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58 वर्ष पार, अब नहीं बन पाएंगे थानेदार
बुलंदशहर, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jan 2016 12:13 AM IST
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डीजीपी ने पुलिसिंग को बेहतर करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए है। इसके तहत जिले में कई थानेदारों की कुर्सी जा सकती है।
नई गाइड लाइन के मुताबिक, 58 साल से अधिक उम्र वाले इंस्पेक्टरों को अब थानेदारी का मौका नहीं मिलेगा। इसके पीछे उम्र के तकाजे को कारण बताया गया है। इतना ही नहीं बैड एंट्री वाले दरोगा भी अब थानेदार नहीं बन सकेंगे।
एसपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि शासन की नई गाइड लाइन आई हैं। जिसमें 58 साल से अधिक उम्र के दरोगा व इंस्पेक्टर को थाने का चार्ज नहीं देने के बाबत निर्देश हैं। साथ ही लाइन हाजिर या सस्पेंड होने की दशा में तीन महीने तक किसी भी थाने व चौकी का चार्ज नहीं दिया जाएगा।
बता दें कि डीजीपी ने पुलिसिंग को बेहतर करने के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अपने निर्देश में कहा है कि अब डीआईजी की कमेटी ही एसओ बनाएगी। इस कमेटी की बैठक साल में दो बार जनवरी व जुलाई में होगी। इस कमेटी में मुहर लगने के बाद ही एसओ बनाए जाएंगे।
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यदि अपरिहार्य कारणों से किसी जूनियर पुलिसकर्मी को थाने का चार्ज दिया जा रहा है तो इसके लिए डीआईजी की संस्तुति जरूरी है। लाइन हाजिर होने या फिर सस्पेंड होने की दशा में थाने का चार्ज तीन महीने तक नहीं दिया जाएगा।
डीजीपी ने कहा कि जिस दरोगा या इंस्पेक्टर की निष्ठा संदेह के घेरे में है उसे भी तीन साल तक एसओ नहीं बनाया जा सकता है।
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नई गाइड लाइन के मुताबिक, 58 साल से अधिक उम्र वाले इंस्पेक्टरों को अब थानेदारी का मौका नहीं मिलेगा। इसके पीछे उम्र के तकाजे को कारण बताया गया है। इतना ही नहीं बैड एंट्री वाले दरोगा भी अब थानेदार नहीं बन सकेंगे।
एसपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि शासन की नई गाइड लाइन आई हैं। जिसमें 58 साल से अधिक उम्र के दरोगा व इंस्पेक्टर को थाने का चार्ज नहीं देने के बाबत निर्देश हैं। साथ ही लाइन हाजिर या सस्पेंड होने की दशा में तीन महीने तक किसी भी थाने व चौकी का चार्ज नहीं दिया जाएगा।
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बता दें कि डीजीपी ने पुलिसिंग को बेहतर करने के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अपने निर्देश में कहा है कि अब डीआईजी की कमेटी ही एसओ बनाएगी। इस कमेटी की बैठक साल में दो बार जनवरी व जुलाई में होगी। इस कमेटी में मुहर लगने के बाद ही एसओ बनाए जाएंगे।
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यदि अपरिहार्य कारणों से किसी जूनियर पुलिसकर्मी को थाने का चार्ज दिया जा रहा है तो इसके लिए डीआईजी की संस्तुति जरूरी है। लाइन हाजिर होने या फिर सस्पेंड होने की दशा में थाने का चार्ज तीन महीने तक नहीं दिया जाएगा।
डीजीपी ने कहा कि जिस दरोगा या इंस्पेक्टर की निष्ठा संदेह के घेरे में है उसे भी तीन साल तक एसओ नहीं बनाया जा सकता है।