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11 माह बाद स्कूल, माला पहनाकर बच्चों का किया स्वागत
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11 माह बाद स्कूल, माला पहनाकर बच्चों का किया स्वागत
बुलंदशहर/अनूपशहर। कोरोना संक्रमण के कारण करीब 11 माह बाद बुधवार से शुरू हुई छह से आठवीं तक की कक्षाओं में पहले दिन 30 से 40 फीसदी विद्यार्थी ही पहुुंचे। काफी दिनों बाद मिले छात्र-छात्राओं ने एक-दूसरे का हाल लिया और फिर पढ़ाई में जुट गए। स्कूलों में पहुंचे बच्चों का शिक्षकों ने फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया। स्कूलों में कक्षाओं का संचालन पूरी तैयारी और कोविड-19 का पालन करते हुए ही किया गया।
कोरोना संक्रमण के चलते लगातार करीब 11 माह से बंद चल रहे स्कूल खुलने का कक्षा छह से लेकर आठवीं तक के छात्र-छात्राओं को इंतजार था। बुधवार से कक्षाएं संचालित करने की जानकारी विद्यार्थियों को मिली तो उनके चेहरे खिल गए। साथ ही उन्होंने स्कूल जाने की तैयारी भी शुरू कर दी। यह तैयारी गत दिवस मंगलवार तक जारी रही। वह स्कूल जाने के लिए सुबह उठाकर तैयार होने लगे। उन्होंने अपना बस्ता चेक किया और समय पर स्कूल जाने के लिए घर से निकल पड़े। कोई पैदल तो कोई साइकिल और वाहन से स्कूल पहुंचा। अनूपशहर क्षेत्र के खुशहालगढ़ उच्च प्राथमिक विद्यालय समेत कई स्कूलों के गेट पर पहुंचते ही उनका फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया गया। गेट पर छात्रों को सैनिटाइज कराने के साथ थर्मल स्कैनर से चेक किया गया। सभी विद्यार्थी मास्क पहनकर ही कक्षाओं में पहुंचे। कई विद्यालयों में तो सैनिटाइज के लिए विशेष व्यवस्था कर रखी थी। जनपद के परिषदीय स्कूलों से लेकर निजी स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने से पहले ही कक्षों की सफाई और सैनिटाइजर आदि की व्यवस्था कर ली गई थी। छात्र-छात्राएं कक्षाओं में पहुंचने के बाद काफी खुश दिखाई दे रहे थे। शिक्षक भी अपने शिष्यों को देख काफी उत्साहित दिखाई दिए। परिषदीय स्कूल खुलने पर रसोई में एमडीएम भी बना और दोपहर के समय बच्चों ने खाना भी खाया। कक्षा से लेकर भोजन परोसने तक छात्र-छात्राओं के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया गया। पहले दिन कक्षाओं में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति 30 से 40 फीसदी ही रही। लेकिन शिक्षकों का कहना है कि छात्रों की संख्या जल्द ही बढ़ जाएगी। अफसरों ने दावा किया कि कक्षाएं कोविड-19 की गाइडलाइन के तहत ही चलेंगी। यदि कहीं से कोई अव्यवस्था की शिकायत मिलती है तो उस पर कड़ा संज्ञान लिया जाएगा।
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि कक्षा छह से आठवीं तक के स्कूलों में कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए कक्षाओं का संचालन हो गया है। अब एक मार्च से कक्षा एक से पांचवीं तक की कक्षाओं का भी संचालन हो जाएगा। इसके लिए भी अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है।
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बुलंदशहर/अनूपशहर। कोरोना संक्रमण के कारण करीब 11 माह बाद बुधवार से शुरू हुई छह से आठवीं तक की कक्षाओं में पहले दिन 30 से 40 फीसदी विद्यार्थी ही पहुुंचे। काफी दिनों बाद मिले छात्र-छात्राओं ने एक-दूसरे का हाल लिया और फिर पढ़ाई में जुट गए। स्कूलों में पहुंचे बच्चों का शिक्षकों ने फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया। स्कूलों में कक्षाओं का संचालन पूरी तैयारी और कोविड-19 का पालन करते हुए ही किया गया।
कोरोना संक्रमण के चलते लगातार करीब 11 माह से बंद चल रहे स्कूल खुलने का कक्षा छह से लेकर आठवीं तक के छात्र-छात्राओं को इंतजार था। बुधवार से कक्षाएं संचालित करने की जानकारी विद्यार्थियों को मिली तो उनके चेहरे खिल गए। साथ ही उन्होंने स्कूल जाने की तैयारी भी शुरू कर दी। यह तैयारी गत दिवस मंगलवार तक जारी रही। वह स्कूल जाने के लिए सुबह उठाकर तैयार होने लगे। उन्होंने अपना बस्ता चेक किया और समय पर स्कूल जाने के लिए घर से निकल पड़े। कोई पैदल तो कोई साइकिल और वाहन से स्कूल पहुंचा। अनूपशहर क्षेत्र के खुशहालगढ़ उच्च प्राथमिक विद्यालय समेत कई स्कूलों के गेट पर पहुंचते ही उनका फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया गया। गेट पर छात्रों को सैनिटाइज कराने के साथ थर्मल स्कैनर से चेक किया गया। सभी विद्यार्थी मास्क पहनकर ही कक्षाओं में पहुंचे। कई विद्यालयों में तो सैनिटाइज के लिए विशेष व्यवस्था कर रखी थी। जनपद के परिषदीय स्कूलों से लेकर निजी स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने से पहले ही कक्षों की सफाई और सैनिटाइजर आदि की व्यवस्था कर ली गई थी। छात्र-छात्राएं कक्षाओं में पहुंचने के बाद काफी खुश दिखाई दे रहे थे। शिक्षक भी अपने शिष्यों को देख काफी उत्साहित दिखाई दिए। परिषदीय स्कूल खुलने पर रसोई में एमडीएम भी बना और दोपहर के समय बच्चों ने खाना भी खाया। कक्षा से लेकर भोजन परोसने तक छात्र-छात्राओं के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया गया। पहले दिन कक्षाओं में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति 30 से 40 फीसदी ही रही। लेकिन शिक्षकों का कहना है कि छात्रों की संख्या जल्द ही बढ़ जाएगी। अफसरों ने दावा किया कि कक्षाएं कोविड-19 की गाइडलाइन के तहत ही चलेंगी। यदि कहीं से कोई अव्यवस्था की शिकायत मिलती है तो उस पर कड़ा संज्ञान लिया जाएगा।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि कक्षा छह से आठवीं तक के स्कूलों में कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए कक्षाओं का संचालन हो गया है। अब एक मार्च से कक्षा एक से पांचवीं तक की कक्षाओं का भी संचालन हो जाएगा। इसके लिए भी अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है।
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