फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Bulandshahr Minor Girl harassment and murder brutal act against an innocent child shamed humanity

UP: मासूम संग दरिंदगी से मानवता शर्मसार... सवालों के घेरे में व्यवस्था; पहले भी दरिंदों का शिकार हुईं बेटियां

Sun, 04 Jan 2026 10:14 AM IST
शाहरुख खान विकास वत्स, संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर
विकास वत्स, संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 04 Jan 2026 10:14 AM IST
सार

बुलंदशहर में मासूम के साथ हुई दरिंदगी से मानवता शर्मसार हो गई। सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र में न तो ठीक से किरायेदार का सत्यापन हो रहा, न पड़ोसी या मकान मालिक को किसी से वास्ता है। एक बार फिर से व्यवस्था सवालों के घेरे में है।

विज्ञापन
Bulandshahr Minor Girl harassment and murder brutal act against an innocent child shamed humanity
Bulandshahr Minor Girl harassment - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

बुलंदशहर के सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र में छह वर्षीय मासूम के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। साथ ही समाज और व्यवस्था की गंभीर चूक को भी उजागर किया है। 
विज्ञापन


फिरोजाबाद से रोजी-रोटी की तलाश में आए मजदूर की बेटी के साथ हुई दरिंदगी बताती है कि बिना सत्यापन के बसाए जा रहे किरायेदार और नशा किस तरह घातक साबित हो रहे हैं। यह घटना महज एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि सामाजिक लापरवाही और निगरानी तंत्र की विफलता का आईना भी है।
विज्ञापन


घटनास्थल पर पहुंचने पर सामने आया कि क्षेत्र में मजदूर परिवारों के सपने बड़े-बड़े घरों के छोटे-छोटे कमरों में कैद हैं। आसपास के लोगों से बातचीत में पता चला कि न तो यहां किसी तरह का किरायेदार सत्यापन है और न ही पड़ोसी या मकान मालिक को किसी से वास्ता।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

लोगों ने कहा कि क्षेत्र में बिना सत्यापन के कमरे देना आम बात हो चुकी है। पुलिस की फाइलों में दर्ज नियम जमीनी हकीकत में धूल फांक रहे हैं और बिना पहचान के लोग बेखौफ पनाह पा रहे हैं। इससे पुलिस विभाग के साथ सवाल मकान मालिकों पर भी उठता है कि आखिर वह अपनी जिम्मेदारी कब समझेंगे? क्या चंद रुपये किसी मासूम की जान से ज्यादा कीमती हैं?
 

एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि किरायेदारों के सत्यापन की जांच के लिए समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण किया जाता है। साथ ही लोगों को जागरूक किया जाता है। इसके लिए ऑनलाइन प्रक्रिया है, लेकिन अधिकांश मकान मालिक इससे बचते हैं। शीघ्र ही ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।

पहले भी दरिंदों का शिकार हो चुकीं बेटियां
यह जनपद की पहली घटना नहीं है। पूर्व में भी नशे की हालत में ऐसी दिल दहला देने वाली वारदातें सामने आती रही हैं। करीब तीन वर्ष पहले अनूपशहर कोतवाली क्षेत्र में एक नाबालिग मूकबधिर बच्ची पड़ोस के मकान में पानी पीने गई थी। वहां नशे में धुत युवक ने दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर शव आंगन में ही दफना दिया था।

डिबाई थाना क्षेत्र में जून 2020 में एक रिश्तेदार ने नाबालिग किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म किया। इस मामले में आरोपी को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई।

 

इसी तरह रामघाट थाना क्षेत्र में वर्ष 2021 में दो युवकों ने किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। 52 दिन के भीतर दोषियों को 30-30 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई।

इसके अलावा खानपुर के एक गांव में किशोरी के साथ चाचा ने दुष्कर्म किया था। इस मामले में न्यायालय ने उसे आठ माह में सजा सुनाई थी। वहीं, जहांगीराबाद कोतवाली क्षेत्र में मासूम बच्ची के साथ पड़ोसी युवक ने दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर शव को अपने ही घर में छिपा दिया था।

 

चुप्पी तोड़नी होगी, वरना होती रहेंगी वारदातें
समाजसेवी राजेश शर्मा का कहना है कि यह घटना डराती भी है और लज्जित भी करती है। समाज की खामोशी अपराधियों की सबसे बड़ी ढाल बन चुकी है। पड़ोसी को न जानने वाली यह व्यवस्था बदलनी होगी। सतर्क समाज और त्वरित न्याय ही ऐसी घटनाओं पर रोक लगा सकता है।

 

इलाके में भारी आक्रोश
इस जघन्य वारदात से न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं, बल्कि पूरे इलाके में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना ने गांव के दामन पर ऐसा दाग लगा दिया है, जिसे धोना आसान नहीं। लोगों की मांग है कि दोषियों को सख्त सजा मिले।

 

बोले कानून विशेषज्ञ
विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो अधिनियम) वरुण कौशिक ने बताया कि ऐसे मामलों में पुलिस को 60 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करनी होती है। चार्जशीट के बाद 60 दिन में ट्रायल पूरा करने का प्रावधान है। मामला अत्यंत गंभीर है और इसमें त्वरित व कठोर न्याय जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed