कोर्ट सख्त: हाजिर न होने पर विवेचक सीओ नम्रता श्रीवास्तव पर गिरी गाज, दर्ज होगा प्रकीर्ण वाद; सीपी को निर्देश
छह साल पुराने मामले में साक्ष्य के लिए बार-बार बुलाए जाने के बावजूद अदालत में हाजिर नहीं होने पर विवेचक सीओ नम्रता श्रीवास्तव पर कार्रवाई की तैयारी है। नाराज न्यायालय ने उनके खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही आदेश की प्रति वाराणसी पुलिस कमिश्नर को भेजी गई है। मामले में अगली सुनवाई निर्धारित की गई है।
विस्तार
करीब छह साल पुराने एक दहेज हत्या के मामले में बार-बार तलब किए जाने और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये भी पेश न होने पर अदालत ने विवेचक सीओ नम्रता श्रीवास्तव के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-8 आजाद सिंह की अदालत ने विवेचक नम्रता श्रीवास्तव के आचरण पर नाराजगी जताते हुए उनके खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया है।
अदालत में सत्र परीक्षण संख्या 2012/2020 सरकार बनाम फरमान की सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के दौरान अभियुक्त अदालत में उपस्थित था और पत्रावली अभियोजन साक्ष्य के लिए नियत थी।
इस दौरान सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दांडिक ने प्रार्थना पत्र देकर अदालत को अवगत कराया कि मामले की निष्पक्ष सुनवाई के लिए तत्कालीन विवेचक नम्रता श्रीवास्तव का साक्ष्य अंकित होना बेहद जरूरी है। वर्तमान में इनकी तैनाती वाराणसी जनपद में है।
वे लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी अदालत में उपस्थित नहीं हो रही हैं, इसलिए उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए। पत्रावली का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ने पाया कि यह प्रकरण करीब 6 वर्ष पुराना है। साक्षी विवेचक के बयान दर्ज कराने के लिए अदालत लगातार कार्रवाई कर रही है, इसके बावजूद वह पेश नहीं हो रही हैं।
अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए साक्षी के आचरण के मद्देनजर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 389 के तहत नम्रता श्रीवास्तव के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज करने के निर्देश दिए। अदालत ने उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये साक्ष्य देने के लिए 11 सितंबर की तिथि नियत की है। साथ ही आदेश की एक प्रति तत्काल ई-मेल के जरिये पुलिस कमिश्नर, पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी को भेजने का निर्देश दिया है, जिससे कि आदेश का अनुपालन हो सके।