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बुलंदशहर में शुरू होगी ई-पशु चिकित्सा:सांसद डा. भोला
Updated Sun, 16 Jul 2017 12:19 AM IST
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बुलंदशहर में शुरू होगी ई-पशु चिकित्सा
सांसद डा. भोला सिंह ने कहा है कि केंद्र सरकार ने ‘टेली मेडिसिन ई-पशु चिकित्सा’ नाम से एक योजना शुरू की है। इस योजना को शुरूआत में पूरे प्रदेश के केवल पांच जिलों में शुरू किया गया है, जिनमें बुलंदशहर का नाम भी शामिल है।
सांसद ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि केंद्र सरकार की इस नई योजना में दूरदराज गांवों के पशुपालकों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से बात करने व उनसे परामर्श कर दवा पूछने की सुविधा मिलेगी।
इस सुविधा का नाम ‘टेलीमेडिसिन ई-पशुचिकित्सा’ दिया गया है। झोलाछापों के चंगुल से बचाकर विशेषज्ञों से परामर्श दिलाने के लिए ही एक नई सुविधा शुरू की गई है।
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इसके तहत कोई भी पशुपालक चिकित्सकों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अपने पशुओं के रोग व लक्षणों को बताकर दवा पूछ सकेगा। इसके लिए पशुपालकों को महज 50 रुपये ही चुकाने पड़ेंगे।
सांसद डा. भोला सिंह ने बताया कि भारत सरकार की इस योजना को प्रदेश के पांच जिलों में शुरू किया गया है। इसमें बुंलदशहर के अलावा केवल बागपत, आगरा, अलीगढ़ व बरेली को शामिल किया गया हैं।
यह सुविधा उन जनसेवा केंद्रों यानी सीएससी पर मिलेगी, जो भारत सरकार की ओर से संचालित हैं। इन्हें डिजिटल सेवा व वीएलई भी कहा जाता है।
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सांसद डा. भोला सिंह ने कहा है कि केंद्र सरकार ने ‘टेली मेडिसिन ई-पशु चिकित्सा’ नाम से एक योजना शुरू की है। इस योजना को शुरूआत में पूरे प्रदेश के केवल पांच जिलों में शुरू किया गया है, जिनमें बुलंदशहर का नाम भी शामिल है।
सांसद ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि केंद्र सरकार की इस नई योजना में दूरदराज गांवों के पशुपालकों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से बात करने व उनसे परामर्श कर दवा पूछने की सुविधा मिलेगी।
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इस सुविधा का नाम ‘टेलीमेडिसिन ई-पशुचिकित्सा’ दिया गया है। झोलाछापों के चंगुल से बचाकर विशेषज्ञों से परामर्श दिलाने के लिए ही एक नई सुविधा शुरू की गई है।
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इसके तहत कोई भी पशुपालक चिकित्सकों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अपने पशुओं के रोग व लक्षणों को बताकर दवा पूछ सकेगा। इसके लिए पशुपालकों को महज 50 रुपये ही चुकाने पड़ेंगे।
सांसद डा. भोला सिंह ने बताया कि भारत सरकार की इस योजना को प्रदेश के पांच जिलों में शुरू किया गया है। इसमें बुंलदशहर के अलावा केवल बागपत, आगरा, अलीगढ़ व बरेली को शामिल किया गया हैं।
यह सुविधा उन जनसेवा केंद्रों यानी सीएससी पर मिलेगी, जो भारत सरकार की ओर से संचालित हैं। इन्हें डिजिटल सेवा व वीएलई भी कहा जाता है।