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आफत: तेज हवा और बारिश ने खेतों में बिछाई धान-गन्ने की फसल, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 27 Sep 2026 10:57 PM IST
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Calamity: Strong winds and rain flatten paddy and sugarcane crops in the fields; farmers' hard work goes to waste.
सिकंदराबाद बारिश से गिरी धान की फसल
बुलंदशहर/अनूपशहर/शिकारपुर/सिकंदराबाद। शनिवार रात तेज हवाओं के साथ हुई बारिश किसानों के लिए आफत बनकर बरसी। खेतों में पककर कटाई के लिए तैयार खड़ी धान की फसल जमीन पर बिछ गई। वहीं, गन्ने की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। बारिश के बाद खेतों में हुए जलभराव ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। धान के दाने काले पड़ने और फसल सड़ने का खतरा मंडराने लगा है। किसानों के अनुसार, तेज हवा और बारिश से धान की फसल को करीब 30 और गन्ने को 25 फीसदी से अधिक नुकसान होने का अनुमान है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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शनिवार की सुबह से ही पूरा दिन रुक-रुक कर बारिश होती रही। शाम के समय बारिश तेज हो गई। रात में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने खेतों में खड़ी फसलों को धराशायी कर दिया। कई जगह धान की बालियां जमीन से लग गईं जबकि गन्ने की फसल भी खेतों में गिर गई। किसान कुलदीप चौधरी, अवधेश भगत, अनिल कुमार,अमित शर्मा और मान सिंह और शिवा राणा ने कहा कि बारिश ने पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया है। यदि पानी की निकासी जल्द नहीं हुई तो बचा-खुचा अनाज भी सड़ जाएगा।
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अनूपशहर व शिकारपुर समेत कई क्षेत्रों में बारिश के बाद खेतों में पानी भरने से धान की फसल को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। कटी फसल और जमीन पर गिरी बालियों के पानी के संपर्क में रहने से धान के दाने काले पड़ सकते हैं।
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किसानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में जल्द सर्वे कराकर नुकसान का आकलन करने और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। वहीं, दूसरी ओर बारिश ने पशुपालकों की चिंता भी बढ़ा दी है। ज्वार और बाजरा समेत हरा चारा खेतों में गिरकर जलमग्न हो गया है। इससे चारे के सड़ने और पशु संकट खड़ा होने की आशंका है। साथ ही सब्जी व दलहन की फसलों को भी नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है।

कोट:
उप कृषि निदेशक बबलू कुमार और जिला कृषि अधिकारी रामकुमार यादव ने बताया कि धान की फसल को 30 और गन्ने की फसल को 25 फीसदी नुकसान माना जा रहा है। सही आकलन का पता सर्वे के बाद चलेगा। किसान फसल नुकसान की शिकायत 72 घंटे के भीतर दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि फसल नुकसान का मुआवजा उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने अपनी फसल का बीमा कराया है।

बारिश के बाद धूप-छांव जैसा मौसम, 40 एमएम हुई बारिश
बुलंदशहर। जिले में शनिवार को दिनभर और रात में हुई बारिश के बाद रविवार को मौसम का मिजाज बदला रहा। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे, जबकि बीच-बीच में धूप भी निकलती रही। बारिश के बाद तापमान में गिरावट और मौसम में ठंडक से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। जिले में करीब 40 एमएम बारिश दर्ज की गई। रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान आर्द्रता 81 फीसदी रही और हवा नौ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली। दिनभर बादलों और धूप की आवाजाही के बीच मौसम सुहावना बना रहा।

कृषि विज्ञान केंद्र की मौसम वैज्ञानिक डॉ. रेशु सिंह ने बताया कि जिले में करीब 40 एमएम बारिश हुई है। अभी भी आसमान में बादल छाए हुए हैं और बारिश की संभावना बनी हुई है। उन्होंने बताया कि अगले एक-दो दिन में मौसम में फिर बदलाव होगा और तापमान में वृद्धि होने की संभावना है। सोमवार को अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। संवाद
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