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उसहैत बांध और नवादा मधुकर गांव का कटान देखा
badaun
Updated Thu, 18 Jun 2015 06:40 PM IST
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बरसात के सीजन से पहले बाढ़ बचाव के प्रमुख कार्यों पर मुख्यमंत्री के विशेष निर्देश के तहत बाढ़ खंड के चीफ इंजीनियर के साथ इंजीनियरों की टीम ने यहां खतरे भरे प्वाइंटों का निरीक्षण किया। गंगा पर बना उसहैत बांध और रामगंगा की ठोकरों से तबाह हो रहे गांव नवादा मधुकर गांव का निरीक्षण किया और बाढ़ बचाव के लिए इंजीनियर साथियों से विचार विमर्श किया।
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बाढ़ खंड मुख्यालय से आए चीफ इंजीनियर एके सिंह और विशेषज्ञ दल के इंजीनियरों ने उसहैत बांध का निरीक्षण कर कटान निरोधक कार्यों पर चर्चा की। उन्होंने दातागंज क्षेत्र में रामगंगा के निशाने पर आ गए गांव नवादा मधुकर को बचाने को भी बाढ़ की रोकथाम को विचार विमर्श किया।
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यहां बता दें कि विशेष परिस्थितियों में मुख्यमंत्री ने उसहैत बांघ के लिए 380 लाख रुपये और नवादा मधुकर गांव बचाने के लिए तीन करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इंजीनियरों की टीम ने यहां परक्यूपाइन स्टड और बाढ़ सुरक्षा के अन्य साधनों के जरिए बाढ़ सुरक्षा को प्रस्ताव तैयार कराने को कहा है। मुख्य अभियंता के साथ एक्सईएन डीके जैन, एई संजीव कुमार एवं अन्य इंजीनियर रहे।
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बचाव कार्यों का किया निरीक्षण
बाढ़ खंड के चीफ इंजीनियर ने नवादा मधुकर गांव में चल रहे बाढ़ से बचाव कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य में तेजी लाने को स्थानीय इंजीनियरों को दिशा निर्देश दिए।
मुरादाबाद स्थित बाढ़ खंड के मुख्यालय से विशेषज्ञों की टीम चीफ इंजीनियर एके सिंह के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को नवादा मधुकर गांव पहुंची, यहां रामगंगा की बाढ़ से गांव को बचाने के लिए ठोकरें निर्माण का काम चल रहा है। टीम ने स्थानीय इंजीनियरों को कार्य में तेजी लाने और कुछ अन्य मशीनें लगाने के निर्देश दिए। यहां बता दें कि गत बाढ़ में इस गांव के एक चौथाई मकान रामगंगा में समा गए थे। शासन ने गांव के बचाव को छह करोड़, 84 लाख, 55 हजार रुपये परियोजना स्वीकृत की है।