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सऊदी अरब में फंसे बुलंदशहर के 6 युवक
Bulandshahr
Updated Mon, 24 Sep 2012 12:00 PM IST
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एजेंट के जरिए गए थे नौकरी करने, कंपनी ने निकाला, पासपोर्ट भी नहीं दिए
गुलावठी (बुलंदशहर)। रोजगार की तलाश में सऊदी अरब गए गुलावठी के चिड़ावक गांव के 6 युवक तंगी में फंस गए हैं। पराये देश में रोजी-रोटी के लिए मोहताज इन युवकों के पासपोर्ट तक कंपनी ने जब्त कर लिए हैं। ऐसे में ये युवक वतन नहीं लौट पा रहे हैं। पराये देश में भूखों मरने की नौबत आन पड़ी है। युवकों की सलामती और वापसी के लिए परेशान परिजन विदेश मंत्रालय से गुहार लगाएंगे।
चिड़ावक गांव निवासी साबरा ने बताया कि चार साल पहले उनका बेटा असलम और गांव के युवक भौंदल, अकरम, विजयपाल, मुस्तकीम, शमरूद्दीन के साथ एक एजेंट की मार्फत सऊदी अरब गए। उन्हें चालक की नौकरी के लिए भेजा गया था, लेकिन जिस कंपनी में वह गए थे, वो कंपनी बंद थी। उस कंपनी ने उन्हें एक दूसरी कंपनी में ट्रांसफर कर दिया। उस कंपनी ने भी छह माह बाद उन्हें नौकरी से हटा दिया और उनके पासपोर्ट भी वापस नहीं किए। इसके कारण सभी युवक अपने देश भी नहीं लौट पा रहे हैं। बेरोजगारी की हालत में सभी सऊदी अरब में ही पड़े हैं। ये युवक अपने परिजनों को फोन पर रो-रो कर अपनी दास्तान सुनाते हैं।
जमीन बेचकर भेजा था कमाने
भौंदल के भाई कासमीन ने बताया कि युवकों के पास भारत लौटने के लिए पासपोर्ट नहीं है। परिजनों ने जमीन बेचकर और कर्जा लेकर सऊदी अरब इस अरमान के साथ भेजा था कि वह अच्छी कमाई कर परिवार को गरीबी से उबारेंगे। उन्हें क्या पता था कि वे भुखमरी की हालत में पहुंच जाएंगे। कासमीन ने बताया कि जब एजेंट से संपर्क किया जाता है तो वह यही कहता है कि इस मामले में वह कुछ नहीं कर सकता। अब सभी युवकों के परिजन विदेश मंत्रालय से युवकों को भारत लाने में मदद की गुहार करेंगे। शमरूद्दीन के पिता गुल मोहम्मद का कहना है कि उन युवकों ने सऊदी अरब की अदालत में भी मदद की गुहार लगाई है।
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एजेंट ने लिए थे सवा-सवा लाख
कासमीन ने बताया कि उसके भाई भौंदल और पांच युवकों से एक एजेंट ने करीब सवा-सवा लाख रुपये लेकर चालक की नौकरी के लिए सऊदी अरब भेजा था। हमने अपनी जमीन बेचकर रुपयों का इंतजाम किया। अकरम के पिता फकीरा ने बताया रुपयों के इंतजाम के लिए उसने जमीन का एग्रीमेंट किया।
रैकेट सक्रिय! मोटी रकम लेकर भेजते हैं परदेश
गुलावठी। युवकों को विदेश में अच्छी सैलरी और नौकरी का सपना दिखा कर ठगी करने वाला रैकेट सक्रिय है। जो एक से दो लाख रुपये मांगते हैं। पासपोर्ट बनवाने से लेकर सऊदी अरब भेजने तक का ठेका लेते हैं। रकम लेने के बाद उन्हें भेज देते हैं। लेकिन वहां पहुंचने पर युवकों को ठगी का aपता चल पाता है। बुलंदशहर में ठगी के ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। एक-दो मामलों में पुलिस से भी शिकायत की गई। रिपोर्ट दर्ज हुई, लेकिन कोई कारगर कार्रवाई नहीं हुई। मोहल्ला लाल डिग्गी निवासी सलीम को एक वर्ष पूर्व ट्रैवलिंग एजेंसी द्वारा सऊदी अरब भेजने के बजाए मालदीव भेज दिया गया। सलीम भारतीय राजदूत की मदद से किसी तरह भारत लौटा। सलीम ने एजेंट के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। इससे पहले ग्राम चिड़ावक निवासी मुस्तकीम से सऊदी अरब में चालक की नौकरी के नाम पर 1 लाख 20 रुपये ठग लिए। मुस्तकीम को सऊदी अरब में चालक के बजाए लेबर का काम दिया गया।
इसके अलावा ग्राम चिड़ावक निवासी इस्तेखार और गुड्डू खां से सऊदी अरब में चालक की नौकरी के नाम पर डेढ़-डेढ़ लाख रुपये एक व्यक्ति ने ठग लिए। सऊदी अरब में उन्हें मजदूरी का काम करना पड़ा। जैसे-तैसे वह वापस भारत लौटे। मोहल्ला रामनगर ईदगाह निवासी चार युवक राहत अली, साजिद, अशफाक और वसीम से सऊदी अरब में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति ने एक-एक लाख रुपये ठग लिए थे। उनका फर्जी वीजा बनवा दिया गया।
सरकार को कराएंगे अवगत
युवकों के विदेश में फंसे होने की जानकारी नहीं है। किसी के परिजन ने भी संपर्क नहीं किया है। एसडीएम को मौके पर भेजकर मामले की जानकारी की जाएगी। इससे राज्य और केन्द्र सरकार को अवगत कराया जाएगा।
