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छात्राओं का अशर्ील वीडियो बनाने के मामले में आया नया मोड़
Updated Thu, 17 Aug 2017 10:56 PM IST
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सहायक अध्यापिका ने साजिश के तहत झूठा फंसाने का लगाया आरोप
- अश्लील वीडियो बनाने के मामले में आया नया मोड़
- सीएम को पत्र भेजकर मामले की फोरेंसिक जांच कराने की मांग की
बुलंदशहर। सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव स्थित एक विद्यालय में सहायक अध्यापिका द्वारा छात्राओं के अश्लील वीडियो बनाने के मामले में नया मोड़ आया है। सहायक अध्यापिका ने साजिश के तहत खुद को फंसाने का आरोप लगाते हुए सीएम को पत्र भेजकर फोरेंसिक जांच कराने की मांग की है।
गौरतलब हो कि सिकंदराबाद क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक को फंसाने के लिए सहायक अध्यापिका द्वारा छात्राओं का अश्लील वीडियो बनाने का मामला आया था। मामले में एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने सहायक अध्यापिका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी, लेकिन सभी आरोपों को साजिश बताते हुए सहायक अध्यापिका जया शर्मा ने बताया कि उन्होंने प्रधानाध्यापक के खिलाफ वित्तीय घोटालों के मामले में आरटीआई डाली थी। कई बार इस संबंध में उच्चाधिकारियों से भी शिकायत की गई है। इससे रंजिश मानकर गांव वालों को भड़का कर उनके खिलाफ षड़यंत्र रचा गया और झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई। सहायक अध्यापिका जया शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रकरण में गैर विभागीय अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ सभी साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच की भी मांग की।
कोट्स
मामले में जांच पूरी कर ली गई है। सहायक अध्यापिका और प्रधानाध्यापक दोनों दोषी पाए गए हैं। दोनों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी
अजीत कुमार, बीएसए
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- अश्लील वीडियो बनाने के मामले में आया नया मोड़
- सीएम को पत्र भेजकर मामले की फोरेंसिक जांच कराने की मांग की
बुलंदशहर। सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव स्थित एक विद्यालय में सहायक अध्यापिका द्वारा छात्राओं के अश्लील वीडियो बनाने के मामले में नया मोड़ आया है। सहायक अध्यापिका ने साजिश के तहत खुद को फंसाने का आरोप लगाते हुए सीएम को पत्र भेजकर फोरेंसिक जांच कराने की मांग की है।
गौरतलब हो कि सिकंदराबाद क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक को फंसाने के लिए सहायक अध्यापिका द्वारा छात्राओं का अश्लील वीडियो बनाने का मामला आया था। मामले में एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने सहायक अध्यापिका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी, लेकिन सभी आरोपों को साजिश बताते हुए सहायक अध्यापिका जया शर्मा ने बताया कि उन्होंने प्रधानाध्यापक के खिलाफ वित्तीय घोटालों के मामले में आरटीआई डाली थी। कई बार इस संबंध में उच्चाधिकारियों से भी शिकायत की गई है। इससे रंजिश मानकर गांव वालों को भड़का कर उनके खिलाफ षड़यंत्र रचा गया और झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई। सहायक अध्यापिका जया शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रकरण में गैर विभागीय अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ सभी साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच की भी मांग की।
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कोट्स
मामले में जांच पूरी कर ली गई है। सहायक अध्यापिका और प्रधानाध्यापक दोनों दोषी पाए गए हैं। दोनों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी
अजीत कुमार, बीएसए