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बुलंदशहर के इस स्कूल से पढ़ाई की थी शांति स्वरूप भटनागर
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सिकंदराबाद स्थित एमएस इंटर कॉलेज। अमर उजाला
- फोटो : SIKANDRABAD
बुलंदशहर के इस स्कूल से पढ़ाई की थी शांति स्वरूप भटनागर
सिकंदराबाद। नगर के पहले हाईस्कूल की स्थापना ब्रिटिश शासनकाल में एंग्लो वर्नाकुलर हाईस्कूल के नाम से 1886 में हुई थी। आजादी के बाद इसका नाम मुकंद स्वरूप भटनागर इंटर कॉलेज (एमएस) रखा गया। कॉलेज से शिक्षा प्राप्त करने वाले कई छात्रों ने देश ही वरन विदेशों भी नाम रोशन किया। कॉलेज के छात्र रहे शांति स्वरूप भटनागर के नाम पर विज्ञान के क्षेत्र में आज भी अवार्ड दिया जाता है।
एमएस कॉलेज मुकंद स्वरूप शिक्षा समिति के द्वारा संचालित किया जाता हैं। यह कॉलेज गवर्नमेंट एडिड है। समिति के मैनेजर नितिन भटनागर ने बताया कि एमएस इंटर कॉलेज की स्थापना 1886 में ब्रिटिश सरकार ने एग्लो वर्नाकूलर के नाम से हाईस्कूल कॉलेज के रूप में की थी। जो ब्रिटिश शासनकाल में ही इंटर कॉलेज बन गया था। बताया कि एग्लो वर्नाकूलर हाईस्कूल नगर को पहला हाईस्कूल था। आजादी के बाद इस नाम कॉलेज के संस्थापक सदस्य मुकंद स्वरूप भटनागर के नाम पर रखा गया। उन्होंने बताया कि कॉलेज से शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों ने देश ही वरन विदेशों में भी नाम रोशन किया। बताया कि देश के मशहूर वैज्ञानिक शांति स्वरूप भटनागर ने भी एमएस कॉलेज से शिक्षा ग्रहण की थी। बताया कि हर साल विज्ञान एवं प्रोद्यौगिकी मंत्रालय द्वारा विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले को शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार दिया जाता है। शांति स्वरूप भटनागर को भारत की शोध प्रयोगशालाओं का जनक कहा जाता है। मशहूर गीतकार संतोष आनंद, कवि हरिओम पंवार भी एमएस कॉलेज के ही छात्र रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश के रामप्रकाश गुप्ता भी एमएस के छात्र रहे हैं। वही कॉलेज के छात्र जगदीश प्रसाद भटनागर अमेरिका में रेडियोलोजिस्ट है। यूपी सरकार में शिक्षा मंत्री रहे महेंद्र यादव, साहित्यकार चतुरसेन ने भी एमएस कॉलेज से पढ़ाई की है।
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सिकंदराबाद। नगर के पहले हाईस्कूल की स्थापना ब्रिटिश शासनकाल में एंग्लो वर्नाकुलर हाईस्कूल के नाम से 1886 में हुई थी। आजादी के बाद इसका नाम मुकंद स्वरूप भटनागर इंटर कॉलेज (एमएस) रखा गया। कॉलेज से शिक्षा प्राप्त करने वाले कई छात्रों ने देश ही वरन विदेशों भी नाम रोशन किया। कॉलेज के छात्र रहे शांति स्वरूप भटनागर के नाम पर विज्ञान के क्षेत्र में आज भी अवार्ड दिया जाता है।
एमएस कॉलेज मुकंद स्वरूप शिक्षा समिति के द्वारा संचालित किया जाता हैं। यह कॉलेज गवर्नमेंट एडिड है। समिति के मैनेजर नितिन भटनागर ने बताया कि एमएस इंटर कॉलेज की स्थापना 1886 में ब्रिटिश सरकार ने एग्लो वर्नाकूलर के नाम से हाईस्कूल कॉलेज के रूप में की थी। जो ब्रिटिश शासनकाल में ही इंटर कॉलेज बन गया था। बताया कि एग्लो वर्नाकूलर हाईस्कूल नगर को पहला हाईस्कूल था। आजादी के बाद इस नाम कॉलेज के संस्थापक सदस्य मुकंद स्वरूप भटनागर के नाम पर रखा गया। उन्होंने बताया कि कॉलेज से शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों ने देश ही वरन विदेशों में भी नाम रोशन किया। बताया कि देश के मशहूर वैज्ञानिक शांति स्वरूप भटनागर ने भी एमएस कॉलेज से शिक्षा ग्रहण की थी। बताया कि हर साल विज्ञान एवं प्रोद्यौगिकी मंत्रालय द्वारा विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले को शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार दिया जाता है। शांति स्वरूप भटनागर को भारत की शोध प्रयोगशालाओं का जनक कहा जाता है। मशहूर गीतकार संतोष आनंद, कवि हरिओम पंवार भी एमएस कॉलेज के ही छात्र रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश के रामप्रकाश गुप्ता भी एमएस के छात्र रहे हैं। वही कॉलेज के छात्र जगदीश प्रसाद भटनागर अमेरिका में रेडियोलोजिस्ट है। यूपी सरकार में शिक्षा मंत्री रहे महेंद्र यादव, साहित्यकार चतुरसेन ने भी एमएस कॉलेज से पढ़ाई की है।
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