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कोरोना इफेक्ट : 21 तक अधिवक्ता न्यायिक कार्य से रहेंगे विरत
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कोरोना इफेक्ट : 21 तक अधिवक्ता न्यायिक कार्य से रहेंगे विरत
बुलंदशहर। कोरोना वायरस का खौफ जिले में व्याप्त है। आम जन से लेकर सरकारी दफ्तरों में इसका इफेक्ट नजर आ रहा है। खुद जिला अधिकारी और सीएमओ कोरोना वायरस को लेकर अलर्ट मोड पर हैं। अब सीएमओ ने जिलाधिकारी के आदेश पर कचहरी में आने वाले हर व्यक्ति की स्वास्थ्य जांच करने के लिए डॉक्टरों की एक टीम मुख्य द्वार पर खड़ी की है। वहीं, हाईकोर्ट के निर्देश के बाद आगामी 21 तारीख तक अधिवक्ता भी न्यायिक कार्य से विरत हो गए हैं।
जिले के अफसर उन स्थानों पर अधिक सतर्कता बरत रहे हैं, जहां पर लोगों का अधिक आना जाना रहता है और अधिक भीड़ होती है। कचहरी में भी प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग अपने काम के लिए आते-जाते हैं। इतनी ही संख्या वकीलों की भी होती है। इसलिए बुधवार की सुबह सीएमओ ने कचहरी के गेट पर दो डॉक्टरों की टीम को मशीन से जांच के लिए लगाया। यहां पर तैनात डॉक्टर ने बताया कि इस मशीन से माथे का तापमान लिया जाता है। कचहरी में आने वाले ही नहीं रोड पर चलने वालों ने यह नजारा देखा तो वह भी लाइन में लग गए और अपना टेस्ट कराया। वहीं, दूसरी ओर अधिवक्ताओं ने भी प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद आगामी 21 मार्च तक सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। इस दौरान न्यायालयों में केवल जनरल डेट ही लगेगी। साथ ही गैरहाजिरी पर वारंट भी नहीं किए जाएंगे। केवल, अर्जेंट वर्क पर ही सुनवाई व कार्रवाई होगी। यानि कि कोई भी किसी भी प्रकार का विपरीत आदेश पारित नहीं किया जाएगा। ना ही किसी वाद को इस दौरान खारिज किया जाएगा। जमानत प्रार्थना पत्र व एडमिशन प्रार्थना पत्र भी सुनवाई की जाएगी। सिविल बार एसोसिएशन के महासचिव नीरज राघव ने अपील की है कि अधिवक्ता कोशिश करें कि वह मुवक्किल को अपने साथ न्यायालय में न ले जाएं। वहीं, दूसरी ओर मंगलवार को दिन भर न्यायालय का गेट नंबर दो व तीन बंद रहे। गेट नंबर एक पर चिकित्सक की निगरानी में ही एंट्री हुई। जबकि, गेट नंबर चार केवल पैदल आने-जाने वाले लोगों के लिए खोला गया था।
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बुलंदशहर। कोरोना वायरस का खौफ जिले में व्याप्त है। आम जन से लेकर सरकारी दफ्तरों में इसका इफेक्ट नजर आ रहा है। खुद जिला अधिकारी और सीएमओ कोरोना वायरस को लेकर अलर्ट मोड पर हैं। अब सीएमओ ने जिलाधिकारी के आदेश पर कचहरी में आने वाले हर व्यक्ति की स्वास्थ्य जांच करने के लिए डॉक्टरों की एक टीम मुख्य द्वार पर खड़ी की है। वहीं, हाईकोर्ट के निर्देश के बाद आगामी 21 तारीख तक अधिवक्ता भी न्यायिक कार्य से विरत हो गए हैं।
जिले के अफसर उन स्थानों पर अधिक सतर्कता बरत रहे हैं, जहां पर लोगों का अधिक आना जाना रहता है और अधिक भीड़ होती है। कचहरी में भी प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग अपने काम के लिए आते-जाते हैं। इतनी ही संख्या वकीलों की भी होती है। इसलिए बुधवार की सुबह सीएमओ ने कचहरी के गेट पर दो डॉक्टरों की टीम को मशीन से जांच के लिए लगाया। यहां पर तैनात डॉक्टर ने बताया कि इस मशीन से माथे का तापमान लिया जाता है। कचहरी में आने वाले ही नहीं रोड पर चलने वालों ने यह नजारा देखा तो वह भी लाइन में लग गए और अपना टेस्ट कराया। वहीं, दूसरी ओर अधिवक्ताओं ने भी प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद आगामी 21 मार्च तक सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। इस दौरान न्यायालयों में केवल जनरल डेट ही लगेगी। साथ ही गैरहाजिरी पर वारंट भी नहीं किए जाएंगे। केवल, अर्जेंट वर्क पर ही सुनवाई व कार्रवाई होगी। यानि कि कोई भी किसी भी प्रकार का विपरीत आदेश पारित नहीं किया जाएगा। ना ही किसी वाद को इस दौरान खारिज किया जाएगा। जमानत प्रार्थना पत्र व एडमिशन प्रार्थना पत्र भी सुनवाई की जाएगी। सिविल बार एसोसिएशन के महासचिव नीरज राघव ने अपील की है कि अधिवक्ता कोशिश करें कि वह मुवक्किल को अपने साथ न्यायालय में न ले जाएं। वहीं, दूसरी ओर मंगलवार को दिन भर न्यायालय का गेट नंबर दो व तीन बंद रहे। गेट नंबर एक पर चिकित्सक की निगरानी में ही एंट्री हुई। जबकि, गेट नंबर चार केवल पैदल आने-जाने वाले लोगों के लिए खोला गया था।
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