अच्छेलाल सिंह यादव, एडीएम प्रशासन
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गुलावठी (बुलंदशहर)। रोजगार की तलाश में सऊदी अरब गए गुलावठी के चिड़ावक गांव के 6 युवक तंगी में फंस गए हैं। पराये देश में रोजी-रोटी के लिए मोहताज इन युवकों के पासपोर्ट तक कंपनी ने जब्त कर लिए हैं। ऐसे में ये युवक वतन नहीं लौट पा रहे हैं। पराये देश में भूखों मरने की नौबत आन पड़ी है। युवकों की सलामती और वापसी के लिए परेशान परिजन विदेश मंत्रालय से गुहार लगाएंगे।
चिड़ावक गांव निवासी साबरा ने बताया कि चार साल पहले उनका बेटा असलम और गांव के युवक भौंदल, अकरम, विजयपाल, मुस्तकीम, शमरूद्दीन के साथ एक एजेंट की मार्फत सऊदी अरब गए। उन्हें चालक की नौकरी के लिए भेजा गया था, लेकिन जिस कंपनी में वह गए थे, वो कंपनी बंद थी। उस कंपनी ने उन्हें एक दूसरी कंपनी में ट्रांसफर कर दिया। उस कंपनी ने भी छह माह बाद उन्हें नौकरी से हटा दिया और उनके पासपोर्ट भी वापस नहीं किए। इसके कारण सभी युवक अपने देश भी नहीं लौट पा रहे हैं। बेरोजगारी की हालत में सभी सऊदी अरब में ही पड़े हैं। ये युवक अपने परिजनों को फोन पर रो-रो कर अपनी दास्तान सुनाते हैं।
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जमीन बेचकर भेजा था कमाने
भौंदल के भाई कासमीन ने बताया कि युवकों के पास भारत लौटने के लिए पासपोर्ट नहीं है। परिजनों ने जमीन बेचकर और कर्जा लेकर सऊदी अरब इस अरमान के साथ भेजा था कि वह अच्छी कमाई कर परिवार को गरीबी से उबारेंगे। उन्हें क्या पता था कि वे भुखमरी की हालत में पहुंच जाएंगे। कासमीन ने बताया कि जब एजेंट से संपर्क किया जाता है तो वह यही कहता है कि इस मामले में वह कुछ नहीं कर सकता। अब सभी युवकों के परिजन विदेश मंत्रालय से युवकों को भारत लाने में मदद की गुहार करेंगे। शमरूद्दीन के पिता गुल मोहम्मद का कहना है कि उन युवकों ने सऊदी अरब की अदालत में भी मदद की गुहार लगाई है।
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एजेंट ने लिए थे सवा-सवा लाख
कासमीन ने बताया कि उसके भाई भौंदल और पांच युवकों से एक एजेंट ने करीब सवा-सवा लाख रुपये लेकर चालक की नौकरी के लिए सऊदी अरब भेजा था। हमने अपनी जमीन बेचकर रुपयों का इंतजाम किया। अकरम के पिता फकीरा ने बताया रुपयों के इंतजाम के लिए उसने जमीन का एग्रीमेंट किया।
रैकेट सक्रिय! मोटी रकम लेकर भेजते हैं परदेश
गुलावठी। युवकों को विदेश में अच्छी सैलरी और नौकरी का सपना दिखा कर ठगी करने वाला रैकेट सक्रिय है। जो एक से दो लाख रुपये मांगते हैं। पासपोर्ट बनवाने से लेकर सऊदी अरब भेजने तक का ठेका लेते हैं। रकम लेने के बाद उन्हें भेज देते हैं। लेकिन वहां पहुंचने पर युवकों को ठगी का aपता चल पाता है। बुलंदशहर में ठगी के ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। एक-दो मामलों में पुलिस से भी शिकायत की गई। रिपोर्ट दर्ज हुई, लेकिन कोई कारगर कार्रवाई नहीं हुई। मोहल्ला लाल डिग्गी निवासी सलीम को एक वर्ष पूर्व ट्रैवलिंग एजेंसी द्वारा सऊदी अरब भेजने के बजाए मालदीव भेज दिया गया। सलीम भारतीय राजदूत की मदद से किसी तरह भारत लौटा। सलीम ने एजेंट के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। इससे पहले ग्राम चिड़ावक निवासी मुस्तकीम से सऊदी अरब में चालक की नौकरी के नाम पर 1 लाख 20 रुपये ठग लिए। मुस्तकीम को सऊदी अरब में चालक के बजाए लेबर का काम दिया गया।
इसके अलावा ग्राम चिड़ावक निवासी इस्तेखार और गुड्डू खां से सऊदी अरब में चालक की नौकरी के नाम पर डेढ़-डेढ़ लाख रुपये एक व्यक्ति ने ठग लिए। सऊदी अरब में उन्हें मजदूरी का काम करना पड़ा। जैसे-तैसे वह वापस भारत लौटे। मोहल्ला रामनगर ईदगाह निवासी चार युवक राहत अली, साजिद, अशफाक और वसीम से सऊदी अरब में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति ने एक-एक लाख रुपये ठग लिए थे। उनका फर्जी वीजा बनवा दिया गया।
सरकार को कराएंगे अवगत
युवकों के विदेश में फंसे होने की जानकारी नहीं है। किसी के परिजन ने भी संपर्क नहीं किया है। एसडीएम को मौके पर भेजकर मामले की जानकारी की जाएगी। इससे राज्य और केन्द्र सरकार को अवगत कराया जाएगा।
अच्छेलाल सिंह यादव, एडीएम प्रशासन