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Bulandshahar News: राष्ट्रीय लोक अदालत में 81 हजार वादों का किया निस्तारण
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बुलंदशहर। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन रविवार को दीवानी न्यायालय, बुलंदशहर, वाह्य न्यायालय खुर्जा, अनूपशहर, ग्रामीण न्यायालय स्याना, डिबाई और सभी तहसीलों पर किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष पंकज कुमार सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया।
प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव व एडीजे प्रथम रेनू मिश्रा ने बताया कि लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर कुल 81046 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें आपराधिक 10371 मामलों में करीब 11.42 लाख रुपये का अर्थदंड वसूल किया गया। वहीं, 75 मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों का निस्तारण करते हुए कुल 2.76 करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाया गया। परिवार न्यायालयों के द्वारा कुल 187 वाद निस्तारित किए गए। 138 एनआईएक्ट के कुल आठ वाद ही निस्तारित किए जा सके। जबकि, 60 सिविल वाद, 840 विद्युत वाद में 27 हजांर रुपये वसूल किए गए। 124 अन्य वादों में करीब 16.20 लाख रुपये की धनराशि वसूल की गई। जबकि आठ वाद डीएलएसए वैवाहिक प्री-लिगिटेेशन के निस्तारित किए गए। 974 बैंक प्रीलिटिगेशन विवादों में लोन की धनराशि करीब 19.37 करोड़ रुपये में से करीब 11.78 करोड़ रुपये समझौता कराया गया। जिनमें से करीब 6.30 करोड़ रुपये धनराशि जमा भी कराई गई। इसके अलावा अन्य करीब 68 हजार प्रीलिटिगेशन वाद भी निस्तारित किए गए। इस दौरान सभी न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, बीमा कंपनी व बैंक के अधिकारी, अधिवक्ता, कर्मचारी व वादकारी मौजूद रहे।
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प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव व एडीजे प्रथम रेनू मिश्रा ने बताया कि लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर कुल 81046 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें आपराधिक 10371 मामलों में करीब 11.42 लाख रुपये का अर्थदंड वसूल किया गया। वहीं, 75 मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों का निस्तारण करते हुए कुल 2.76 करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाया गया। परिवार न्यायालयों के द्वारा कुल 187 वाद निस्तारित किए गए। 138 एनआईएक्ट के कुल आठ वाद ही निस्तारित किए जा सके। जबकि, 60 सिविल वाद, 840 विद्युत वाद में 27 हजांर रुपये वसूल किए गए। 124 अन्य वादों में करीब 16.20 लाख रुपये की धनराशि वसूल की गई। जबकि आठ वाद डीएलएसए वैवाहिक प्री-लिगिटेेशन के निस्तारित किए गए। 974 बैंक प्रीलिटिगेशन विवादों में लोन की धनराशि करीब 19.37 करोड़ रुपये में से करीब 11.78 करोड़ रुपये समझौता कराया गया। जिनमें से करीब 6.30 करोड़ रुपये धनराशि जमा भी कराई गई। इसके अलावा अन्य करीब 68 हजार प्रीलिटिगेशन वाद भी निस्तारित किए गए। इस दौरान सभी न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, बीमा कंपनी व बैंक के अधिकारी, अधिवक्ता, कर्मचारी व वादकारी मौजूद रहे।
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