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1200 परिषदीय स्कूलों के बहुरेंगे दिन, लगी मुहर
Updated Mon, 15 Jan 2018 10:57 PM IST
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अब सुधरेगी सरकारी स्कूलों की दशा और दिशा
- 1200 परिषदीय स्कूलों का होगा सौंदर्यीकरण
- जिला पंचायत राज अधिकारी ने प्रधानों को सौंपी जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे जिले के 1200 परिषदीय स्कूलों के जल्द ही दिन बहुरने वाले हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी ने इन स्कूलों के सौंदर्यीकरण के लिए मंजूरी दे दी है। स्कूलों में सौंदर्यीकरण का कार्य ग्राम प्रधानों को सौंपा गया है। 14वें वित्त आयोग से गांवों के विकास के लिए मिली धनराशि से इन स्कूलों में सौंदर्यीकरण करवाया जाएगा।
जिले में 100 से अधिक परिषदीय स्कूल जर्जर हैं। 50 से अधिक स्कूलों में शौचालय नहीं हैं। 75 से अधिक स्कूलों में पेयजल की व्यवस्था नहीं है। अधिकतर स्कूलों के भवन जर्जर हैं। कहीं भवन में दरार है तो कहीं फर्श और दीवारों के प्लास्टर उखड़ गए हैं। स्कूलों में चहारदीवारी और फर्नीचर आदि की व्यवस्थाएं भी आधी-अधूरी हैं। 500 से अधिक स्कूलों में विद्युत कनेक्शन नहीं है। इसके चलते छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग के पास बजट का अभाव होने के कारण इन स्कूलों की हालत दिन प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। हाल ही में शासन ने ऐसे स्कूलों का सौंदर्यीकरण करवाने के लिए गांव के विकास को मिलने वाली राशि खर्च कर सुधारने के आदेश दिए थे। इस पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से बदहाल स्कूलों की सूची मांगी थी। सूची मिलने पर ग्राम प्रधानों और सचिवों से प्रस्ताव बनवाए गए। प्रस्ताव प्राप्त होने पर स्कूलों में होने वाले कार्य पर मुहर लगा दी गई। इस कार्य पर 14वें वित्त आयोग से मिली राशि खर्च करने के आदेश जारी किए गए हैं। अफसरों का दावा है कि आदेश जारी होते ही ग्राम प्रधानों से स्कूलों में काम शुरू करवा दिया गया है।
जर्जर परिषदीय स्कूलों का होगा जीर्णोद्धार
शासन की इस पहल से जर्जर स्कूलों का जीर्णोद्धार होगा। जिले में 100 से अधिक जर्जर भवनों में डर-डर कर पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को भी राहत मिलेगी। इसके साथ ही इन स्कूलों के भवन चकाचक हो जाएंगे। जिला पंचायत राज अधिकारी की मुहर लगने पर स्कूलों में टूट-फूट की मरम्मत के साथ जिन स्कूलों में चहारदीवारी नहीं है, उन स्कूलों में चहारदीवारी भी बन जाएगी। इससे सभी को राहत मिलेगी और स्कूल की सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम हो जाएंगे।
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शौचालय, पेयजल और फर्नीचर भी होंगे उपलब्ध
परिषदीय स्कूलों के सौंदर्यीकरण का काम शुरू होने से शौचालय की कमी दूर होगी। इससे सबसे अधिक फायदा छात्राआें को मिलेगा। स्वच्छ पेयजल के लिए हैंडपंप लगाए जाएंगे। इतना ही नहीं स्कूलों में फर्नीचर आदि सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी। कुल मिलाकर अब स्कूलों में कोई कमी नहीं रहेगी।
शासन के आदेश पर परिषदीय स्कूलों का कायाकल्प करने के लिए ग्राम प्रधानों को आदेश जारी कर दिए हैं। स्कूलों में होने वाले काम पर विभागीय अफसरों की नजर रहेगी। ग्राम प्रधान को जिम्मेदारी सौंपी गई है। - अमरजीत सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी।
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- 1200 परिषदीय स्कूलों का होगा सौंदर्यीकरण
- जिला पंचायत राज अधिकारी ने प्रधानों को सौंपी जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे जिले के 1200 परिषदीय स्कूलों के जल्द ही दिन बहुरने वाले हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी ने इन स्कूलों के सौंदर्यीकरण के लिए मंजूरी दे दी है। स्कूलों में सौंदर्यीकरण का कार्य ग्राम प्रधानों को सौंपा गया है। 14वें वित्त आयोग से गांवों के विकास के लिए मिली धनराशि से इन स्कूलों में सौंदर्यीकरण करवाया जाएगा।
जिले में 100 से अधिक परिषदीय स्कूल जर्जर हैं। 50 से अधिक स्कूलों में शौचालय नहीं हैं। 75 से अधिक स्कूलों में पेयजल की व्यवस्था नहीं है। अधिकतर स्कूलों के भवन जर्जर हैं। कहीं भवन में दरार है तो कहीं फर्श और दीवारों के प्लास्टर उखड़ गए हैं। स्कूलों में चहारदीवारी और फर्नीचर आदि की व्यवस्थाएं भी आधी-अधूरी हैं। 500 से अधिक स्कूलों में विद्युत कनेक्शन नहीं है। इसके चलते छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग के पास बजट का अभाव होने के कारण इन स्कूलों की हालत दिन प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। हाल ही में शासन ने ऐसे स्कूलों का सौंदर्यीकरण करवाने के लिए गांव के विकास को मिलने वाली राशि खर्च कर सुधारने के आदेश दिए थे। इस पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से बदहाल स्कूलों की सूची मांगी थी। सूची मिलने पर ग्राम प्रधानों और सचिवों से प्रस्ताव बनवाए गए। प्रस्ताव प्राप्त होने पर स्कूलों में होने वाले कार्य पर मुहर लगा दी गई। इस कार्य पर 14वें वित्त आयोग से मिली राशि खर्च करने के आदेश जारी किए गए हैं। अफसरों का दावा है कि आदेश जारी होते ही ग्राम प्रधानों से स्कूलों में काम शुरू करवा दिया गया है।
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जर्जर परिषदीय स्कूलों का होगा जीर्णोद्धार
शासन की इस पहल से जर्जर स्कूलों का जीर्णोद्धार होगा। जिले में 100 से अधिक जर्जर भवनों में डर-डर कर पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को भी राहत मिलेगी। इसके साथ ही इन स्कूलों के भवन चकाचक हो जाएंगे। जिला पंचायत राज अधिकारी की मुहर लगने पर स्कूलों में टूट-फूट की मरम्मत के साथ जिन स्कूलों में चहारदीवारी नहीं है, उन स्कूलों में चहारदीवारी भी बन जाएगी। इससे सभी को राहत मिलेगी और स्कूल की सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम हो जाएंगे।
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शौचालय, पेयजल और फर्नीचर भी होंगे उपलब्ध
परिषदीय स्कूलों के सौंदर्यीकरण का काम शुरू होने से शौचालय की कमी दूर होगी। इससे सबसे अधिक फायदा छात्राआें को मिलेगा। स्वच्छ पेयजल के लिए हैंडपंप लगाए जाएंगे। इतना ही नहीं स्कूलों में फर्नीचर आदि सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी। कुल मिलाकर अब स्कूलों में कोई कमी नहीं रहेगी।
शासन के आदेश पर परिषदीय स्कूलों का कायाकल्प करने के लिए ग्राम प्रधानों को आदेश जारी कर दिए हैं। स्कूलों में होने वाले काम पर विभागीय अफसरों की नजर रहेगी। ग्राम प्रधान को जिम्मेदारी सौंपी गई है। - अमरजीत सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी।