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Budaun News: जाति सूचक गालियां देने पर तीन दोषियों को 3-3 साल की कैद
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बदायूं। जाति सूचक गालियां देने के मामले में एससी-एसटी एक्ट के न्यायाधीश सुयश प्रकाश श्रीवास्तव ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। उनको तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
मामला संभल जिले के थाना गुन्नौर का है। यहां वर्ष 2011 में घर में घुसकर मारपीट व जाति सूचक गालियां देने के मामले में चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट की गई थी। आरोप था कि दौलतपुर निवासी वीरेश, राजेंद्र, श्रीपाल व सुधीर ने पुरानी रंजिश के चलते घर में घुसकर मारपीट की और परिवार को जाति सूचक गालियां दीं। विवेचक ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए विवेचक ने चारों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। तब से मामला कोर्ट में चल रहा था।
विचारण के दौरान श्रीपाल की मौत हाे गई। तीन फरवरी को न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद वीरेश, राजेंद्र व सुधीर को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
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जानलेवा हमले के मामले में तीन लोगों को सात-सात साल की कैद
- प्रत्येक पर दस-दस हजार रुपये का लगाया जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। 16 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में एससी-एसटी एक्ट के न्यायाधीश सुयश प्रकाश श्रीवास्तव ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। उनको सात-सात साल कैद की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
मामला संभल जिले के थाना गुन्नौर का है। जो पहले बदायूं जिले का हिस्सा था। यहां वर्ष 2011 में जानलेवा हमला करते हुए युवक को गोली मारकर घायल कर दिया था। इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट की गई थी। आरोप था कि दौलतपुर के रहने वाले रमेश, दयाराम व कोकिल उर्फ गोकित ने पुरानी रंजिश के चलते जान से मारने की नियत से युवक पर जानलेवा हमला करते हुए उसको गोली मार दी थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
विवेचक ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए विवेचक ने तीनों आरोपियों को जेल भेजने के बाद तीनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। तब से मामला कोर्ट में चल रहा था। तीन फरवरी को न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
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मामला संभल जिले के थाना गुन्नौर का है। यहां वर्ष 2011 में घर में घुसकर मारपीट व जाति सूचक गालियां देने के मामले में चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट की गई थी। आरोप था कि दौलतपुर निवासी वीरेश, राजेंद्र, श्रीपाल व सुधीर ने पुरानी रंजिश के चलते घर में घुसकर मारपीट की और परिवार को जाति सूचक गालियां दीं। विवेचक ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए विवेचक ने चारों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। तब से मामला कोर्ट में चल रहा था।
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विचारण के दौरान श्रीपाल की मौत हाे गई। तीन फरवरी को न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद वीरेश, राजेंद्र व सुधीर को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
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जानलेवा हमले के मामले में तीन लोगों को सात-सात साल की कैद
- प्रत्येक पर दस-दस हजार रुपये का लगाया जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। 16 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में एससी-एसटी एक्ट के न्यायाधीश सुयश प्रकाश श्रीवास्तव ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। उनको सात-सात साल कैद की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
मामला संभल जिले के थाना गुन्नौर का है। जो पहले बदायूं जिले का हिस्सा था। यहां वर्ष 2011 में जानलेवा हमला करते हुए युवक को गोली मारकर घायल कर दिया था। इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट की गई थी। आरोप था कि दौलतपुर के रहने वाले रमेश, दयाराम व कोकिल उर्फ गोकित ने पुरानी रंजिश के चलते जान से मारने की नियत से युवक पर जानलेवा हमला करते हुए उसको गोली मार दी थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
विवेचक ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए विवेचक ने तीनों आरोपियों को जेल भेजने के बाद तीनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। तब से मामला कोर्ट में चल रहा था। तीन फरवरी को न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।