फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   फोटो समाचार 17-44-25

फोटो समाचार 17-44-25

Wed, 19 Jul 2017 11:11 PM IST
Updated Wed, 19 Jul 2017 11:11 PM IST
विज्ञापन
फोटो समाचार  17-44-25
फोटो समाचार
विज्ञापन


पांव में छाले, होंठों पर बोल बम के जयकारे
- नाचते-गाते और जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे कांवड़िये
- जगह-जगह सेवा को लगे भंडारों में भी धूम, जलाभिषेक को शिवालयों में तैयारी शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर/सिकंदराबाद।
हरिद्वार कांवड़ लेने गए कांवड़ियों की वापसी होने लगी है। इसके चलतेे मार्गों और भंडारों में बम-बम भोले की गूंज है। पांव में छाले होने के बाद भी कांवड़िये नाचते-गाते भोले के जयकारे लगाते आगे बढ़ रहे हैं। जगह-जगह सेवा को लगे भंडारों में भी बोल बम की धूम है। जलाभिषेक के लिए शिवालयों में तैयारी शुरू हो गई है।
सावन की शिवरात्रि 21 जुलाई को है। जिले से शिवभक्त कांवड़ हरिद्वार से लेने के लिए 10 जुलाई से रवाना होने लगे थे। यह सिलसिला 18 जुलाई तक जारी रहा और जो पहले पहुंचे और गंगाजल लेकर पैदल मार्च करते हुए हरिद्वार से अपने गंतव्य की ओर बढ़ने लगे। पिछले कई दिन से जिले के मार्गों से दूसरे क्षेत्रों के कांवड़ियों का गुजरना जारी है। अब जिले के कांवड़ियों की वापसी भी होने लगी है। वह जोश और उल्लास के साथ बम-बम भोले के जयकारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उनका प्रयास है कि वह 20 जुलाई की शाम तक अपने गंतव्य तक पहुंच जाएं, ताकि रात्रि विश्राम के बाद 21 जुलाई को वह परिवार के संग जलाभिषेक कर सकें। जिले में जगह-जगह लगे भंडारों में कांवड़ियों की खूब सेवा हो रही है। उनके लिए दवा, फल आदि की व्यवस्था की गई है। भंडारों में लगे डीजे पर बज रहे शिव के भक्ति गीतों पर कांवड़िये खूब झूम रहे हैं। कांवड़ियों के परिजनों को भी अपनों के आने का बेसब्री से इंतजार है। शिवालयों में जलाभिषेक को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं।
विज्ञापन


ऐतिहासिक अंबकेश्वर मंदिर पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
- कौरवों-पांडवों ने भी की थी इस मंदिर में आराधना
- भागवत कथा में भी है इस ऐतिहासिक मंदिर का जिक्र
अमर उजाला ब्यूरो
जहांगीराबाद।
जहांगीराबाद से बीस किमी की दूरी पर बसे अहार क्षेत्र के गंगा तट पर स्थापित अंबेकश्वर मंदिर पर कांवड़ियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। कांवड़ियों की भीड़ को देख ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मंदिर पर श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा है। शिवरात्रि के मौके पर ही नहीं बल्कि समय-समय पर कई राज्यों के श्रद्धालु यहां मत्था टेकते हैं। मनौतियां पूरी होने के कारण ही अंबेकश्वर मंदिर देश के प्रमुख शिव मंदिरों में से एक माना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

महाभारत कालीन अंबेकश्वर महादेव मंदिर सदियाें से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। अहार कस्बे का पूर्व में नाम कुंदनपुर था, जो भगवान श्रीकृष्ण की पत्नि रुक्मिणी के पिता राजा भिस्मक की राजधानी हुआ करती थी। क्षेत्र के बुजुर्गों का कहना है कि इस मंदिर की स्थापना पांडवों ने की थी। इसमें प्रतिदिन कौरव और पांडव पूजा-अर्चना करते थे। भागवत कथा में भी इस मंदिर का वर्णन है। श्रावण मास की शिवरात्रि पर हजारों की तादात में शिवभक्त हरिद्वार व गौमुख से पैदल गंगाजल लाकर यहां चढ़ाते हैं। दो दिन बाद शिवरात्रि के होने के चलते यहां कांवड़िये पहुंचना शुरू हो गए हैं।

एसडीएम व सीओ ने किया निरीक्षण
जहांगीराबाद। शिवरात्रि के मौके पर होने वाली भीड़ के मद्देनजर एसडीएम शुभी सिंह कानन व सीओ मनीष यादव ने बुधवार को मंदिर की सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर क्षेत्र में बनी धर्मशालाओं का भी निरीक्षण किया। यहां कांवड़िये जल चढ़ाने से पहले आराम करते हैं। दोनों अधिकारियों ने व्यवस्था चाक चौबंद होने का दावा किया।

तिरंगे झंडों के साथ डाक कांवड़ रवाना
गुलावठी/अनूपशहर/बुगरासी। बड़ा महादेव मंदिर से सैनी समाज के लोग बुधवार को राष्ट्रीय ध्वजों के साथ हरिद्वार से डाक कांवड़ के लिए रवाना हुए। डाक कांवड़ जत्थे में रवि सैनी, पवन सैनी, सोनू कुमार, रोहित सैनी, अमित सैनी, नरेंद्र सैनी, तरूण, प्रमोद सैनी, प्रवीन कुमार, विशाल, आनंद पाल, विनोद कुमार आदि श्रद्धालु शामिल थे। वहीं, गुलावठी-सिकंदराबाद मार्ग पर हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटे सिकंदराबाद के कांवड़ियों ने गायत्री पब्लिक स्कूल के निकट आयोजित कांवड़ सेवा शिविर में विश्राम किया। अनूपशहर में बबस्टरगंज घाट पर प्रशासन ने गोताखोरों व नावों की तैनाती, प्रकाश, सुलभ शौचालय आदि का इंतजाम किया है। गंगातट पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है। नगरपालिका कार्यालय में मेला कंट्रोल रूम बनाया गया है। बुगरासी क्षेत्र से सैकड़ों कांवड़िए हरिद्वार से कांवड़ लाकर आहार के शिव मंदिर में चढ़ाते हैं। कांवड़िए हरिद्वार से वापस आना शुरू हो गए हैं।


पोल टूटा, बाल-बाल बचे कांवड़िए
गुलावठी। हाईवे-235 स्थित शिव शनिदेव मंदिर के सामने एक बिजली का खंभा अचानक टूटकर गिर गया। इस दौरान वहां से गुजर रहे कांवड़िये बाल-बाल बचे। मंदिर के पुजारी ने इस दुर्घटना को विद्युत विभाग की घोर लापरवाही बताया। मंदिर समिति के अध्यक्ष रमेश चंद जैन ने पॉवर कॉरपोरेशन के एसडीओ से तत्काल पोल बदलवाने की मांग की है।


शिविरों में की जा रही शिव भक्तों की सेवा
खुर्जा। शिवरात्रि पर जलाभिषेक के लिए गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों की सेवा के लिए कांवड़ मार्गों पर जगह-जगह शिविर लगाए गए हैं। श्री शिव कावरती संघ कमेटी की ओर से हाईवे स्थित नेहरुपुर चुंगी पर कई वर्षों से कांवड़ियाें की सेवा के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। सैनी समाज के पूर्व नगर अध्यक्ष गौतम सैनी ने बताया कि भोले की सभी व्यवस्थाओं का कैंप में पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed