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डेंगू के डंक से महिला की मौत, तीन लोग बीमार
बदायूं
Updated Wed, 16 Sep 2015 12:14 AM IST
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संक्रामक बुखार से मौतों के बीच जगत ब्लाक में डेंगू भी पैर पसारने लगा है। ककराला की एक महिला की इलाज के दौरान बरेली के एक अस्पताल में मौत हो गई। कस्बे के तीन लोगों का वहां इलाज चल रहा है।
ककराला के वार्ड नंबर 17 निवासी तहजीब खां की पत्नी आयशा को कई दिन से बुखार आ रहा था। हालत में सुधार न होने पर परिवार वाले उसे बरेली के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां जांच के बाद डॉक्टर ने आयशा को डेंगू होने की पुष्टि की। इलाज के दौरान सोमवार की रात आयशा की मौत हो गई। तहजीब और उसकी पुत्री हिबा को भी डॉक्टर ने जांच के बाद डेंगू होने की पुष्टि की है। इधर वार्ड नंबर 19 के नोमान पुत्र बादशाह को भी डॉक्टर ने डेंगू की पुष्टि की है। इन सभी का इलाज बरेली के एक अस्पताल में चल रहा है।
डाक्टर कहते हैं
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. हरपाल सिंह ने बताया कि डेंगू बुखार एक खास किस्म के वायरस से होता है, जो मच्छर काटने से फैलता है। डेंगू के मच्छर दिन और रात दोनों वक्त काटते हैं। ऐसे में डेंगू के लक्षणों, इससे बचाव और उपचार के बारे में जानकारी होना जरूरी है। इसका उपचार किसी एक तरह से संभव नहीं है। लक्षणों को पहचानकर व्यक्ति बिना देरी के चिकित्सक से मिले और इसका उपचार करवाए। इस दौरान अधिक से अधिक पानी व पेय लेना चाहिए और आराम करना जरूरी है। डेंगू के इलाज में देरी होने पर यह हेमोरेजिक फीवर का रूप ले सकता है।
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लक्षण-
-डेंगू के रोगी को तेज ठंड लगती है।
-सिरदर्द, कमरदर्द और आंखों में तेज दर्द हो सकता है।
- रोगी को लगातार तेज बुखार रहता है।
-रोगी के जोड़ों में दर्द के साथ बेचैनी, उल्टियां हो सकती हैं।
-डेंगू बुखार में लो ब्लड प्रेशर की समस्या भी हो सकती है।
-पेट में तेज दर्द के साथ नाक से खून आ सकता है।
घर के आसपास पनी न जमा न होने दें
फिलहाल डेंगू से बचाव के लिए कोई टीका विकसित नहीं हो सका है। इसके बचने के लिए सजगता जरूरी है। यह मच्छर जनित बीमारी है। इसलिए घर में मच्छर बिल्कुल न होने दें। घर के आसपास पानी जमा न होने दें। डेंगू का मच्छर घर के अंधेरे कोनों के साथ पानी में रहता है।
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हालात पर काबू नहीं, दो दर्जन लोग बीमार
मूसाझाग। सेहत महकमे की तमाम कोशिशों के बावजूद जगत ब्लाक में बुखार पर काबू नहीं हो रहा है। अब मूसाझाग के तालगांव में संक्रामक बुखार फैल गया है। चौबीस घंटे में यहां बुखार से दो लोगों की मौत हो गई। दो दर्जन से ज्यादा लोग बीमार हैं। गांव के लोग इससे दहशत में हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की 19 टीमें एक साथ जगत ब्लाक में कैंप कर रही हैं।
अगस्त के पहले सप्ताह में जगत ब्लाक के उपरैला गांव में बुखार से मौतों का सिलसिला शुरू हुआ। इसके बाद जगत ब्लाक के एक दर्जन से ज्यादा गांवों में बुखार फैल गया। अब ताल गांव में भी बुखार ने पैर पसार लिए हैं। गांव के सल्लन की 18 वर्षीय पुत्री रेशमा और मुश्ताक के नौ वर्षीय पुत्र हुजूर अहमद से बुखार से मौत हो गई। गांव में दो दर्जन से ज्यादा लोग बीमार हैं। अब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची है।
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ककराला के वार्ड नंबर 17 निवासी तहजीब खां की पत्नी आयशा को कई दिन से बुखार आ रहा था। हालत में सुधार न होने पर परिवार वाले उसे बरेली के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां जांच के बाद डॉक्टर ने आयशा को डेंगू होने की पुष्टि की। इलाज के दौरान सोमवार की रात आयशा की मौत हो गई। तहजीब और उसकी पुत्री हिबा को भी डॉक्टर ने जांच के बाद डेंगू होने की पुष्टि की है। इधर वार्ड नंबर 19 के नोमान पुत्र बादशाह को भी डॉक्टर ने डेंगू की पुष्टि की है। इन सभी का इलाज बरेली के एक अस्पताल में चल रहा है।
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डाक्टर कहते हैं
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. हरपाल सिंह ने बताया कि डेंगू बुखार एक खास किस्म के वायरस से होता है, जो मच्छर काटने से फैलता है। डेंगू के मच्छर दिन और रात दोनों वक्त काटते हैं। ऐसे में डेंगू के लक्षणों, इससे बचाव और उपचार के बारे में जानकारी होना जरूरी है। इसका उपचार किसी एक तरह से संभव नहीं है। लक्षणों को पहचानकर व्यक्ति बिना देरी के चिकित्सक से मिले और इसका उपचार करवाए। इस दौरान अधिक से अधिक पानी व पेय लेना चाहिए और आराम करना जरूरी है। डेंगू के इलाज में देरी होने पर यह हेमोरेजिक फीवर का रूप ले सकता है।
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लक्षण-
-डेंगू के रोगी को तेज ठंड लगती है।
-सिरदर्द, कमरदर्द और आंखों में तेज दर्द हो सकता है।
- रोगी को लगातार तेज बुखार रहता है।
-रोगी के जोड़ों में दर्द के साथ बेचैनी, उल्टियां हो सकती हैं।
-डेंगू बुखार में लो ब्लड प्रेशर की समस्या भी हो सकती है।
-पेट में तेज दर्द के साथ नाक से खून आ सकता है।
घर के आसपास पनी न जमा न होने दें
फिलहाल डेंगू से बचाव के लिए कोई टीका विकसित नहीं हो सका है। इसके बचने के लिए सजगता जरूरी है। यह मच्छर जनित बीमारी है। इसलिए घर में मच्छर बिल्कुल न होने दें। घर के आसपास पानी जमा न होने दें। डेंगू का मच्छर घर के अंधेरे कोनों के साथ पानी में रहता है।
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हालात पर काबू नहीं, दो दर्जन लोग बीमार
मूसाझाग। सेहत महकमे की तमाम कोशिशों के बावजूद जगत ब्लाक में बुखार पर काबू नहीं हो रहा है। अब मूसाझाग के तालगांव में संक्रामक बुखार फैल गया है। चौबीस घंटे में यहां बुखार से दो लोगों की मौत हो गई। दो दर्जन से ज्यादा लोग बीमार हैं। गांव के लोग इससे दहशत में हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की 19 टीमें एक साथ जगत ब्लाक में कैंप कर रही हैं।
अगस्त के पहले सप्ताह में जगत ब्लाक के उपरैला गांव में बुखार से मौतों का सिलसिला शुरू हुआ। इसके बाद जगत ब्लाक के एक दर्जन से ज्यादा गांवों में बुखार फैल गया। अब ताल गांव में भी बुखार ने पैर पसार लिए हैं। गांव के सल्लन की 18 वर्षीय पुत्री रेशमा और मुश्ताक के नौ वर्षीय पुत्र हुजूर अहमद से बुखार से मौत हो गई। गांव में दो दर्जन से ज्यादा लोग बीमार हैं। अब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची है।