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खुशखबरी : बच्चों के लिए पहुंची चार लाख किताबें
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खुशखबरी : बच्चों के लिए पहुंची चार लाख किताबें
बुलंदशहर। परिषदीय स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों के लिए अच्छी खबर है। उनकी किताबें आना शुरू हो गई हैं। अब तक विभाग को चार लाख किताबें मिल चुकी हैं, जबकि शेष किताबें इसी माह के अंत तक मिल जाएंगी। मिली किताबाें का सत्यापन भी शुरू हो गया है। अफसरों का दावा है कि जुलाई के प्रथम सप्ताह में किताबों का वितरण करा दिया जाएगा।
परिषदीय स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने वाले कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को निशुल्क शिक्षा दिए जाने का प्रावधान है। इसी के साथ बच्चों को निशुल्क किताब, बैग, ड्रेस, स्वेटर, जूता-जुराब और दोपहर के समय मिड-डे-मील के तहत भोजन देने का भी प्रावधान है। स्कूलों में शिक्षण सत्र अप्रैल माह में ही शुरू हो गया था। इस दौरान कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल बंद हो गए और बच्चों के आने पर भी रोक लगा दी। हालांकि कई एप के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई का प्रयास जारी है, लेकिन इसका फायदा भी आधे से अधिक बच्चों को नहीं मिल रहा था। वहीं, बच्चों को अपनी किताब मिलने का इंतजार था, ताकि उनके माध्यम से अपनी पढ़ाई को जारी रख सकें। अब उनका यह इंतजार खत्म हो गया, विभाग को चार लाख किताबें मिल चुकी हैं।
19 लाख नौ हजार मिलेंगी किताब
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जनपद में 2399 परिषदीय स्कूल हैं। इनमें कक्षा एक से आठवीं तक के दो लाख 74 हजार 874 बच्चों को 19 लाख नौ हजार 48 किताबें उपलब्ध करवानी हैं। इनमें से चार लाख किताबें मिल चुकी हैं और शेष किताबें इसी माह के अंत तक मिल जाएंगी। इसके साथ ही किताबों के सत्यापन और उनके वितरण की भी तैयारी शुरू हो गई है।
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अब मिली हैं यह किताबें
बेसिक शिक्षा विभाग को अब तक चार लाख किताब मिली हैं। इनमें से कक्षा एक की कलर, कक्षा पांच के अंग्रेजी विषय की किताब के साथ कक्षा तीन के विषय हिंदी, अंग्रेजी, गणित और संस्कृत के अलावा अन्य किताब शामिल हैं।
परिषदीय स्कूलों में बच्चों को मिलने वाली निशुल्क किताबें प्राप्त होना शुरू हो गई हैं। अब तक विभाग को चार लाख किताब मिल चुकी हैं, जबकि शेष किताबें इसी माह के अंत तक मिल जाएंगी। किताबों का सत्यापन भी शुरू हो गया है और जुलाई के प्रथम सप्ताह तक किताब बच्चों को उपलब्ध करवा दी जाएंगी।
- अखंड प्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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बुलंदशहर। परिषदीय स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों के लिए अच्छी खबर है। उनकी किताबें आना शुरू हो गई हैं। अब तक विभाग को चार लाख किताबें मिल चुकी हैं, जबकि शेष किताबें इसी माह के अंत तक मिल जाएंगी। मिली किताबाें का सत्यापन भी शुरू हो गया है। अफसरों का दावा है कि जुलाई के प्रथम सप्ताह में किताबों का वितरण करा दिया जाएगा।
परिषदीय स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने वाले कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को निशुल्क शिक्षा दिए जाने का प्रावधान है। इसी के साथ बच्चों को निशुल्क किताब, बैग, ड्रेस, स्वेटर, जूता-जुराब और दोपहर के समय मिड-डे-मील के तहत भोजन देने का भी प्रावधान है। स्कूलों में शिक्षण सत्र अप्रैल माह में ही शुरू हो गया था। इस दौरान कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल बंद हो गए और बच्चों के आने पर भी रोक लगा दी। हालांकि कई एप के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई का प्रयास जारी है, लेकिन इसका फायदा भी आधे से अधिक बच्चों को नहीं मिल रहा था। वहीं, बच्चों को अपनी किताब मिलने का इंतजार था, ताकि उनके माध्यम से अपनी पढ़ाई को जारी रख सकें। अब उनका यह इंतजार खत्म हो गया, विभाग को चार लाख किताबें मिल चुकी हैं।
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19 लाख नौ हजार मिलेंगी किताब
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जनपद में 2399 परिषदीय स्कूल हैं। इनमें कक्षा एक से आठवीं तक के दो लाख 74 हजार 874 बच्चों को 19 लाख नौ हजार 48 किताबें उपलब्ध करवानी हैं। इनमें से चार लाख किताबें मिल चुकी हैं और शेष किताबें इसी माह के अंत तक मिल जाएंगी। इसके साथ ही किताबों के सत्यापन और उनके वितरण की भी तैयारी शुरू हो गई है।
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अब मिली हैं यह किताबें
बेसिक शिक्षा विभाग को अब तक चार लाख किताब मिली हैं। इनमें से कक्षा एक की कलर, कक्षा पांच के अंग्रेजी विषय की किताब के साथ कक्षा तीन के विषय हिंदी, अंग्रेजी, गणित और संस्कृत के अलावा अन्य किताब शामिल हैं।
परिषदीय स्कूलों में बच्चों को मिलने वाली निशुल्क किताबें प्राप्त होना शुरू हो गई हैं। अब तक विभाग को चार लाख किताब मिल चुकी हैं, जबकि शेष किताबें इसी माह के अंत तक मिल जाएंगी। किताबों का सत्यापन भी शुरू हो गया है और जुलाई के प्रथम सप्ताह तक किताब बच्चों को उपलब्ध करवा दी जाएंगी।
- अखंड प्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी