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ग्रामीणों ने स्वेच्छा से त्यागी खुले में शौच जाने की कुप्रथा
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jul 2016 11:44 PM IST
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ग्रामीणों ने स्वेच्छा से त्यागी खुले में शौच जाने की कुप्रथा
- फोटो : अमर उजाला
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डीएमए, सीडीओ ने ग्राम शेर अंदाजपुर पहुंचकर गांव को किया ओडीएफ घोषित
प्रशासनिक प्रयासों और जन सहयोग से जिले में अब तक नौ गांवों को खुले में शौच से मुक्त किया जा चुका है। रविवार को जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी, सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया ने ब्लाक वजीरगंज के ग्राम शेर अंदाजपुर और सीडीओ एवं उनकी टीम ने सहसवान ब्लाक के ग्राम नसीरपुर गेसू पहुंचकर गांवों को ओडीएफ घोषित किया और ग्राम प्रधान का माल्यार्पण कर और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया।
जिलाधिकारी ने हाथ उठवाकर गांव वासियों को खुले में शौच न करने की शपथ दिलाई और कहा कि सभी लोग संकल्प लें कि अब कोई भी पुरूष, महिला और बच्चे खुले में शौच को कतई नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्षों पुरानी चली आ रही इस कुप्रथा से विभिन्न प्रकार की बीमारियों के कारण ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। सीडीओ और प्रभारी डीपीआरओ राजेश यादव एवं बीडीओ राजकुमार ने नासिर खां, नब्बू खां, मुनीफ खां, नसीर, कमरूद और अशरफ खां सहित गांव की जागरूकता एवं निगरानी टीम के अन्य सभी सदस्यों को फूल मालाएं पहनाईं। ग्राम शेर अंदाजपुर में कुल 1100 की आबादी के सापेक्ष 200 परिवार रहते हैं जिसमें मात्र 26 परिवार ऐसे थे। जिनके पास शौचालय नहीं था। कुछ ग्रामीणों द्वारा स्वयं अथवा कुछ लोगों को सरकारी मदद देकर शौचालयों का निर्माण कराकर गांव को ओडीएफ घोषित किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि गांव की महिलाओंए बहुओं और बेटियों को पर्दे में रखा जाता है लेकिन शौच के लिए खुले में ही भेजा जाता है, जो बड़े ही शर्म की स्थिति होती है। गांव जब ओडीएफ हो ही गया है तो सभी गांव वाले इस व्यवस्था को बरकरार रखें और निश्चित करें कोई भी व्यक्ति खुले में शौच न जाने पाए। सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया ने कहा कि गांव वालों के सहयोग के बिना कोई कार्य किया जाना संभव ही नहीं है, इसलिए इस कुप्रथा से दूर ही रहा जाए तो बेहतर होगा। ग्राम नसीरपुर गेसू नमामि गंगा योजना के तहत चयनित है। यहां तीन सौ परिवार रहते हैं। गांव में 58 स्वच्छ शौचालयों के निर्माण को ग्रामीणों को धनराशि दी जा चुकी है। ग्राम शेर अंदाजपुर के ग्रामीणों का खुला चैलेंज है कि यदि कोई भी महिला, पुरूष एवं बच्चा खुले में शौच करता देखा जाता है, देखने वाले को प्रति व्यक्ति एक हजार रुपए ग्राम प्रधान और कुछ ग्रामीणों की ओर से ईनाम दिया जाएगा। इस अवसर पर शेर अंदाजपुर के ग्राम प्रधान आशिक अली, नसीरपुर गेसू की ग्राम प्रधान शेख बानू, अब्दुल अहद जाबांज सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी और ग्रामीण मौजूद रहे।
प्रशासनिक प्रयासों और जन सहयोग से जिले में अब तक नौ गांवों को खुले में शौच से मुक्त किया जा चुका है। रविवार को जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी, सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया ने ब्लाक वजीरगंज के ग्राम शेर अंदाजपुर और सीडीओ एवं उनकी टीम ने सहसवान ब्लाक के ग्राम नसीरपुर गेसू पहुंचकर गांवों को ओडीएफ घोषित किया और ग्राम प्रधान का माल्यार्पण कर और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया।
जिलाधिकारी ने हाथ उठवाकर गांव वासियों को खुले में शौच न करने की शपथ दिलाई और कहा कि सभी लोग संकल्प लें कि अब कोई भी पुरूष, महिला और बच्चे खुले में शौच को कतई नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्षों पुरानी चली आ रही इस कुप्रथा से विभिन्न प्रकार की बीमारियों के कारण ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। सीडीओ और प्रभारी डीपीआरओ राजेश यादव एवं बीडीओ राजकुमार ने नासिर खां, नब्बू खां, मुनीफ खां, नसीर, कमरूद और अशरफ खां सहित गांव की जागरूकता एवं निगरानी टीम के अन्य सभी सदस्यों को फूल मालाएं पहनाईं। ग्राम शेर अंदाजपुर में कुल 1100 की आबादी के सापेक्ष 200 परिवार रहते हैं जिसमें मात्र 26 परिवार ऐसे थे। जिनके पास शौचालय नहीं था। कुछ ग्रामीणों द्वारा स्वयं अथवा कुछ लोगों को सरकारी मदद देकर शौचालयों का निर्माण कराकर गांव को ओडीएफ घोषित किया।
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जिलाधिकारी ने कहा कि गांव की महिलाओंए बहुओं और बेटियों को पर्दे में रखा जाता है लेकिन शौच के लिए खुले में ही भेजा जाता है, जो बड़े ही शर्म की स्थिति होती है। गांव जब ओडीएफ हो ही गया है तो सभी गांव वाले इस व्यवस्था को बरकरार रखें और निश्चित करें कोई भी व्यक्ति खुले में शौच न जाने पाए। सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया ने कहा कि गांव वालों के सहयोग के बिना कोई कार्य किया जाना संभव ही नहीं है, इसलिए इस कुप्रथा से दूर ही रहा जाए तो बेहतर होगा। ग्राम नसीरपुर गेसू नमामि गंगा योजना के तहत चयनित है। यहां तीन सौ परिवार रहते हैं। गांव में 58 स्वच्छ शौचालयों के निर्माण को ग्रामीणों को धनराशि दी जा चुकी है। ग्राम शेर अंदाजपुर के ग्रामीणों का खुला चैलेंज है कि यदि कोई भी महिला, पुरूष एवं बच्चा खुले में शौच करता देखा जाता है, देखने वाले को प्रति व्यक्ति एक हजार रुपए ग्राम प्रधान और कुछ ग्रामीणों की ओर से ईनाम दिया जाएगा। इस अवसर पर शेर अंदाजपुर के ग्राम प्रधान आशिक अली, नसीरपुर गेसू की ग्राम प्रधान शेख बानू, अब्दुल अहद जाबांज सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी और ग्रामीण मौजूद रहे।
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