फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   With the arrival of winter, the quilt and mattress business has revived.

Budaun News: सर्दी की दस्तक से रजाई-गद्दे के कारोबार में लौटी रौनक

Thu, 27 Nov 2025 12:04 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Updated Thu, 27 Nov 2025 12:04 AM IST
विज्ञापन
With the arrival of winter, the quilt and mattress business has revived.
रजाई बनाती महिला कारीगर।संवाद
बदायूं। सर्दी की दस्तक के साथ ही रजाई और गद्दों के कारोबार में तेजी आ गई है। पिछले चार दिनों से मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
विज्ञापन


अधिकतम तापमान में डेढ़ डिग्री की कमी आई है। इसका सीधा असर कारोबार में तेजी के रूप में पड़ा है। जहां एक ओर लोग गर्म कपड़ों की खरीदारी में जुट गए हैं, वहीं रजाई और गद्दे बनाने वाले कारीगरों के पास भी काम की भरमार हो गई है। कई लोग अपने पुराने गद्दे और रजाइयां दुकानों पर भिजवा रहे हैं ताकि सर्दी बढ़ने से पहले उन्हें ठीक कराया जा सके। वहीं, दुकानदार और कारीगर लगभग सुबह से देर शाम तक लगातार काम में व्यस्त नजर आ रहे हैं। रजाई-गद्दा मरम्मत और नई रजाई तैयार करने वाले कारीगरों की संख्या में इस समय खासा इजाफा देखा जा रहा है। कारीगर रुई को धुनने, गद्दा भरने और रजाई सिलाई करने में लगातार लगे हुए हैं।
विज्ञापन

कारीगर रमेश व श्याम ने बताया कि मौसम में ठंडक आते ही काम बढ़ जाता है लेकिन इस बार अचानक तापमान गिरने से ऑर्डर पहले की तुलना में ज्यादा तेजी से मिलने लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------
कपास और रूई की रजाई अच्छी
चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र वर्मा ने बताया कि कपास और रूई की रजाई सबसे बेहतर होती है। इससे त्वचा संबंधी इंफेक्शन नहीं होता है।पहले लोग केवल कपास और रूई से बनी रजाइयों को ही प्राथमिकता देते थे। अब फाइबर और सिलिकॉन फिलिंग वाली रजाइयों को लोग पसंद कर रहे हैं। इनसे किसी-किसी को त्वचा संबंधी समस्या आ जाती है। लेकिन यह रजाई हल्की होती है, आसानी से धुल जाती हैं और लंबे समय तक टिकाऊ रहती हैं। इसके कारण खरीदार इनकी ओर आकर्षित हो रहे हैं।
-------
रूई भरवाने की जगह लोग रेडीमेड कर रहे पसंद
दुकानदार राकेश ने बताया रूई भरवाने की जगह लोग रेडीमेड रजाई को अधिक पसंद कर रहे हैं। जैसे-जैसे सर्दी बढ़ेगी, कारोबार और तेज होने की उम्मीद है। पिछले साल की तुलना में इस बार बिक्री और मुनाफा दोनों ज्यादा रहने की संभावना है। कई व्यापारी पहले से अतिरिक्त स्टॉक तैयार कर रहे हैं ताकि अचानक बढ़ने वाली मांग को आसानी से पूरा किया जा सके।
99999999
एक हजार से 15 सौ रुपये तक मिल रही रजाई

बदायूं। बाजार में रजाई 1000 से 1500 रुपये तक है। उधर, खादी ग्रामोद्योग की रजाई उससे भी अधिक में बिक रही है। रूई की कीमत 110 रुपये किलो के आसपास है। यह हल्की है। बढ़िया रूई 120 रुपये किलो मिल रही है।




सिंगल बेड की रजाई में लगभग तीन से चार किलो और डबल बेड की रजाई में छह किलो रूई पड़ती है। इसमें पड़ने वाली रुई के दाम अलग-अलग है। जिसमें 80 रुपये किलो फाइबर रुई, साजन रुई 110 रुपये किलो, फाइबर हॉट 90 रुपये किलो, 120 सायर कपास रुई है। रजाई खोल 200 से 750 रुपये तक। गद्दा खोल 200 से 500 रुपये तक है।

रजाई बनाती महिला कारीगर।संवाद

रजाई बनाती महिला कारीगर।संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed