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गेहूं बुवाई का का निशुल्क होगा प्रदर्शन, अनुदान भी मिलेगा
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गेहूं बुआई का निशुल्क होगा प्रदर्शन, अनुदान भी मिलेगा
बुलंदशहर। किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। उनकी गेहूं बुआई का निशुल्क प्रदर्शन होगा। साथ ही किसानों को अनुदान भी मिलेगा। प्रदर्शन के लिए कृषि विज्ञान केंद्र को 50 हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है। किसान इसका लाभ ‘पहले आओ और पहले पाओ’ के आधार पर ले सकते हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. शिव सिंह ने बताया कि केंद्र पर फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना के अंतर्गत किसानों के लिए गेहूं बुआई के प्रदर्शन उपलब्ध है। प्रदर्शन के लिए 50 हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है। गेहूं की बुवाई हैप्पी सीडर और जीरो सीड ड्रिल से करनी होगी। यह यंत्र कृषि विज्ञान केंद्र पर उपलब्ध हैं। प्रदर्शन के लिए किसानों को प्रति हेक्टेयर छह हजार का अनुदान दिया जाएगा। इसमें किसान गेहूं का बीज, उर्वरक जैसे यूरिया, एनपीके और डीएपी के साथ खरपतवारनाशी के लिए प्रयोग होने वाली दवाइयों का क्रय करके इनका बिजली केंद्र पर जमा करवाएंगे। उसके बाद अनुदान की राशि किसान के खाते में पहुंच जाएगी। इस योजना का लाभ उठाने वाले किसानों के लिए शर्त यह रहेगी कि उनका खेत सड़क किनारे हो और धान की फसल उगाई गई हो। योजना का लाभ उठाने के लिए किसान को अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक और कृषि विभाग में पंजीकरण की छायाप्रति उपलब्ध करवानी होगी। अधिक जानकारी के लिए किसान कृषि विज्ञान केंद्र में पहुंचकर जानकारी हासिल कर सकते हैं।
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बुलंदशहर। किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। उनकी गेहूं बुआई का निशुल्क प्रदर्शन होगा। साथ ही किसानों को अनुदान भी मिलेगा। प्रदर्शन के लिए कृषि विज्ञान केंद्र को 50 हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है। किसान इसका लाभ ‘पहले आओ और पहले पाओ’ के आधार पर ले सकते हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. शिव सिंह ने बताया कि केंद्र पर फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना के अंतर्गत किसानों के लिए गेहूं बुआई के प्रदर्शन उपलब्ध है। प्रदर्शन के लिए 50 हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है। गेहूं की बुवाई हैप्पी सीडर और जीरो सीड ड्रिल से करनी होगी। यह यंत्र कृषि विज्ञान केंद्र पर उपलब्ध हैं। प्रदर्शन के लिए किसानों को प्रति हेक्टेयर छह हजार का अनुदान दिया जाएगा। इसमें किसान गेहूं का बीज, उर्वरक जैसे यूरिया, एनपीके और डीएपी के साथ खरपतवारनाशी के लिए प्रयोग होने वाली दवाइयों का क्रय करके इनका बिजली केंद्र पर जमा करवाएंगे। उसके बाद अनुदान की राशि किसान के खाते में पहुंच जाएगी। इस योजना का लाभ उठाने वाले किसानों के लिए शर्त यह रहेगी कि उनका खेत सड़क किनारे हो और धान की फसल उगाई गई हो। योजना का लाभ उठाने के लिए किसान को अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक और कृषि विभाग में पंजीकरण की छायाप्रति उपलब्ध करवानी होगी। अधिक जानकारी के लिए किसान कृषि विज्ञान केंद्र में पहुंचकर जानकारी हासिल कर सकते हैं।
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