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यूपी के प्राथमिक स्कूल में बिना छत की कक्षा में पढ़ाई करने को मजबूर छात्र
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मामन पुलिस चौकी के पास प्राथमिक विद्यालय महात्मा गांधी की छत गायब खुले में पढ़ रहे बच्चे।
- फोटो : BULANDSHAHR
यूपी के प्राथमिक स्कूल में बिना छत की कक्षा में पढ़ाई करने को मजबूर छात्र
बुलंदशहर। डीएम अंकल पढ़ाई के दौरान बहुत ठंड लगती है, स्कूल की छत का निर्माण करवा दीजिए। शीतलहर और हांड कंपा देने वाली ठंड के बीच स्कूल में पढ़ाई करने वाले बच्चों की जुबान पर दिन-प्रतिदिन यही शब्द आते हैं। दो वर्षों से नगर के एक परिषदीय विद्यालय में बिना छत के चल रहे स्कूल में जान जोखिम में डालकर बच्चे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कई बार डीएम से लेकर शासन को पत्र भेज चुकी हैं।
पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से मौसम बदलने के साथ जिले में शीतलहर का असर बना हुआ है। सर्दी से बचने के लिए लोग जहां अलाव आदि जलाकर बचने का प्रयास कर रहे हैं और घरों में खिड़की दरवाजे बंद कर रह रहे हैं। वहीं, नगर के महात्मा गांधी मोहल्ला स्थित प्राथमिक विद्यालय के छत विहीन कक्ष में काफी समय से बच्चे खुले आसमान के नीचे पढ़ रहे हैं। पढ़ाई के दौरान बच्चों को विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं, जानकारी होने के बाद भी अफसर मामले से अंजान बने हुए हैं। विद्यालय की छत दो वर्ष पूर्व भरभराकर गिर गई थी। छत गिरने पर अफसरों को कराया गया था अवगत : नगर के महात्मा गांधी मोहल्ला स्थित प्राथमिक विद्यालय की छत गत काफी समय से जर्जर अवस्था में थी। जिसका निर्माण कराने को लेकर स्कूल की प्रधानाध्यापिका द्वारा विभागीय अफसरों एवं डीएम को पत्र भेजकर अवगत कराया गया था। लेकिन किसी भी अधिकारी द्वारा संज्ञान में नहीं लिया गया और वर्ष 2017 सितंबर माह में विद्यालय की छत बारिश न झेल सकी और भरभराकर गिर पड़ी। गनीमत यह रही कि जिस दिन विद्यालय की छत गिरी उस दिन विद्यालय का अवकाश था। अगर अवकाश न होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। जिसके बाद पुन विद्यालय की प्रधानाध्यापिका द्वारा खंड शिक्षा अधिकारी, बीएसए, डीएम और मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया। लेकिन अभी तक छत के निर्माण को लेकर कोई पहल शुरू नहंी हुई हैं।
बेबी फरीदा, प्रधानाध्यापिका - सितंबर 2017 में विद्यालय की छत बारिश के चलते गिर पड़ी थी। जिसके पूर्व से ही अफसरों को जर्जर छत के बारे में अवगत करा दिया गया। लेकिन अभी तक छत का निर्माण न होने से खुले में कक्षाएं संचालित करनी पड़ रही है।
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अखंड प्रताप सिंह, बीएसए - मामले की जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी। स्वयं भी जाकर विद्यालय का निरीक्षण किया जाएगा। छत निर्माण में अगर लापरवाही रही तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। छत निर्माण को लेकर शासन को अवगत कराया जाएगा।
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बुलंदशहर। डीएम अंकल पढ़ाई के दौरान बहुत ठंड लगती है, स्कूल की छत का निर्माण करवा दीजिए। शीतलहर और हांड कंपा देने वाली ठंड के बीच स्कूल में पढ़ाई करने वाले बच्चों की जुबान पर दिन-प्रतिदिन यही शब्द आते हैं। दो वर्षों से नगर के एक परिषदीय विद्यालय में बिना छत के चल रहे स्कूल में जान जोखिम में डालकर बच्चे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कई बार डीएम से लेकर शासन को पत्र भेज चुकी हैं।
पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से मौसम बदलने के साथ जिले में शीतलहर का असर बना हुआ है। सर्दी से बचने के लिए लोग जहां अलाव आदि जलाकर बचने का प्रयास कर रहे हैं और घरों में खिड़की दरवाजे बंद कर रह रहे हैं। वहीं, नगर के महात्मा गांधी मोहल्ला स्थित प्राथमिक विद्यालय के छत विहीन कक्ष में काफी समय से बच्चे खुले आसमान के नीचे पढ़ रहे हैं। पढ़ाई के दौरान बच्चों को विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं, जानकारी होने के बाद भी अफसर मामले से अंजान बने हुए हैं। विद्यालय की छत दो वर्ष पूर्व भरभराकर गिर गई थी। छत गिरने पर अफसरों को कराया गया था अवगत : नगर के महात्मा गांधी मोहल्ला स्थित प्राथमिक विद्यालय की छत गत काफी समय से जर्जर अवस्था में थी। जिसका निर्माण कराने को लेकर स्कूल की प्रधानाध्यापिका द्वारा विभागीय अफसरों एवं डीएम को पत्र भेजकर अवगत कराया गया था। लेकिन किसी भी अधिकारी द्वारा संज्ञान में नहीं लिया गया और वर्ष 2017 सितंबर माह में विद्यालय की छत बारिश न झेल सकी और भरभराकर गिर पड़ी। गनीमत यह रही कि जिस दिन विद्यालय की छत गिरी उस दिन विद्यालय का अवकाश था। अगर अवकाश न होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। जिसके बाद पुन विद्यालय की प्रधानाध्यापिका द्वारा खंड शिक्षा अधिकारी, बीएसए, डीएम और मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया। लेकिन अभी तक छत के निर्माण को लेकर कोई पहल शुरू नहंी हुई हैं।
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बेबी फरीदा, प्रधानाध्यापिका - सितंबर 2017 में विद्यालय की छत बारिश के चलते गिर पड़ी थी। जिसके पूर्व से ही अफसरों को जर्जर छत के बारे में अवगत करा दिया गया। लेकिन अभी तक छत का निर्माण न होने से खुले में कक्षाएं संचालित करनी पड़ रही है।
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अखंड प्रताप सिंह, बीएसए - मामले की जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी। स्वयं भी जाकर विद्यालय का निरीक्षण किया जाएगा। छत निर्माण में अगर लापरवाही रही तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। छत निर्माण को लेकर शासन को अवगत कराया जाएगा।