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Budaun News: कादरचौक से जुड़े हैं हरियाणा में हुई दो करोड़ की लूट के तार
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कादरचौक। हरियाणा के नूंह जिले के पिनगवां कस्बे में 27 दिसंबर की रात ज्वैलर्स की दुकान में हुई करीब दो करोड़ रुपये की लूट के मामले में कादरचौक इलाके के भी बदमाशों की सक्रियता उजागर हुई है। बदमाशों की तलाश में हरियाणा पुलिस की टीमें इलाके में लगातार दबिश दे रहीं हैं।
हरियाणा पुलिस के मुताबिक, पिनगवां कस्बे में नत्थीलाल व हरिओम की ज्वैलर्स की दुकान का शटर काटकर बदमाश अंदर घुसे थे। बदमाशों ने आभूषण और नकदी गठरियों में भरकर दुकान साफ कर दी और भाग गए। पूरी वारदात दुकान में लगे सीसी कैमरों में कैद हो गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच तेज की।
जांच में सामने आया है कि यह अंतरराज्यीय गिरोह लंबे समय से बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा जैसे राज्यों में बड़ी-बड़ी वारदातों को अंजाम देता रहा है। हरियाणा में यह उनकी पहली बड़ी वारदात बताई जा रही है। बदमाशों ने चोरी और लूट की घटनाओं से राजस्थान में भी बड़ी संपत्तियां खड़ी कर ली हैं।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरोह के सदस्य वारदात के बाद अक्सर उत्तर प्रदेश के ओरैया जनपद और बदायूं के कादरचौक थाना क्षेत्र के धनूपुरा व भोजपुर गांवों में शरण लेते हैं। बताया जा रहा है कि गिरोह का लीडर गांव के गरीब युवकों को लालच देकर अपने साथ जोड़ लेता है। इतना ही नहीं, गांव में ऐसे मुखबिर भी सक्रिय हैं जो स्थानीय पुलिस को गुमराह करते रहते हैं। पुलिस जिन लोगों को संभ्रांत और सामान्य नागरिक समझती रही, वही अंदरखाने गिरोह को संरक्षण देने का काम कर रहे हैं। इस मामले को लेकर हरियाणा पुलिस क्षेत्र में लगातार सक्रियता बनाए हुए है और संदिग्धों पर नजर रख रही है।
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हरियाणा पुलिस के मुताबिक, पिनगवां कस्बे में नत्थीलाल व हरिओम की ज्वैलर्स की दुकान का शटर काटकर बदमाश अंदर घुसे थे। बदमाशों ने आभूषण और नकदी गठरियों में भरकर दुकान साफ कर दी और भाग गए। पूरी वारदात दुकान में लगे सीसी कैमरों में कैद हो गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच तेज की।
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जांच में सामने आया है कि यह अंतरराज्यीय गिरोह लंबे समय से बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा जैसे राज्यों में बड़ी-बड़ी वारदातों को अंजाम देता रहा है। हरियाणा में यह उनकी पहली बड़ी वारदात बताई जा रही है। बदमाशों ने चोरी और लूट की घटनाओं से राजस्थान में भी बड़ी संपत्तियां खड़ी कर ली हैं।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरोह के सदस्य वारदात के बाद अक्सर उत्तर प्रदेश के ओरैया जनपद और बदायूं के कादरचौक थाना क्षेत्र के धनूपुरा व भोजपुर गांवों में शरण लेते हैं। बताया जा रहा है कि गिरोह का लीडर गांव के गरीब युवकों को लालच देकर अपने साथ जोड़ लेता है। इतना ही नहीं, गांव में ऐसे मुखबिर भी सक्रिय हैं जो स्थानीय पुलिस को गुमराह करते रहते हैं। पुलिस जिन लोगों को संभ्रांत और सामान्य नागरिक समझती रही, वही अंदरखाने गिरोह को संरक्षण देने का काम कर रहे हैं। इस मामले को लेकर हरियाणा पुलिस क्षेत्र में लगातार सक्रियता बनाए हुए है और संदिग्धों पर नजर रख रही है।