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Budaun News: कन्हैया की मौत से बुझ गया परिवार का इकलौता चिराग
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मृतक कन्हैया गुप्ता। फाइल फोटो
उझानी। दो दिन पहले वाहन की चपेट में आने से घायल बाइक सवार दो युवकों में से कन्हैया गुप्ता की इलाज के दौरान सैफई के मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। वह अपनी मां शशि गुप्ता का इकलौता सहारा था।
पुरानी अनाज मंडी निवासी कन्हैया गुप्ता (22) ने सैफई के मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान बुधवार देर रात अंतिम सांस ली। बाइक सवार कन्हैया समेत उसके दोस्त मिल कंपाउंड निवासी सत्यम सक्सेना (28) की सोमवार रात बरामालदेव मोड़ के पास किसी वाहन से टक्कर हो गई थी। प्राथमिक उपचार के बाद परिजनों ने कन्हैया को सैफई के मेडिकल कॉलेज और सत्यम को उसके परिजनों ने बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। घायल सत्यम की हालत भी गंभीर बताई जा रही है।
मृतक कन्हैया परिवार का इकलौता सहारा था। उसके पिता राकेश गुप्ता की करीब दस साल पहले हत्या कर दी गई थी। कन्हैया उस वक्त महज 12 साल का था। मां शशि का इकलौता सहारा था। हादसे में बेटे की मौत से शशि बदहवास हैं। पति की हत्या के बाद वह कुछ समय के लिए मायके कासगंज जिले में गंजडुंडवारा जाकर रहने लगीं थीं। छह महीने पहले ही वह घर लौटीं थीं।
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पुरानी अनाज मंडी निवासी कन्हैया गुप्ता (22) ने सैफई के मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान बुधवार देर रात अंतिम सांस ली। बाइक सवार कन्हैया समेत उसके दोस्त मिल कंपाउंड निवासी सत्यम सक्सेना (28) की सोमवार रात बरामालदेव मोड़ के पास किसी वाहन से टक्कर हो गई थी। प्राथमिक उपचार के बाद परिजनों ने कन्हैया को सैफई के मेडिकल कॉलेज और सत्यम को उसके परिजनों ने बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। घायल सत्यम की हालत भी गंभीर बताई जा रही है।
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मृतक कन्हैया परिवार का इकलौता सहारा था। उसके पिता राकेश गुप्ता की करीब दस साल पहले हत्या कर दी गई थी। कन्हैया उस वक्त महज 12 साल का था। मां शशि का इकलौता सहारा था। हादसे में बेटे की मौत से शशि बदहवास हैं। पति की हत्या के बाद वह कुछ समय के लिए मायके कासगंज जिले में गंजडुंडवारा जाकर रहने लगीं थीं। छह महीने पहले ही वह घर लौटीं थीं।
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