरोपी बना जीतू फौजी का पुलिस के पास कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है। परिजनों के अनुसार, उसने इंटर कालेज चित्सौना से हाईस्कूल की पढ़ाई की है। पब्लिक इंटर कालेज स्याना से इंटरमीडिएट पास किया है। उसके बाद वह कुछ समय तक घनसूरपुर कालेज में भी पढ़ा है, लेकिन उसके बाद पढ़ाई जारी रखी या बंद कर दी। इसकी कोई जानकारी नहीं दे पा रहा है।
जीतू फौजी की उम्र 24 साल के आसपास है। करीब चार साल पूर्व वह सेना में भर्ती हुआ था। ढाई साल पूर्व उसकी शादी हुई है। 10 माह का एक बेटा भी है। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, जब से जीतू की नौकरी फौज में लगी है, तब से वह गांव कम ही आता था। जब भी छुट्टी पर आता था तो मोहल्ले के सभी लोगों से मिलता था। बताया कि नौकरी लगने से पहले भी जीतू का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं रहा है और न ही नौकरी लगने के बाद वह किसी मामले में शामिल रहा है। एक मित्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जीतू क्रिकेट अच्छा खेलता था। उसका व्यवहार अच्छा था। शादी के बाद से उससे मुलाकात कम होने लगी थी। वह खेलने भी नहीं आता था। उसके बड़ा भाई धर्मेंद्र भी सेना में है और पुणे में तैनात है। लोगों ने बताया कि गांव में भी इस परिवार का किसी से कोई विवाद नहीं था।
गाजियाबाद। चिंगरावठी में हुए बवाल में आरोपी बना जीतू फौजी का पुलिस के पास कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है। परिजनों के अनुसार, उसने इंटर कालेज चित्सौना से हाईस्कूल की पढ़ाई की है। पब्लिक इंटर कालेज स्याना से इंटरमीडिएट पास किया है। उसके बाद वह कुछ समय तक घनसूरपुर कालेज में भी पढ़ा है, लेकिन उसके बाद पढ़ाई जारी रखी या बंद कर दी। इसकी कोई जानकारी नहीं दे पा रहा है।
जीतू फौजी की उम्र 24 साल के आसपास है। करीब चार साल पूर्व वह सेना में भर्ती हुआ था। ढाई साल पूर्व उसकी शादी हुई है। 10 माह का एक बेटा भी है। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, जब से जीतू की नौकरी फौज में लगी है, तब से वह गांव कम ही आता था। जब भी छुट्टी पर आता था तो मोहल्ले के सभी लोगों से मिलता था। बताया कि नौकरी लगने से पहले भी जीतू का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं रहा है और न ही नौकरी लगने के बाद वह किसी मामले में शामिल रहा है। एक मित्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जीतू क्रिकेट अच्छा खेलता था। उसका व्यवहार अच्छा था। शादी के बाद से उससे मुलाकात कम होने लगी थी। वह खेलने भी नहीं आता था। उसके बड़ा भाई धर्मेंद्र भी सेना में है और पुणे में तैनात है। लोगों ने बताया कि गांव में भी इस परिवार का किसी से कोई विवाद नहीं था।
विज्ञापन