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एफसीआई ने मुफ्त में बांटने को भेजा घुन लगा चना... लौटाया गया
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बदायूं। लॉकडाउन की वजह से लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, जिससे उनके पास रखा राशन खत्म होने लगा है। इसको देखते हुए प्रदेश सरकार ने सभी राशन कार्ड धारकों को पिछले दिनों मुफ्त पांच-पांच किलो चावल का वितरण किया। वहीं मई में 15 तारीख से प्रतिकार्ड एक-एक किलो चना के वितरण की बात की। इसको लेकर प्रदेश सरकार ने पांच लाख 21 हजार किलो चना जनपद के लिए आवंटित किया है, लेकिन एफसीआई ने जो चना भेजा है वह घटिया क्वालिटी का है। इस कारण विभाग ने इसे वापस भेज दिया है।
कोरोना वायरस की चेन तोड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में 25 मार्च से 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की थी। जिसके बाद देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में कुछ कमी आई। इसको देखते हुए प्रधानमंत्री ने 14 अप्रैल को दोबारा से 19 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की। लॉकडाउन की वजह से मजदूर और रोज कमाने खाने वाले परिवारों के सामने राशन का संकट गहरा गया। ऐसे में सरकार ने अंत्योदय कार्ड धारकों को 35 किलो राशन मुफ्त दिया। उसके बाद में सभी कार्ड धारकों को पांच-पांच किलो चावल निशुल्क दिया। अब प्रदेश सरकार ने सभी राशन कार्ड धारकों को मई में एक-एक किलो चना मुफ्त देने के निर्देश दिए। जनपद के पांच लाख 21 हजार कार्ड धारकों को चना वितरित किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रदेश सरकार ने चना वितरण की तिथि 15 मई से रखी है, जिसकी वजह से जनपद को राशन कार्ड के हिसाब से चना भेजा गया हैं। जनपद में पांच लाख 21 हजार किलो चना आना है। इसको एफसीआई ने बदायूं में 23 अप्रैल को भिजवा दिया, लेकिन जनपदीय अधिकारियों ने चना लेने से पहले उसकी जांच करना उचित समझा, जिससे उन्हें चना की क्वालिटी के बारे में पता हो सकें। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि जो एफसीआई ने चना भेजा है, वह बेहद घाटिया क्वालिटी का और घुन लगा है। इसकी वजह से पूर्ति विभाग ने चने के उठान से मना कर दिया। जिसके बाद में चने को वापस भेजा दिया गया है।
जनपद के लिए पांच लाख 21 हजार किलो चना आवंटित हुआ था, जो एफसीआई के माध्यम से जनपद में भेजा गया, लेकिन जांच के दौरान पता चला कि चना घुन लगा हुआ और घटिया क्वालिटी का है। इस वजह से उसका उठान नहीं कराया गया। उसे वापस भेज दिया गया है। - रामेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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कोरोना वायरस की चेन तोड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में 25 मार्च से 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की थी। जिसके बाद देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में कुछ कमी आई। इसको देखते हुए प्रधानमंत्री ने 14 अप्रैल को दोबारा से 19 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की। लॉकडाउन की वजह से मजदूर और रोज कमाने खाने वाले परिवारों के सामने राशन का संकट गहरा गया। ऐसे में सरकार ने अंत्योदय कार्ड धारकों को 35 किलो राशन मुफ्त दिया। उसके बाद में सभी कार्ड धारकों को पांच-पांच किलो चावल निशुल्क दिया। अब प्रदेश सरकार ने सभी राशन कार्ड धारकों को मई में एक-एक किलो चना मुफ्त देने के निर्देश दिए। जनपद के पांच लाख 21 हजार कार्ड धारकों को चना वितरित किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रदेश सरकार ने चना वितरण की तिथि 15 मई से रखी है, जिसकी वजह से जनपद को राशन कार्ड के हिसाब से चना भेजा गया हैं। जनपद में पांच लाख 21 हजार किलो चना आना है। इसको एफसीआई ने बदायूं में 23 अप्रैल को भिजवा दिया, लेकिन जनपदीय अधिकारियों ने चना लेने से पहले उसकी जांच करना उचित समझा, जिससे उन्हें चना की क्वालिटी के बारे में पता हो सकें। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि जो एफसीआई ने चना भेजा है, वह बेहद घाटिया क्वालिटी का और घुन लगा है। इसकी वजह से पूर्ति विभाग ने चने के उठान से मना कर दिया। जिसके बाद में चने को वापस भेजा दिया गया है।
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जनपद के लिए पांच लाख 21 हजार किलो चना आवंटित हुआ था, जो एफसीआई के माध्यम से जनपद में भेजा गया, लेकिन जांच के दौरान पता चला कि चना घुन लगा हुआ और घटिया क्वालिटी का है। इस वजह से उसका उठान नहीं कराया गया। उसे वापस भेज दिया गया है। - रामेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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