{"_id":"5e0b9b8b8ebc3e87c300c14f","slug":"tichar-badaun-news-bly3902090196","type":"story","status":"publish","title_hn":"50 से ज्यादा उम्र है तो काम ही बचाएगा अनिवार्य सेवानिवृत्ति से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
50 से ज्यादा उम्र है तो काम ही बचाएगा अनिवार्य सेवानिवृत्ति से
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। काम में लापरवाही बरतने वाले 50 से अधिक उम्र वाले शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्त दी जा सकती है। इसको लेकर बेसिक शिक्षा परिषद सचिव ने सभी बीएसए को पत्र जारी कर शिक्षकों की स्क्रीनिंग कराने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत बीएसए ने सभी बीईओ को निर्देशित किया है कि शिक्षकों की स्क्रीनिंग की जाए। जिले के करीब 400 शिक्षक इसकी जद में आएंगे।
बेसिक शिक्षा सचिव ने बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की स्क्रीनिंग कराने का जो आदेश दिया उसकी रिपोर्ट के बाद नॉन परफॉर्मर शिक्षकों व कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी। जिले में 1802 परिषदीय और 656 उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। इनमें करीब साढ़े हजार शिक्षकों की तैनाती है। विभागीय सूत्रों के अनुसार इनमें करीब चार सौ ऐसे शिक्षक हैं, जिनकी उम्र 50 से अधिक है। अब इनमें स्क्रीनिंग के आधार पर लापरवाह शिक्षकों की सूची बनाई जाएगी, जिन पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति दिए जाने की तलवार लटक गई है।
- स्क्रीनिंग के लिए मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय और खंड शिक्षा अधिकारी विकास खंड को शामिल करते हुए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस टीम को शासन ने 10 जनवरी तक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
स्क्रीनिंग में पहले विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों को चयनित किया जाता है, जिनकी उम्र 50 के पार हो। उसके बाद में देखा जाता है कि उन अधिकारी, कर्मचारी पर विभागीय कार्रवाई, अनुशासनहीनता का कोई मामला आदि तो दर्ज नहीं है। उसके साथ ही उनके अभिलेखों की जांच भी की जाती है। इसके बाद उनके कामकाज का आंकलन किया जाता है, साथ ही ये भी देखा जाता है कि वे अपने काम को बखूबी कर पा रहे हैं या नहीं। यदि काम करने के दौरान उन्हें कोई परेशानी हो रही है तो उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी जाएगी।
शासन ने स्क्रीनिंग कराने के निर्देश दिए हैं, उसके लिए सभी बीईओ को अवगत करा दिया गया है, साथ ही उनको सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा ऐसे लिपिकों की भी स्क्रीनिंग कराई जाएगी।
- रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा सचिव ने बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की स्क्रीनिंग कराने का जो आदेश दिया उसकी रिपोर्ट के बाद नॉन परफॉर्मर शिक्षकों व कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी। जिले में 1802 परिषदीय और 656 उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। इनमें करीब साढ़े हजार शिक्षकों की तैनाती है। विभागीय सूत्रों के अनुसार इनमें करीब चार सौ ऐसे शिक्षक हैं, जिनकी उम्र 50 से अधिक है। अब इनमें स्क्रीनिंग के आधार पर लापरवाह शिक्षकों की सूची बनाई जाएगी, जिन पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति दिए जाने की तलवार लटक गई है।
विज्ञापन
- स्क्रीनिंग के लिए मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय और खंड शिक्षा अधिकारी विकास खंड को शामिल करते हुए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस टीम को शासन ने 10 जनवरी तक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
स्क्रीनिंग में पहले विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों को चयनित किया जाता है, जिनकी उम्र 50 के पार हो। उसके बाद में देखा जाता है कि उन अधिकारी, कर्मचारी पर विभागीय कार्रवाई, अनुशासनहीनता का कोई मामला आदि तो दर्ज नहीं है। उसके साथ ही उनके अभिलेखों की जांच भी की जाती है। इसके बाद उनके कामकाज का आंकलन किया जाता है, साथ ही ये भी देखा जाता है कि वे अपने काम को बखूबी कर पा रहे हैं या नहीं। यदि काम करने के दौरान उन्हें कोई परेशानी हो रही है तो उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी जाएगी।
शासन ने स्क्रीनिंग कराने के निर्देश दिए हैं, उसके लिए सभी बीईओ को अवगत करा दिया गया है, साथ ही उनको सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा ऐसे लिपिकों की भी स्क्रीनिंग कराई जाएगी।
- रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए