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जलभराव से गांव में फैली संक्रामक बीमारी
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जलभराव से गांव में फैली संक्रामक बीमारी
बुलंदशहर/गुलावठी। सदर तहसील क्षेत्र के गांव आसिफाबाद चंदपुरा में जलभराव की समस्या से लोगों में संक्रामक रोग फैलने लगे है। गांव की हालत यह है कि हर घर में बीमार मरीजों की खाट बिछी पड़ी है। जो गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंच रहे है। वहीं, विभाग को मामले की जानकारी तक नहीं लगी है। वहीं, ग्रामीण बीमारी का कारण अंडरपास के निकट हो रहे जलभराव को बता रहे हैं।
बता दें कि रेलवे के अंडरपास बारिश के दौरान लोगों के लिए जहां मुसीबत साबित हो रहे थे। वहीं, अब लोगों की बीमारियों का कारण भी बन रहे हैं। गांव के हालात यह है कि गांव के आने-जाने वाले प्रमुख मार्गों पर गत माह से जलभराव की स्थिति बनी हुई है। वहीं, ग्रामीणों को गांव से बाहर आने-जाने के लिए लंबी दूरी की यात्रा तय करनी पड़ रही है। अब गांव में गत माह पूर्व हुई बारिश से जलभराव से संक्रामक बीमारियों ने हर किसी को अपनी चपेट में ले लिया है। गांव में कोई सरकारी चिकित्सालय न होने पर एक अपंजीकृत चिकित्सक द्वारा उपचार किया जा रहा है। हालत गंभीर होने पर वह अपने हाथ खड़े कर मरीज को अन्य अस्पताल ले जाने की सलाह दे रहा है। वहीं, गांव में फैली संक्रामक बीमारी को अभी तक स्वास्थ्य अफसरों को भनक तक नहीं लगी है। जबकि प्रतिदिन गांव से जिला अस्पताल में पांच से अधिक मरीज भर्ती हो रहे हैं। वहीं, ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर गांव में नियमित साफ-सफाई न करवाने का भी आरोप लगाया है। इस संबंध में ग्राम प्रधान से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका नंबर स्विच आफ आता रहा।
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गत वर्ष भी फैली थी संक्रामक बीमारी
आसिफाबाद चंदपुरा गांव में संक्रामक बीमारी पहली बार नहीं फैली है। बल्कि गत वर्ष भी गांव में संक्रामक बीमारी ने काफी कहर बरपाया था। गत वर्ष जहां सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हुए। वहीं, बुखार के चलते दो मौत भी हुई। गांव में मौत का ग्राफ बढ़ सकता था, अगर स्वास्थ्य विभाग काबू नहीं पाता। गत वर्ष गांव के हालात बिगड़ने पर स्वास्थ्य विभाग ने करीब तीन दिन तक गांव में डेरा डाले रखा था। अब ग्रामीण पुन शिविर लगवाने और गंदगी से निजात दिलाने की मांग कर रहे हैं।
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बोले मरीज और ग्रामीण
गांव में सरकारी चिकित्सालय न होने से अपंजीकृत से उपचार कराना पड़ता है। गांव में यदि सरकारी चिकित्सालय खुल जाएं तो मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
- जमाउल्ला, ग्रामीण
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गांव में गंदगी और जलभराव के चलते बुखार हो गया था। हालात गंभीर होने पर जिला अस्पताल में परिवार के सदस्यों द्वारा भर्ती कराया गया है।
- इमरान, बुखार पीड़ित
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गांव में विभिन्न स्थानों पर कूड़ा आदि के ढेर लगे हुए हैं। जिससे गांव में संक्रामक रोग फैला हुआ है। घर का कोई ना कोई सदस्य बुखार से पीड़ित है। गंभीर हालत में अब जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
- रिजवान, बुखार पीड़ित
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घर के अन्य सदस्य भी बुखार से पीड़ित है। कई दिन से बुखार है जो कम नहीं हो रहा है। गांव में कोई सरकारी चिकित्सालय भी न होने से सुविधाएं नहीं मिल रही है।
- सोनिया, बुखार पीड़ित
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गांव में संक्रामक रोग फैलने की जानकारी नहीं है। यदि गांव में संक्रामक रोग फैल रहा है तो इसकी जांच के लिए टीम भेजी जाएगी। साथ ही बीमार मरीजों को गांव में चिकित्सा सुविधा दिलाने के लिए कैंप लगाया जाएगा।
- डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ
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बुलंदशहर/गुलावठी। सदर तहसील क्षेत्र के गांव आसिफाबाद चंदपुरा में जलभराव की समस्या से लोगों में संक्रामक रोग फैलने लगे है। गांव की हालत यह है कि हर घर में बीमार मरीजों की खाट बिछी पड़ी है। जो गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंच रहे है। वहीं, विभाग को मामले की जानकारी तक नहीं लगी है। वहीं, ग्रामीण बीमारी का कारण अंडरपास के निकट हो रहे जलभराव को बता रहे हैं।
बता दें कि रेलवे के अंडरपास बारिश के दौरान लोगों के लिए जहां मुसीबत साबित हो रहे थे। वहीं, अब लोगों की बीमारियों का कारण भी बन रहे हैं। गांव के हालात यह है कि गांव के आने-जाने वाले प्रमुख मार्गों पर गत माह से जलभराव की स्थिति बनी हुई है। वहीं, ग्रामीणों को गांव से बाहर आने-जाने के लिए लंबी दूरी की यात्रा तय करनी पड़ रही है। अब गांव में गत माह पूर्व हुई बारिश से जलभराव से संक्रामक बीमारियों ने हर किसी को अपनी चपेट में ले लिया है। गांव में कोई सरकारी चिकित्सालय न होने पर एक अपंजीकृत चिकित्सक द्वारा उपचार किया जा रहा है। हालत गंभीर होने पर वह अपने हाथ खड़े कर मरीज को अन्य अस्पताल ले जाने की सलाह दे रहा है। वहीं, गांव में फैली संक्रामक बीमारी को अभी तक स्वास्थ्य अफसरों को भनक तक नहीं लगी है। जबकि प्रतिदिन गांव से जिला अस्पताल में पांच से अधिक मरीज भर्ती हो रहे हैं। वहीं, ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर गांव में नियमित साफ-सफाई न करवाने का भी आरोप लगाया है। इस संबंध में ग्राम प्रधान से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका नंबर स्विच आफ आता रहा।
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गत वर्ष भी फैली थी संक्रामक बीमारी
आसिफाबाद चंदपुरा गांव में संक्रामक बीमारी पहली बार नहीं फैली है। बल्कि गत वर्ष भी गांव में संक्रामक बीमारी ने काफी कहर बरपाया था। गत वर्ष जहां सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हुए। वहीं, बुखार के चलते दो मौत भी हुई। गांव में मौत का ग्राफ बढ़ सकता था, अगर स्वास्थ्य विभाग काबू नहीं पाता। गत वर्ष गांव के हालात बिगड़ने पर स्वास्थ्य विभाग ने करीब तीन दिन तक गांव में डेरा डाले रखा था। अब ग्रामीण पुन शिविर लगवाने और गंदगी से निजात दिलाने की मांग कर रहे हैं।
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बोले मरीज और ग्रामीण
गांव में सरकारी चिकित्सालय न होने से अपंजीकृत से उपचार कराना पड़ता है। गांव में यदि सरकारी चिकित्सालय खुल जाएं तो मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
- जमाउल्ला, ग्रामीण
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गांव में गंदगी और जलभराव के चलते बुखार हो गया था। हालात गंभीर होने पर जिला अस्पताल में परिवार के सदस्यों द्वारा भर्ती कराया गया है।
- इमरान, बुखार पीड़ित
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गांव में विभिन्न स्थानों पर कूड़ा आदि के ढेर लगे हुए हैं। जिससे गांव में संक्रामक रोग फैला हुआ है। घर का कोई ना कोई सदस्य बुखार से पीड़ित है। गंभीर हालत में अब जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
- रिजवान, बुखार पीड़ित
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घर के अन्य सदस्य भी बुखार से पीड़ित है। कई दिन से बुखार है जो कम नहीं हो रहा है। गांव में कोई सरकारी चिकित्सालय भी न होने से सुविधाएं नहीं मिल रही है।
- सोनिया, बुखार पीड़ित
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गांव में संक्रामक रोग फैलने की जानकारी नहीं है। यदि गांव में संक्रामक रोग फैल रहा है तो इसकी जांच के लिए टीम भेजी जाएगी। साथ ही बीमार मरीजों को गांव में चिकित्सा सुविधा दिलाने के लिए कैंप लगाया जाएगा।
- डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